राष्ट्रीय ग्रीन एलायंस का गठन, इरोम शर्मिला करेंगी अगुवाई

बदलाव , , बुधवार , 04-07-2017


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। ऐसे दौर में जबकि पर्यावरण औ जलवायु संबंधी चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं और समय बीतने के साथ मामला खतरनाक रूप लेता जा रहा है। तब लौह महिला कही जाने वाली मणिपुर की इरोम शर्मिला समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए तमाम लोगों ने एकजुट होकर एक अनूठा प्रयोग करने का फैसला लिया है। इन लोगों ने राष्ट्रीय स्तर पर “राष्ट्रीय ग्रीन एलायंस’ बनाने का फैसला किया है।
सोमवार को इस मसले पर हुई दिल्ली में एक बैठक को संबोधित करते हुए शर्मिला ने कहा कि “मैं यहां ग्रीन एलायंस के विजन को समर्थन देने के साथ ही ग्रीन पालिटिक्स की अवधारणा और पर्यावरण के असली ज्ञान लेने आयी हूं क्योंकि आने वाले दिनों में यही जीवन की असली राजनीति होगी।”
इस मौके पर ग्रीन फोरम इंडिया के संयोजक सुरेश नौटियाल ने कहा कि एक पूरी पारिस्थितिकी को विकसित करने और एक आत्मघाती दौर में जिंदा रहने के विजन को विकसित करने के लिए विचार को कार्यरूप देने का समय आ गया है, जहां ग्रीन रियल्टी का निर्माण एक विजन से जुड़ गया है। नौटियाल ने कहा कि एक ऐसे समय में जबकि जलवायु परिवर्तन के साथ प्राकृतिक संसाधनों में तेजी से क्षरण हो रहा है ग्रीन के अलावा कोई दूसरी विचारधारा सहायक नहीं हो सकती है।

ग्रीन फोरम के कार्यक्रम में ईऱोम शर्मिला।

वाटर और कम्यूनिटी एक्टिविस्ट सिराज केसर ने कहा कि गांवों की स्थिति बहुत बदतर है। उन्होंने बताया कि वृद्ध दूसरी और तीसरी बार इसलिए शादी करते हैं क्योंकि परिवार के किसी सदस्य को दूर से पानी लाना होता है। इस तरह से एक पत्नी पानी लेने जाती है और दूसरी घर में अन्य घरेलू काम करती है। इसके अलावा कई लोगों ने पानी के अभाव के चलते आत्महत्या कर ली है। और वो अपने पीछे अनाथ बच्चे छोड़ गए हैं। 
पत्रकार और पूर्व ग्रीन पीस कार्यकर्ता प्रशांत टंडन ने कहा कि “जब मैंने लोगों को बताया कि मैं ग्रीन फोरम आफ इंडिया की ओर से आयोजित एक दिलचस्प कार्यक्रम में भाग लेने जा रहा हूं तो उन्होंने बेहद अचरज भरे लहजे में पूछा ‘क्या तुम पौधा लगाने जा रहे हो’?” उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि देश में असंगठित क्षेत्र 93 फीसदी हिस्से का निर्माण करता है और देश के जीडीपी में उसकी हिस्सेदारी 46 फीसदी की है।
इस मौके पर ग्रीन एलायंस की 21 सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया गया जिसमें पूरे देश से सदस्य शामिल हैं। इरोम शर्मिला को सर्वसम्मति से इसका अध्यक्ष चुना गया। जबकि अनिता नौटियाल उसकी कार्यकारी संयोजक होंगी। नौटियाल ने बताया कि “संविधान, घोषणापत्र और नीतियां ग्लोबल ग्रीन चार्टर 2001 के मुताबिक बनाई जाएंगी।”










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