दूध की कीमत खून से वसूलने का खेल

मुद्दा , , सोमवार , 01-05-2017


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जनचौक ब्यूरो

गुवाहाटी। देश भर में कथित गौरक्षकों द्वारा गाय की रक्षा के नाम खुलेआम तांडव जारी है। दिन प्रतिदिन गाय के बहाने और संदेह के आधार पर निरीह लोगों की हत्याओं का खेल चल रहा है। गाय या दूसरे पशुओं को ले जाते देखकर संदेह के आधार पर भीड़ लोगों पर टूट पड़ रही है और पीट-पीट कर उन्हें जान से मार दे रही है। ताजा मामला असम के नौगांव जिले का है। जहां ग्रामीणों ने गाय ले जाते दो व्यक्तियों का मीलों पीछा करके पकड़ा। भीड़ ने अनुमान लगाया कि निश्चित ही ये गाय को चोरी करके ले जा रहे हैं। इसके बाद काफी संख्या में एकत्र हुए लोगों ने उन दोनों पर हमला बोल दिया। हमले में दोनों व्यक्तियों को गंभीर चोटें आईं। जिसके बाद उनकी मौत हो गयी।    

मध्य असम के नौगांव जिले के पुलिस अधीक्षक देबराज उपाध्याय के अनुसार पुलिस ने सूचना मिलने के तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच कर दोनों व्यक्तियों को भीड़ से बचाने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों को भीड़ से बचा भी लिया, लेकिन गंभीर चोट होने के कारण अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गयी।  

पुलिसिया कहानी के मुताबिक अबू हनीफा (23) और रियाजुद्दीन अली (24)  रविवार दोपहर को गांव कस्मोरी में चारागाह में चर रही दो गायों को चुरा कर ले जा रहे थे। ग्रामीणों ने चारागाह से गायों को ले जाते हुए देखकर उनका पीछा किया। कुछ दूर बाद दोनों को पकड़ लिया गया। उसके बाद अंजाम सामने है। दोनों मृतक कस्मोरी गांव से महज दो किलोमीटर दूर के गांव नरमोरी जमतोला के रहने वाले थे। ऐसा नहीं है कि मृतक और भीड़ के बीच जान पहचान नहीं थी।  

फिलहाल, पुलिस का दावा है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों की पहचान का पता लगाने के लिए वीडियो फुटेज और अन्य सबूत इकट्ठा करने का प्रयास किया जा रहा है। शवों को पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के बाद परिवारों को सौंपा जा चुका है। 

इस मामले में भी पुलिस का रुख साफ नहीं है। स्वयं पुलिस का दावा है कि, ‘‘ पिछले कुछ दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में मवेशियों की चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं।’’

आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में, पूर्वोत्तर में कथित तौर पर मवेशियों के रक्षा के नाम पर आम लोगों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ीं हैं। जुलाई 2015 में, एक भीड़ ने गोलहाट जिले के राजनमती गांव में एक आदमी को मार दिया था। आरोप यह था कि वह चाय बागान से गाड़ी पर एक दर्जन से अधिक जानवरों को चुरा कर ले जा रहा था। अक्टूबर 2014 में, त्रिपुरा के सीमावर्ती गांव अखबरी में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को जानवार चोरी के संदेह में पीट पीट कर मार डाला गया था। 

 

 










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