अब बिहार में एक इमाम हुआ भीड़ हमले का शिकार

कहां आ गए हम... , गया, सोमवार , 17-07-2017


imam-junaid-muslim-attack-gaya-bihar

जनचौक स्टाफ

गया। प्रधानमंत्री कितनी भी अपील करें जमीन पर उसका कुछ असर होता नहीं दिख रहा है। मुसलमानों पर जगह-जगह हमलों का सिलसिला जारी है। अब तो किसी गाय या फिर बीफ का बहाना भी नहीं चाहिए। यहां तक कि कथित गौरक्षकों के भी पहल की जरूरत नहीं रही। चलते-फिरते लोगों पर खून सवार है। और भीड़ के साथ मिलकर वो हत्यारे बनने पर उतारू हैं। इसी तरह का एक नया मामला बिहार के गया में सामने आया है। यहां भी जुनैद जैसी घटना होते-होते बच गयी। एक इमाम पर चलती ट्रेन में लोगों ने हमला बोल दिया। इमाम को न केवल मारा-पीटा बल्कि उसे ट्रेन के डिब्बे से बाहर धकेल दिया।

एक अग्रेंजी न्यूज़ पोर्टल कारवां डेली के हवाले से आई खबर में बताया गया है कि पीड़ित गुलजार अहमद मूल रूप से भागलपुर का रहने वाला है और वो गया की एक मस्जिद में इमाम है। कल उसने गया से भागलपुर के लिए ट्रेन पकड़ी। पूरे वाकये को बयान करते हुए उन्होंने बताया कि “ जब मैं ट्रेन में चढ़ा तो पूरा डिब्बा खाली था। जैसे ही और यात्रियों का आना शुरू हुआ डिब्बे में भीड़ बढ़ गयी। ट्रेन चलने के तकरीबन एक घंटे बाद एक जवान आदमी मेरे पास आया और मुझे घूरते हुए उसने एकाएक इतनी ताकत से मेरा कॉलर पकड़ कर खींचा कि मैं गिर पड़ा। जैसे ही मैं गिरा दूसरों ने मारो-मारो कहकर चिल्लाना शुरू कर दिया।”  

इमाम गुलजार अहमद।

आगे उन्होंने बताया कि “बगल में चार से पांच महिलाएं बैठी थीं जिनको मुझ पर दया आ गयी और उन्होंने उन लोगों से मुझे छोड़ देने की अपील की। उनके कहने पर उन्होंने मुझे छोड़ दिया। लेकिन उसके बाद कुछ यात्रियों ने चिल्ला कर कहना शुरू किया कि ‘उसका मोबाइल छीन लो’, ‘उसके कपड़े फाड़ दो’। मैं पूरी तरह से शांत रहा और एक शब्द भी नहीं बोला। अगर मैंने कुछ कहा होता तो मेरा हाल जुनैद से भी बुरा होता। वहां तो एक छोटा समूह था जिसने जुनैद पर हमला किया था लेकिन यहां तो पूरी ट्रेन मुझे पीट-पीट कर मार डालती। प्रत्येक शख्स यही चिल्ला रहा था कि ‘एक मुस्लिम को सीट पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है। उसे यहां से बाहर निकालो। उस समय ट्रेन की गति बहुत धीमी थी। उन्होंने मेरा सामान बाहर फेंक दिया और उसके बाद मुझे इमरजेंसी गेट से बाहर धकेल दिया। उसके बाद मैं किसी तरीके से खिड़की को पकड़ते हुए उससे दो डिब्बा आगे दूसरे डिब्बे में चला गया।” 










Leave your comment