कल गेंद-बल्ले से लड़ी जाएगी, बाजार-सियासत की ‘खूनी जंग’

ज़रा सोचिए... , , शनिवार , 17-06-2017


indo-pak-cricket-oval-war-border-army

लोकमित्र गौतम

वो विराट,वो धवनवो रोहित...कल इनकी ऐसी बजाओ की इनकी सात पुश्तें मुकाबला तो दूर कभी नजरें भी न मिला सकें।

                  -फेसबुक पर कोई बंदा हिंदुस्तानी

प्लीज कल हिंदुस्तान को धूल चटा दो हमारी ईद हो जायेगी।

                     -अमीरन शेख करांची, फेसबुक पर 

‘‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डक्रिकेट टीम भेजना प्लीज। पिछली बार हॉकी या खो-खो टीम भेजी थी। क्योंकि 18 जून को फादर्स डे है। बाप खेल रहा है तुम्हारे साथ।’’

                         -ट्विटर पर अभिनेता ऋषि कपूर

अच्छा ट्राय किया पोते। सेमीफाइनल में पहुंचना बड़ी कामयाबी। घर की ही बात है। फादर्स डे पर बेटे के साथ फाइनल है। मजाक को सीरियसली मत लियो बेटे।

                     -ट्विटर पर क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग

भारत और पाक के बीच मुकाबला

लंदन के ओवल में मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच कल लंदन के ओवल मैदान में होने जा रहे चैंपियंस ट्राफी-2017 के फाइनल मुकाबले के पहले माहौल कुछ ऐसा है जैसे दोनों देशों के खिलाड़ी कोई मैच खेलने न जा रहे हों बल्कि दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने जा रही हों। भारत और पाकिस्तान के बीच यूं तो प्रैक्टिस मैच भी दिल थामकर देखे जाते हैं। लेकिन इस बार मीडिया और सोशल मीडिया की बदौलत होने जा रहा चैंपियंस ट्राफी के फाइनल का मुकाबला तो पूरी तरह से खूनी जंग का रिहर्सल बन चुका है। इस मैच में मीडिया भी खेल रही है। यह संयोग भर नहीं है कि हिंदुस्तान के लगभग सभी बड़े न्यूज़ चैनलों ने इस मुकाबले को दिखाने के लिए बिल्कुल अलग किस्म की व्यवस्था की है। दर्जनों रिपोर्टरों को रातों-रात लंदन रवाना किया गया है। हर चैनल ने अपने स्टूडियो में मैच के दौरान खेल पर बातचीत करने के लिए विशेषज्ञों की टीम बनायी है और सुनिश्चित किया है कि इस टीम में जुमलों की बमबारी में माहिर कुछ विशेषज्ञ जरूर हों।

कुल मिलाकर इस मैच को लेकर जिस तरह का समां बांध दिया गया हैउसके चलते किसी के लिए खेल को महज खेल की तरह देखने और उस पर ईमानदारी से टिप्पणी करने की गुंजाइश नहीं बची है। अगर कोई संयोग से मुस्लिम है तब तो उसके लिए पाकिस्तान की टीम या किसी खिलाड़ी की तारीफ कर देना देशद्रोह से कम नहीं होगा। मैच के पहले तूफानी सन्नाटा है। हर तरफ से जो खामोश सांय-सांय सुनायी पड़ रही हैवह बेहद डरावनी है। इससे अंदाजा लगता है कि कल क्या-क्या होने जा रहा है। पर क्या इसमें क्रिकेट मैच भी होगायह एक ऐसा सवाल है जो क्रिकेट के प्रेमियों को आज भी परेशान कर रहा है और भविष्य में भी परेशान करता रहेगा। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में सिर्फ दूसरी बार ही आमने-सामने होने जा रहे हैंशायद इसलिए भी बाजार इस हाथ लगे मौके को भरपूर तरीके से भुनाना चाहता है।

सोशम मीडिया भी सक्रिय

सट्टा बाजार में गर्मी

यही वजह है कि इस मुकाबले की रौनक को सट्टा बाजार भी जमकर भुना रहा है। अगर मीडिया में आ रही रिपोर्टें सच हैं तो शनिवार यानी 17 मार्च 2017 की सुबह 10 बजे तक अकेले भारत में ही इस मुकाबले के लिए 2000 करोड़ रुपये का सट्टा लग चुका थाजबकि माना जा रहा है कि दुबईपाकिस्तान और खाड़ी के दूसरे सट्टा सेंटरों को मिलाकर करीब 10,000 करोड़ रुपये का सट्टा शुक्रवार की देर शाम तक ही लग चुका था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है इस हाई वोल्टेज मैच पर दुनिया का सट्टा बाजार किस कदर खेल रहा है। विभिन्न कारोबारी वेबसाइटों के एक साझे अनुमान के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के इस मुकाबले पर पूरी दुनिया में 25,000 से 30,000 करोड़ रुपये का सट्टा खेला जायेगा। सट्टा बाजार में भारत की जीत के लिए 1 रुपये पर 48 पैसे का भाव चल रहा है तो पाकिस्तान के लिए 1 रुपये पर 58 पैसे का भाव मतलब यह कि सट्टा बाजार में भारत की जीत की संभावनाएं ज्यादा हैं।

