टाटा और अडानी को सुप्रीम कोर्ट से झटका

आप के वास्ते , , बृहस्पतिवार , 13-04-2017


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आदेश पुरोहित

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अडानी पावर और टाटा पावर जैसी बिजली बनाने वाली कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अडानी पावर और टाटा पावर जैसी बिजली कंपनियां ग्राहकों से कॉम्पेंसेट्री टैरिफ यानी क्षतिपूर्ति शुल्क नहीं वसूल सकती हैं। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के उस फैसले को भी खारिज कर दिया जिसमें उसने दोनों कंपनियों को इस बात की इजाजत दी थी कि वह उपभोक्ताओं से क्षतिपूर्ति शुल्क वसूल सकते हैं।

कंपनियों की दलील खारिज

ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच में कई याचिकाएं दायर की गई थीं। बिजली कंपनियों की तरफ से ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में कहा गया था कि रुपये की कीमत गिरने और इंडोनेशिया से आने वाला कोयला महंगा होने के कारण उनकी लागत बढ़ गई है। इसलिए उन्हें ज्यादा फीस वसूलने की अनुमति दी जाए।

ट्रिब्यूनल के फैसले को बदला

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के आदेश को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कोयले के दाम में बढ़ोत्तरी से कंपनियां अपने कॉन्ट्रैक्ट के नियमों का पालन करने से मुक्त नहीं हो जाती हैं। कोर्ट ने कहा कि चूंकि कंपनियों ने बिजली वितरण के लिए बोली पेश करते समय जान बूझकर जोखिम लिया था इसलिए अब वो कॉन्ट्रैक्ट के दायित्वों से पीछे नहीं हट सकतीं।

कंपनियों को चेतावनी

कोर्ट ने यह भी कहा कि बिजली वितरण कंपनियों के साथ किए गए बिजली खरीद समझौते में जो मूल बात है उसे बदला नहीं जा सकता है। समझौते में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि कोयले का आयात केवल इंडोनेशिया से ही एक खास दाम पर किया जाना है। इस आदेश के बाद देश के पांच राज्यों गुजरातपंजाबमहाराष्ट्र,राजस्थान और हरियाणा में अब ये कंपनियां बिजली के टैरिफ में बढ़ोतरी नहीं कर पाएंगी। जिसका सीधा लाभ इन राज्यों के उपभोक्ताओं को होगा।

 

 










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