छत्तीसगढ़ में रमन के राज में अब ज्ञापन सौंपना भी जुर्म! “आप” की दो महिला नेताओं को हुयी जेल

मुद्दा , रायपुर, शुक्रवार , 13-07-2018


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तामेश्वर सिन्हा

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देना आम आदमी पार्टी को महंगा पड़ गया। आप की छत्तीसगढ़ इकाई के खिलाफ दमन की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पार्टी की दो महिला पदाधिकारियों को जेल भेज दिया है। 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून महीने में रायपुर दौर के दौरान आप के नेताओं, पदाधिकारियों और विधानसभा प्रत्याशियों द्वारा उन्हें एक ज्ञापन सौंपने की कोशिश की गयी थी। लेकिन अब वही ज्ञापन उनके गले की फांस बन गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने पार्टी की प्रदेश इकाई के संयोजक डॉ. संकेत ठाकुर, सचिव उत्तम जायसवाल, तखतपुर प्रत्याशी अनिल सिंह, रायपुर दक्षिण प्रत्याशी मुन्ना बिसेन, रायपुर उत्तर प्रत्याशी योगेंद्र सेन, आरंग प्रत्याशी डॉगेश्वर भारती, पाटन प्रत्याशी दुर्गा झा सहित 14 पदाधिकारियों को 12 दिनों तक गैर जमानती धाराओं 147, 151, 186, 332, 353, 419 के तहत जेल में बंद रखा था। 

रायुपर जिला एवं सत्र न्यायालय से 25 जून को पार्टी के सभी पदाधिकारियों को जमानत मिल गई थी। 

प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की कोशिश पर सत्तासीन पार्टी के गुस्से का आलम यह है कि गुरुवार को दोबारा उसी मामले में पार्टी की महिला पदाधिकारियों को जेल भेज दिया गया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पाटन से पार्टी की प्रत्याशी घोषित की गईं दुर्गा झा और रायपुर उत्तर की महिला अध्यक्ष वर्णिता सिंदूरिया को बुधवार सुबह पुलिस ने माना थाने में बुलाया।

जब दोनों थाने पहुंचीं तो पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने की कोशिश करने के आरोप में अन्यायपूर्ण तरीके से दर्ज की गई आपराधिक धाराओं के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को पुलिस ने जानबूझकर दिन में डेढ़ बजे सीजीएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में दोनों ‘आप’ पदाधिकारियों के वकील रवि सोनी ने जमानत याचिका दाखिल की लेकिन उसे खारिज कर आनन—फानन में दोनों महिला नेताओं को जेल भेज दिया गया।

छत्तीसगढ़ आप के प्रदेश संयोजक डॉ. संकेत ठाकुर ने इस पर रोष जताते हुए कहा कि एक बार फिर दमन उभरकर आया है। प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने देने की बजाय जेल भेजने के मामले में हम 12 साथियों को जमानत मिली। जबकि उसी मामले में 2 महिला नेताओं को जमानत देने की बजाय जेल में डाल दिया गया । मीडिया को आप संयोजक ने बताया कि राजनीतिक विरोध के मामले में इस प्रकार की शत्रुतापूर्ण कार्रवाई इससे पहले कभी भारतीय राजनीति में देखने को नहीं मिली।

डॉ. रमन सिंह ने अपने दमनकारी शासन की धौंस दिखाने के लिए लोकतांत्रिक परंपराओं को बला—ए—ताक पर रखकर अपनी मनमानी शुरू कर दी है। स्पष्ट है कि इस प्रकार की दमनकारी कार्रवाई सीधे राज्य सरकार के दबाव में आप पार्टी को घुटने टेकने के लिए मजबूर करने की गरज से की गई है। एक राजनीतिक विरोधी को पूरी तरह कुचल देने पर आमादा डॉ. रमन सिंह की सरकार ने पुलिस पर दबाव बनाकर बदले की यह कार्रवाई की है।

(तामेश्वर सिन्हा पेशे से पत्रकार हैं और अपनी जमीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।)




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