“जगन्नाथ मिश्र को बेल, लालू को जेल; यही है मोदी का खेल”

मुद्दा , , शनिवार , 23-12-2017


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अखिलेश अखिल

तकरीबन वही हुआ जिसकी आशंका थी। बिहार के लोग कहते हैं कि जब तक लालू प्रसाद की राजनीति चलेगी, चारा घोटाला पीछा करता रहेगा। ऐसे में लालू प्रसाद को भी शनिवार के फैसले को लेकर पहले से ही इसका भान रहा होगा। आशंका सच में बदल गयी।  सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुनाया और लालू को दोषी करार देते हुए रांची जेल भेज दिया। अब लालू प्रसाद को क्या सजा मिलेगी कितनी सजा मिलेगी और कैसी सजा मिलेगी इस पर कोर्ट अपना निर्णय तीन जनवरी को सुनाएगी। तब तक लालू प्रसाद जेल में ही रहेंगे। उसके बाद ही वे सजा के खिलाफ ऊपरी कोर्ट में अपील कर पाएंगे। 

इधर लालू प्रसाद जेल गए, बिहार की राजनीति भी कुलांचे मारने लगी। पार्टियों के बीच मंथन होने लगा।  लड़ाई के बिगुल बजने लगे। राजद समर्थक तरह-तरह के ताने देने लगे तो विपक्ष कुछ ज्यादा ही हमलावर हो गया।  इसी बीच बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर राजनीति को और गरमा दिया है।  सिन्हा ने कहा कि ‘मैं प्रार्थना करता हूं कि देश के दोस्त, जनता के हीरो, दलितों-वंचितों के पसंदीदा, सिर्फ और सिर्फ लालू प्रसाद यादव को न्याय मिले। सत्यमेव जयते।’   

उधर,  आरजेडी नेताओं ने बीजेपी और नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।  रांची कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही लालू के खास आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद ने कहा कि जगन्नाथ मिश्रा को बेल, लालू को जेल यही है नरेंद्र मोदी का खेल।  उन्होंने कहा कि वो फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे और जनता के बीच लड़ाई लड़ते रहेंगे। 

रघुवंश प्रसाद ने कहा कि एक ही मामले में एक व्यक्ति की रिहाई और एक व्यक्ति को जेल ये कैसे हो सकता है? अगर लालू को सजा होगी तो जगन्नाथ मिश्र कैसे छूट सकते हैं?  ये कानून सम्मत नहीं है।  हम विचलित नहीं होने वाले हैं।  आरजेडी पहले से ही सड़क पर है। पार्टी एकजुट है और हम और आगे बढ़ेंगे। 

लालू को दोषी करार दिए जाने के चंद मिनटों के भीतर ही आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने दिल्ली में मोर्चा संभाला और कहा कि पिछड़ी जाति के होने के चलते लालू को जान बूझकर निशाना बनाया गया है।  झा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका में विश्वास है, लेकिन इस मामले में सीबीआई अभियोजन को अरेंज कर रही है। उनका कहना था कि उन्होंने इस मामले में सबूत उपलब्ध कराए लेकिन उन पर कोर्ट ने कोई ध्यान नहीं दिया।  झा ने कहा कि उनके पास सबूत हैं और वो हाईकोर्ट जाकर अपील करेंगे। 

मनोज झा ने कहा कि जहां तक सियासत की बात है, तो इस सत्ता को वो जानते हैं।  ये उनका काम करने का तरीका है।  सत्ता में बैठे लोग विपक्ष के साथ सौदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन असफल रहने पर उन्हें डराते हैं। आरजेडी प्रवक्ता ने कहा कि मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आपकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 

बता दें कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर चारा घोटाले के देवघर कोषागार केस में रांची की सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।  कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया है।  इसके अलावा ध्रुव भगत को भी बरी कर दिया गया है।  कुल 22 आरोपियों में से 6 लोगों को बरी किया गया है।  इनमें दो महिलाएं भी हैं। 

इस फैसले का बिहार की राजनीति पर भी असर पड़ता दिख रहा है। बदलाव के कुछ संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस के कुछ विधायक नीतीश कुमार और बीजेपी के नजदीक बताये जा रहे हैं तो लालू प्रसाद के भी कुछ विधायक पार्टी से निकलने की जुगत में लगे हुए हैं। 

(अखिलेश अखिल वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल दिल्ली में रहते हैं।)










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