एमपी में ज्योतिषियों के हवाले सरकारी अस्पताल

एक नज़र इधर भी , भोपाल, सोमवार , 17-07-2017


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जनचौक ब्यूरो

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के अस्पतालों में ज्योतिषियों और भविष्यवक्ताओं को रखने की योजना बना रही है। ये ज्योतिषी और भविष्यवक्ता अस्पतालों के ओपीडी (वाह्य रोगी विभाग) में आने वाले मरीजों की विभिन्न समस्याओं और रोगों के निदान पर सलाह देंगे। इस तरह के अब राज्य के स्वास्थ्य महकमें की जो कमी व्यापम नहीं दूर कर पाया था उसे अब ज्योतिषी और भविष्यवक्ता पूरी करेंगे। भविष्यवक्ता और ज्योतिषी मरीजों को परामर्श देकर उन्हें चंगा करेंगे। राज्य सरकार इसके प्रति अति गंभीर है। योग्य ज्योतिषियों और भविष्यवक्ताओं के लिए भोपाल स्थित महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान से संपर्क किया गया है। यह संस्था भी राज्य सरकार के अधीन है।  

ज्योतिष, हस्तरेखाविद सब होंगे उपलब्ध

सूचना के मुताबिक सप्ताह में दो दिन तीन से चार घंटे अस्पताल में ज्योतिषियों, वास्तु विशेषज्ञों, हस्तरेखाविद और वैदिक कर्मकांड के जानकार उपस्थित रहेंगे। जो आने वाले आगंतुकों, मरीजों और शरीरिक-मानसिक रूप से परेशान व्यक्तिओं की कुंडली, हस्तरेखा, जीवनरेखा आदि का अध्ययन करके उन्हें परामर्श देंगे। यह ओपीडी योग केंद्र भवन में शुरू होगा जो भोपाल रेडक्रॉस भवन के पास स्थित है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक मध्य प्रदेश स्वास्थ्य सेवा के निदेशक पीआर तिवारी का कहना है कि, ‘‘इस भवन को हम केवल एस्ट्रो- आपीडी के लिए दे रहें है। इसमें किसी तरह की दवा का इस्तेमाल नहीं होगा।’’

 पीआर तिवारी कहते हैं कि जिस तरह से अस्पताल के ओपीडी में सीनियर चिकित्सकों की निगरानी में जूनियर डॉक्टर काम करते हैं,उसी अस्पताल में ज्योतिषी विशेषज्ञों की निगरानी में ज्योतिषी काम करेंगे। ये विशेषज्ञ तीन डिप्लोमा कोर्सेज (ज्योतिषी, वास्तुशास्त्र और पुरोहिती) के फेकल्टी हैं। संकाय सदस्य लंबे समय से तीन वार्षिक पाठ्यक्रम के तहत कई छात्रों को ज्योतिष शास्त्र सिखा रहे हैं अभी कुछ सप्ताह पहले ही इस पाठ्यक्रम में वास्तुशास्त्र और पुरोहिती को शामिल किया गया है। 

एक अस्पताल में ओपीडी की कतार। फाइल फोटो।

पुरोहिती को मिलेगा नया प्रमाण

तिवारी का कहना है कि ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और पुरोहिती में डिप्लोमा कोर्स कर रहे छात्रों को केवल ओपीडी में योग्य ज्योतिषियों के सहायकों के रूप में ही नहीं कार्य करना होगा, बल्कि शिक्षा के साथ ही उन्हें एस्ट्रो विशेषज्ञों के साथ ही विभिन्न प्रकार की समस्यायों के व्यवहारिक अध्ययन और एस्ट्रो आधारित समाधान का प्रशिक्षण मिल जाएगा। जिस तरह से मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों को प्रशिक्षण मिलता है। 

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक ऐसे रोगी जो अपनी समस्याओं का ज्योतिषीय निदान चाहते हैं उनकों पांच रुपये का पंजीकरण शुल्क अदा करना होगा। ऐसे रोगियों की समस्याओं का निदान (चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक स्तर) पर की जाएगी। मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हम ज्योतिषीय निदान के माध्यम से कोई भ्रम या अंधविश्वास नहीं फैला रहे हैं बल्कि गणनात्मक विज्ञान की स्थापना कर रहे हैं। ओपीडी में विशेषज्ञों की टीम रोगियों के प्रश्न और कुंडली के आधार पर ग्रहों का संयोजन और उसमें परिवर्तन का अध्ययन करेगा। इसके बाद रोगी के कुंडली के आधार पर समस्याओं का विश्लेषण करेगा। फिर रोगी के समस्याओं का निदान करेगा।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना    

इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल होने पर मध्य प्रदेश सरकार राज्य भर में चल रहे 138 संस्कृत स्कूलों में इसे लागू करेगी। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह कहते हैं कि,‘‘ राज्य में योग्य ज्योतिषियों और वास्तु विशेषज्ञों के एक पूल का निर्माण करने के लिए हम दो साल के डिप्लोमा कोर्स की शुरूआत करने जा रहे हैं। जिसमें संस्कृत स्कूलों को ज्योतिष, वास्तु और वैदिक कर्मकांड में वार्षिक डिप्लोमा कोर्स का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। अब 138 संस्कृत स्कूलों में उत्तर मध्यमा के जो छात्र (कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं के समकक्ष), में दाखिला लिए हैं उन्हें नियमित रूप से उत्तर मध्यमा पाठ्यक्रम के दो वर्षों में अतिरिक्त विषय के रूप में उक्त विषयों को डिप्लोमा कोर्स के रूप में अध्ययन कराया जाएगा।’’    

 










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Harish kumar :: - 05-01-2018
आदरणीय आपका संस्थान वास्तु शास्त्र में पत्राचार पाठ्यक्रम करवाता है क्या ? शुल्क आदि की जानकारी भी दें plz