आईपीएस एसोसिएशन ने लगाई प्रज्ञा को लताड़, कहा-करकरे ने दिया है देश के लिए सर्वोच्च बलिदान, करें सम्मान

बड़ी ख़बर , नई दिल्ली, शुक्रवार , 19-04-2019


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा एसोसिएशन ने भाजपा नेता प्रज्ञा ठाकुर द्वारा दिवंगत पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे को देश विरोधी बताए जाने और उनकी हत्या की वजह “श्राप” बताए जाने की भर्त्सना की है।

करकरे के बलिदान को याद करते हुए एसोसिएशन ने ट्विटर पर लिखा है, “अशोक चक्र हासिल करने वाले दिवंगत पुलिसकर्मी हेमंत करकरे ने आतंकवादियों से लड़ते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। हम सभी पुलिस कर्मी एक नेता द्वारा उनके बलिदान का अपमान करने वाले बयान की निंदा करते हैं।” इसके साथ ही पुलिस कर्मियों ने मांग की है कि हर हाल में शहादत का सम्मान किया जाना चाहिए।

इसके पहले मालेगांव बम धमाके की मुख्य आरोपी ने मुंबई 26/11 हमले में शहीद हुए तत्कालीन एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं।

उन्होंने कहा था कि “उन्होंने (हेमंत करकरे) मुझे ग़लत तरीके से फंसाया, मैंने उन्हें बताया था कि तुम्हारा पूरा वंश ख़त्म हो जाएगा, वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं।”

आज तक के मुताबिक एक सभा में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि “सुरक्षा आयोग के सदस्य और एक जांच अधिकारी ने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि साध्वी को छोड़ दो। लेकिन, हेमंत करकरे ने कहा कि मैं कुछ भी करूंगा लेकिन सबूत लाऊंगा और साध्वी को नहीं छोडूंगा।”

इसके बाद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि “ ये उसकी कुटिलता थी, ये देशद्रोह था धर्मविरूद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको ज़रूरत है तो जाइए।”

आगे ठाकुर ने कहा कि “मैंने उससे कहा था कि तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थी। जिस दिन मैं गयी तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आंतकियों ने मारा तो सूतक ख़त्म हुआ।”

बता दें कि हेमंत करकरे मालेगांव सीरियल ब्लास्ट केस की जांच कर रहे थे और वो मुंबई के 26/11 आतंकी हमले में शहीद हो गये थे।

भारतीय जनता पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया है।

26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में हेमंत करकरे की जान चली गई थी। इसके बाद उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र दिया गया। हेमंत करकरे 2008 में मालेगांव में हुए बम ब्लास्ट की जांच में भी शामिल थे। बम ब्लास्ट केस में प्रज्ञा ठाकुर जेल में बंद थी।  हाल ही में उसे स्वास्थ्य कारणों के मद्देनजर जमानत मिली है।



 








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Umesh Chandola :: - 04-19-2019
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