लेकिन दुनिया की तमाम जोखिम भरी पत्रकारीय रिपोर्टें तमाम बार इन सबका खुलासा कर चुकी हैं कि सट्टा बाजार सिर्फ अनुमानों के कौशल पर ही दांव नहीं लगाता बल्कि वह अपनी पसंद की हार और जीत भी तय करता है। वैसे भी चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में पाकिस्तान के पहुंचने पर पाकिस्तान के एक पूर्व टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी आमिर सुहैल ने फिक्सिंग का बम फोड़ा है। सुहैल के मुताबिक पाकिस्तान की क्रिकेट टीम अपने कौशल से नहीं बल्कि बाजार की योजना से फाइनल में पहुंची है। आमिर सुहैल ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के एक न्यूज़ चैनल पर खुल्लम-खुला की हैसाथ ही उन्होंने पाक टीम के कप्तान सरफराज अहमद को अपने पैर जमीन पर रखने की सलाह भी दी है।

युद्ध का माहौल

देश भर में युद्धोन्मादी माहौल

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले किसी भी मैच के लिए इस तरह का सनसनीखेज समां बंध जाना कोई अप्रत्याशित नहीं है। फिर भी कल के मैच के लिए जिस तरह से बाकायदा सोशल मीडिया और सियासी बयानों के जरिये युद्धोन्मादी माहौल बनाया गया हैवैसा माहौल अब के पहले शायद ही कभी बना हो। इसमें भारत-पाकिस्तान के सियासतदानों से लेकर सोशल मीडिया के सक्रिय असामाजिक तत्वों और कश्मीर में सक्रिय अलगाववादियों का भी भरपूर योगदान है। यह अकारण नहीं है कि इंग्लैंड पर पाकिस्तान की जीत के बाद कश्मीर घाटी में बधाईयों को सिलसिला शुरू हो जाता है। मीरवाइज उमर फारुख यह जानते हुए भी कि उनके तमाम फोन सर्विलांस पर हैंअलगाववादियों को जीत की बधाईयां देते हैं और इसके एवज में तमाम लोग सोशल मीडिया में ही सेना को इन लोगों को सबक सिखाने के लिए उकसाते हैं।

जीत के बीच खेल की हार

भारत और पाकिस्तान के बीच में जब भी कोई क्रिकेट मैच होता है वह छोटे-मोटे युद्ध में ही तब्दील हो जाता है। स्टूडियो में बैठकर सिर्फ नारेबाज राजनेता ही नहीं बल्कि उनकी चाल का शिकार होकर तमाम पूर्व खिलाड़ी भी गेंद और बल्ले की जगह गोलाबारूद से खेलने लगते हैं। चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में भारत के पहुंचते ही तमाम उन्मादी लोग क्रिकेट को भूलकर सोशल मीडिया में बाप-बेटा-पोता-दादा-परदादा के फिकरे उगलने लगे।

किसी ने खुद को टाइगर तो दूसरे को कुत्ता बना दियाकिसी ने अपने को शेर और दूसरे को भेंड़ बकरी बना दिया। कुल मिलाकर चारों तरफ एक प्रायोजित युद्ध का सनसनीखेज माहौल खड़ा हो गया है और हम सब न चाहते हुए भी इस युद्ध का हिस्सा बन गये हैं। ये तो शुक्र है कि अभी तक दोनों तरफ की सरकारों ने मैच के दिन बॉर्डर में सेनाओं के आमने-सामने तैनाती का ऐलान नहीं किया। लेकिन पारंपरिक और सोशल मीडिया में यह भी हो चुका है। दरअसल बाजार यही चाहता है क्योंकि जब भारत और पाकिस्तान किसी भी मैच में आमने-सामने होते हैं तो एक अदने से विज्ञापन को देखने के लिए भी टीवी के सामने अरब से ज्यादा आंखें मौजूद होती हैं। यही वजह है कि कल के मुकाबले में हर विकेट गिरने के बाद जो विज्ञापन दिखाएं जायेंगे उनकी प्रति सेकेंड कीमत भी 10 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है। हर चौके या छक्के के बाद जो विज्ञापन दिखाये जायेंगे उनकी कीमत हजारों करोड़ में पहुंच गई है। इसीलिए यह सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं रहाकारोबारी जंग का मैदान बन चुका है जहां कोई भी कुछ खोना नहीं चाहता। भले इससे क्रिकेट को बहुत कुछ खोना पड़े।

 (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल मुंबई और दिल्ली में रहते हैं।)










Leave your comment