नोटबंदी के खिलाफ 8 नवंबर को काला दिवस मनाने का ऐलान

मुद्दा , नई दिल्ली , मंगलवार , 24-10-2017


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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। विपक्ष ने 8 नवंबर, नोटबंदी की पहली बरसी को काला दिवस मनाने का ऐलान किया है। ये घोषणा आज राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में की। जिसमें जेडीयू नेता शरद यादव, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रेयन समेत कई दूसरे विपक्षी नेता मौजूद थे।

इस मौके पर आजाद ने नोटबंदी को जल्दबाजी में और गलत मंशा से लिया गया फैसला बताया। साथ ही उन्होंने इसे सदी का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया। संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “8 नवंबर को की गयी ये खास घोषणा सदी का सबसे बड़ा घोटाला है जिसकी वजह से हम लोग इसे काले दिवस के रूप में मना रहे हैं।” आगे उन्होंने कहा कि “कोई इसे सदी का घोटाला कह सकता है। सरकार के फैसले और इससे पैदा हुई लोगों की परेशानियों के खिलाफ 18 राजनीतिक दलों ने सारे राज्यों में विरोध-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। दुनिया में सरकार की नीतियों के चलते लोग कभी नहीं मरे थे।”

इसके पहले कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के नेतृत्व में नोटबंदी, आर्थिक मंदी और जीएसटी के लागू होने से आने वाली परेशानियों का विरोध करने के लिए विपक्षी नेताओं ने बैठक की थी। संसद भवन में होने वाली इस बैठक में ओ ब्रेयन, टीएमसी, शरद यादव,जेडीयू, डी राजा, सीपीआई, कनिमोझी, डीएमके, सतीश चंद्र मिश्र, बीएसपी आदि समन्वय समिति के सदस्य शामिल थे। 8 नवंबर को होने वाले इस विरोध-प्रदर्शन में कम से कम 18 राजनीतिक दल शामिल होंगे।

ऐसा माना जा रहा है कि विपक्ष में रहने वाली हर पार्टी इसमें हिस्सा लेगी। साथ ही इस कार्यक्रम का नाम अपनी क्षेत्रीय भाषा में रखने की छूट दी गयी है। ओ ब्रेयन ने कहा कि उनकी पार्टी 8 नवंबर को ‘कालो दिबस’ बुलाएगी। उनका कहना था कि 8 नवंबर को हुई इस घटना को आधुनिक भारत का इतिहास एक घोटाले के तौर पर याद करेगा। विपक्ष ने इस मसले पर ढेर सारे सवाल उठाए लेकिन सरकार किसी सवाल का जवाब नहीं दे सकी।










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