सरकार बदली लेकिन नहीं बदला पुलिस का रवैया, छत्तीसगढ़ में जारी हैं खाकीवर्दी की रूह कंपा देने वाली करतूतें

ज़रा सोचिए... , , शनिवार , 05-01-2019


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हिमांशु कुमार

थाना बासागुडा बीजापुर जिला छत्तीसगढ़

आज से पन्द्रह दिन पहले का वाकया है 

तीन युवा लड़कियां साप्ताहिक बाज़ार जा रही थीं

जब ये लड़कियां थाने की सामने से गुज़र रही थीं

तभी सिपाहियों की नज़र इन लड़कियों पर पड़ी

सिपाही इन लड़कियों को थाने के भीतर खींच कर ले गये

आस-पास के आदिवासियों ने देखा और लड़कियों के परिवार को बताया

जब इन लड़कियों के परिवार के सदस्य थाने आये तो थानेदार ने हर एक लड़की को छोड़ने के लिए पच्चीस पच्चीस हज़ार रूपये मांगे

दो लड़कियों के परिवार वालों ने गाय बैल बेच कर पुलिस को पैसा दे दिया

लेकिन तीसरी लड़की के परिवार वाले इतने गरीब थे कि उनके पास गाय बैल भी नहीं थे

इसलिए तीसरी लड़की के परिवार वाले अपनी बेटी को छुड़वाने के लिए पुलिस को पैसा नहीं दे पाये

पुलिस ने तीसरी लड़की को नक्सली केस में फंसा कर जेल में डाल दिया

इस घटना के तीसरे दिन यानी 24 दिसम्बर को कोरसागुडा गांव से पुलिस और सुरक्षा बल पैंतीस आदिवासियों को खेतों से पकड़ कर लाये  

जब इन आदिवासी किसानों के परिवार के सदस्यों ने इन किसानों को छोड़ने की प्रार्थना की तो पुलिस ने हरेक आदिवासी को छोड़ने के लिए पन्द्रह हज़ार की फिरौती मांगी

बत्तीस किसानों के परिवारों ने पुलिस को पैसा दे दिया लेकिन तीन किसान बहुत गरीब थे इसलिए उनके परिवार उनकी रिहाई के लिए पुलिस को फिरौती की रकम नहीं दे सके

पुलिस ने तीनों किसानों को नक्सली बना कर जेल भेज दिया

कल सोनी सोरी, लिंगा कोड़ोपी और आदिवासी पत्रकार पुष्पा और नितिन रोकड़े कोरसागुडा गांव पहुंचे

वहां गांव वाले सोनी के सामने अपना दुखड़ा सुनाने जमा हो गये

एक आदिवासी महिला ने बताया कि तीन माह पहले वह महिला अपने घर के बरामदे में बैठी थी तभी वहां पुलिस और सुरक्षा बलों का दल आया

पुलिस के तीन सिपाहियों ने उस महिला को पकड़ा और खींच कर घर के भीतर ले गये और भीतर से दरवाज़ा बंद कर उस महिला को निर्वस्त्र कर उसके साथ बलात्कार किया

इस दौरान दस अन्य सिपाही भी आ गए

महिला ने सोनी को बताया कि सिपाहियों ने महिला के गुप्तांगों में अंगुलियां डाली और उसका वीडियो बनाया

इस दौरान उस महिला की सास और मां बाहर से दरवाज़ा पीट-पीट कर अपनी बेटी को छोड़ देने की गुहार करती रहीं

महिला गर्भवती थी उसे रक्तस्राव शुरू हो गया

अगले दिन जब महिला के परिवार वाले पीड़ित महिला को अस्पताल लेकर जा रहे थे तो पुलिस को पता चल गया

पुलिस अधिकारियों ने परिवार वालों को चेतावनी दी कि अस्पताल में अगर सच्चाई बताई तो पूरे परिवार को नक्सली बता कर जेल में ठूंस देंगे

छत्तीसगढ़ में अभी नई सरकार बनी है

मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम नक्सलियों से बात नहीं करेंगे बल्कि हम पीड़ितों से बात करेंगे

मुख्यमंत्री जी को हम पीड़ितों से बात करने का मौका दे रहे हैं

जाइए इन पीड़ितों से मिल लीजिये

हम गांधी के सत्याग्रही के रूप में पूरी सदिच्छा से आपके अगले कदम का इंतज़ार कर रहे हैं।

(हिमांशु कुमार गांधीवादी कार्यकर्ता हैं और आजकल हिमाचल प्रदेश में रहते हैं) 








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