सचिन; ए बिलियन ड्रीम्स : दांव पर लगा महानायकत्व

बाइस्कोप , , बृहस्पतिवार , 25-05-2017


sachin-film-bolywood

लोकमित्र गौतम

इंतज़ार की घड़ियाँ खत्म और मुलाकातों, गुजारिशों व प्रार्थनाओं का दौर शुरू। जी,हाँ! इस क्रिकेट प्रेमी देश में भगवान का दर्ज़ा पाये सचिन रमेश तेंदुलकर, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ 100 शतक ही नहीं बनाये बल्कि अनगिनत किवदंतियां भी रची हैं, के सेल्युलाइड पर्दे पर अवतरण के अब महज कुछ घंटे ही बचे हैं। सचिन ने खुद अपने अनगिनत चाहने वालों को ट्वीट करके बताया है"हर कोई मुझसे जो सवाल पूछ रहा है उसका जवाब यह है कि आप अपने कैलेंडर पर निशान लगा लें- 26-05-2017", जी, हाँ इसी दिन सचिन तेंदुलकर के जीवन पर बनी फिल्म, 'सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स' रिलीज हो रही है।

'सचिन; ए बिलियन ड्रीम्स' फिल्म का पोस्टर

बिजनेस का सवाल

अनुमानों, अफवाहों और आशंकाओं को हवा देने का सिलसिला शुरू हो गया है। निर्माता कंपनी का भारी-भरकम अमला एक एक टिकट का हिसाब लगाना शुरू कर चुका है। सचिन के चाहने वालों को उकसाया, फुसलाया और ललकारा जा रहा है कि सचमुच के बाहुबली की कलेक्शन, पर्दे के बाहुबली (राजमौली की फिल्म बाहुबली-2 जिसने 1000 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया है) से ज्यादा होना चाहिए.

'भगवान' के लिए नया अनुभव

पिछले ढाई दशकों से सचिन के चाहने वाले न केवल देश के हर कोने में बल्कि दुनिया के हर कोने पर मौजूद हैं। लेकिन अबके पहले शायद ही उन्होंने कभी अपने चाहने वालों से गुजारिश की होगी कि वे टिकट खरीदकर उनका मैच देखने आयें जैसे आज वो अपनी फिल्म देखने के लिए अपने चाहने वालों से गुजारिश कर रहे हैं। यह उनके नए कार्य क्षेत्र की पुराने वाले से पहली बड़ी भिन्नता होगी। सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स उनके जीवन और क्रिकेट की 22 गज की पिच पर आकार लेने वाले तूफ़ान के इर्दगिर्द घूमेगी।

'सचिन; ए बिलियन ड्रीम्स' फिल्म का पोस्टर

असल फुटेज का प्रयोग

यह फिल्म कई वजहों से बॉलीवुड के इतिहास में भी तमाम नए अध्याय जोड़ेगी, भले फिल्म सफल रहे या असफल। इस फिल्म में तेंदुलकर के वास्तविक जीवन के फुटेज का इस्तेमाल किया गया है। अब के पहले बॉलीवुड की किसी भी फिल्म के बड़े हिस्से के रूप में ऐसा नहीं किया गया। जबकि इस फिल्म में करीब एक घंटे तक दर्शक फुटेज के तूफ़ान से घिरे रहेंगे। फिल्म का निर्देशन जेम्स अर्सकिन द्वारा और निर्माण रवि भगचंडका द्वारा कार्निवाल मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया गया है। इस फिल्म के जरिये सचिन 42 साल की उम्र में नायकत्व की नई पारी का आगाज कर रहे हैं। फिल्म कामयाबी का नया इतिहास रचेगी या पिच के महानायक को पर्दे में ध्वस्त करेगी यह तो जून के पहले हफ्ते में पता चलेगा, लेकिन जिस तरह फ़िल्म का पोस्टर (11 अप्रैल 2016 को ट्विटर पर) और टीजर (14 अप्रैल 2016) वायरल हुए थे, उससे फिल्म की कामयाबी की उम्मीद बंधती है।

बाहुबली का रिकार्ड तोड़ेंगे सचिन?

चूँकि आज के दौर की बड़ी फिल्मों के बजट को देखते हुए इस फिल्म की लागत करीब 30 करोड़ रूपये ही है तो इस बात की तो लगभग गारंटी ही है कि फिल्म की लागत आसानी से निकल आयेगी। मगर ट्रेंड पंडितों की असली जिज्ञासा यह जानने की है कि क्या सचिन वाकई राजमौली की कमाई का रिकार्ड तोड़ेंगे? यही सवाल खानों (शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान) की कमाई के संबंध में भी पूछा जा रहा है। वैसे फिल्म के निर्माता का दावा तो यही है कि मास्टर ब्लास्टर, बाहुबली-2 का रिकार्ड ध्वस्त कर देंगे। भगचंडका कहते हैं, असली बाहुबली (यानी सचिन) के सामने परदे के बाहुबली (यानी प्रभास) की क्या बिसात? मगर उनके इस दावे और तर्क को कोई भी गंभीरता से नहीं ले रहा। क्योंकि बाहुबली-2 जहाँ देश भर में 5000 प्रिंट्स के साथ रिलीज हुई हुई थी, वहीँ 'सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स' 1200 प्रिंट्स के साथ रिलीज हो रही है। बाहुबली-2 की लागत आयी थी 200 करोड़ रुपये जबकि सचिन की फिल्म इसके लगभग 1/7 की लागत पर बनी है। इसलिए प्रोडक्शन के स्तर पर तो बाहुबली-2 का कोई मुकाबला ही नहीं है।

'सचिन; ए बिलियन ड्रीम्स' फिल्म का पोस्टर

इंडस्ट्री को रिजल्ट का इंतज़ार  

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पर आधारित फिल्म 'सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स' का सिर्फ फैंस ही नहीं यह इंडस्ट्री भी बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रही है, क्योंकि इस फिल्म के बाद इस इंडस्ट्री के कई नए अध्याय लिखे जायेंगे और कई पुराने बदले जायेंगे। सबसे पहले तो क्या डोक्यू ड्रामा को दर्शक प्रोफाइल या फिक्शन फिल्म जैसे स्वीकार करेंगे? पिछले दिनों मुंबई में फिल्म का टाइटल सॉन्ग रिलीज करते हुए सचिन ने कहा था, “मेरी जिंदगी के तथ्य कब कहानी बन जाते हैं, मुझे इसका पता ही नहीं चलता।ये सच है अभी तक सचिन की जिंदगी के तमाम सचों को उनके फैंस कहानियों की तरह ही सुनते और समझते रहे हैं। लेकिन क्या दर्शकों की यह भावना या चाहत कारोबार में भी बदल सकती है? सचिन को लेकर उनके प्रशंसकों में जो प्यार और सम्मान है क्या उसे कोई फिल्म निर्माता अपने फायदे के लिए भी भुना सकता है? इतिहास में ऐसा पहले भी हुआ है और नहीं भी हुआ है। लेकिन इसके पहले की प्रोफाइल बेस्ड फ़िल्में चाहे वह अज़हर पर बनी हो, धोनी पर बनी हो, मैरी कॉम पर बनी हो या मिल्खा सिंह पर, ये फ़िल्में सीधे इन शख्सियतों की नहीं बल्कि इनका अभिनय करने वाले अभीनेताओं की फिल्म थीं। सचिन अपने जीवन पर बनी फिल्म के मुख्य अभिनेता भी हैं।

अभिनय का नया समीकरण

अज़हर, धोनी, मिल्खा, और मैरीकॉम पर बनी फ़िल्में एक किस्म से इमरान हाशमी, सुशांत सिंह, फरहान अख्तर या प्रियंका चोपड़ा की फिल्में थीं। लेकिन सचिन अपनी बायोपिक फिल्म में खुद ही खुद को रिप्रेजेंट कर रहे हैं। उनके साथ कोई और नहीं उनका अतीत दांव पर लगा है। इसलिए अगर फिल्म नहीं चलेगी तो सीधे सीधे यही लिखा जाएगा कि सचिन अब लोगों के दिल में बसने वाले क्रिकेट के भगवान नहीं रहे और अगर फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई तो लोग कहेंगे अब भी लोगों के दिलो-दिमाग पर सचिन का जादू बरकरार है।

एक और बड़ी बात होने जा रही है इस फिल्म के साथ, अगर फिल्म चल निकलती है तो तमाम महत्वपूर्ण विषय जो अभी तक महज डोक्यू हैं उनके ऊपर भी भविष्य में फिल्में बन सकती हैं जैसे भारत की आजादी की लड़ाई। जिसमें अनगिनत किरदार हैं लेकिन नायक है बस आजादी की चाह, साम्राज्यवाद से नफरत। अभी तक निर्माताओं को यह समझ में नहीं आ रहा कि इस विशद विषय को आखिर कथा में पिरोया कैसे जाए? सचिन की बायोपिक इसके लिए नया रास्ता निकालेगी। अगर दर्शकों ने सचिन के डॉक्यू ड्रामा संस्करण को स्वीकार कर लिया तो कई और फिल्मकार अब तक अमूर्त समझे जा रहे विषय फिल्म के रूप में पेश करने की सोच सकते हैं |

'सचिन; ए बिलियन ड्रीम्स' फिल्म का पोस्टर

दांव पर है एक्सपेरीमेंट 

इसलिए इस फिल्म के साथ सचिन की लोकप्रियता ही दांव पर नहीं लगी बल्कि कई किस्म के एक्सपेरीमेंट भी दांव पर लगे हैं। अपनी इस फिल्म में सचिन ने जिस तरह दिलचस्पी ली है और प्रचार का जिम्मा जिस तरह आमिर और शाहरुख खान की स्टाइल में संभाला है वह इस बात का भी संकेत है कि अगर फिल्म ने ठीक-ठाक बिजनेस किया तो फिर सचिन इस इंडस्ट्री में रुकने या कुछ दिन ठहरने की भी सोच सकते हैं। अगर फिल्म चली तो फिल्म निर्माताओं के पास समाज के लोकप्रिय लोगों को कैश कराने का एक नया खजाना हाथ लग जाएगा और आम दर्शकों को नया नशा मिल जाएगा। सचिन ने अपनी फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन में खूब दिलचस्पी ली है। उनकी हर समय पूरी कोशिश रही है कि यह उनकी जिंदगी की यादगार फिल्म बने। इसलिए उन्होंने चुन-चुनकर ऐसे लोकेशनों पर फिल्म को शूट कराया है जो उनके प्रशंसकों को बहुत पसंद आयेंगे। मगर इन तमाम अनुमानों की मुट्ठी से अंततः क्या निकलता है यह फिल्म की 10 दिन की परफोर्मेंस तय करेगी। अतः जून 2017 के पहले सप्ताह तक का आइये इंतजार करें। 










Leave your comment