Tuesday, August 9, 2022

बादल सरोज

उत्तर प्रदेश के हालात देख कर धूमिल याद आ रहे हैं! 

बनारस और बरेली सहित उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में थोक के भाव एवीएम मशीनें और कोरे डाक-मतपत्र इधर से उधर किये जाने की आपराधिक हरकतों के लाइव वीडियो सामने आ रहे हैं। इन वीडियो के सामने आने के...

गुजरात नरसंहार की बीसवीं बरसी को भूलना खतरनाक है

जिस समय ये पंक्तियाँ लिखी जा रही हैं बीस साल पहले उन दिनों गुजरात धधक रहा था। ताजे इतिहास का सबसे भीषण नरसंहार। गुजरात में 2002 में हुयी सांप्रदायिक हिंसक बर्बरता की यह 20वीं बरसी है। इस बार पर...

चंबल के कार्पोरेटीकरण के खिलाफ आंदोलन की तैयारी

अटल प्रोग्रेस वे के नाम पर कोई 404 किलोमीटर लंबी “उत्कृष्ट सड़क" के निर्माण का काम प्रस्तावित है। यह सड़क मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में अटेर से शुरू होगी और मुरैना से गुजरते हुए श्योपुर कलां होकर कोटा तक...

क्यों किया जा रहा, अंबानी- अडानी की पूजा का आह्वान ?

राज्यसभा में भाजपा के सांसद के. जे. एल्फोन्स साहब ने अम्बानी और अडानी की पूजा करने का आह्वान किया है। वे देश में रिकॉर्ड तोड़ती बेरोजगारी पर संसद में हुई बहस में हिस्सा लेते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा...

मध्यप्रदेश  के मधुबन में नफरत की ताड़का नाचे रे !!

हिजाब के नाम पर कर्नाटक से भाजपा की साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की अगली लहर जिस बेहिसाब तरीके से बेहिजाब हुई इसे देश ही नहीं सारी दुनिया ने देखा है। इस बेतुके और बेहूदे मुद्दे को ऐन यूपी चुनाव के पहले...

फासिस्टी मनोरोग के एप्प्स : बुल्लीबाई और सुल्ली डील्स

नए साल की शुरुआत हिन्दुस्तानी फासिस्टों के एक और घिनौने कर्म के उजागर होने के साथ हुयी। जनवरी की पहली तारीख को ही सोशल मीडिया के जरिये जहरीले काम कर रहा "बुल्ली बाई" एप्प पकड़ा गया।  यह अपराध तब सामने...

हरिद्वार वाया चंपावत; बेनकाब होता हिन्दुत्व

हरिद्वार के अधर्म हिन्दुत्वी जमावड़े में जो हुआ और भिन्न तीव्रता के साथ जिसे छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुयी ऐसी एक शोर भरी जमावट में दोहराया गया वह आजाद भारत में अभूतपूर्व और असाधारण बात है। हरिद्वार में "उनकी...

हिन्दुत्व की काशी करवट

बनारस में पूरी धजा में था हिंदुत्व। डूबता, उड़ता, तैरता, तिरता, घंटे-घड़ियाल बजाता, शंखध्वनियों में मुण्डी हिलाता, दीपज्योतियों में कैमरों को निहारता, झमाझम रोशनी में भोग लगाता खुद पर खुद ही परसादी चढ़ाता, रातबिरात घूमता; पूरी आत्ममुग्ध धजा में...

65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक हैं बाबा साहेब

1956 में आज ही के दिन - 6 दिसंबर को - नहीं रहे थे बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर ; मगर कमाल ही है उनका व्यक्तित्व और कृतित्व, जिसके चलते वे आज साढ़े छः दशक बाद भी न सिर्फ...

मुनव्वर से बरास्ते वीर दास, कुणाल तक गहरे होते अंधेरे से मुक़ाबिल उजाले

पिछले सात साल में दो मामलों में मार्के का विकास हुआ है। एक ; मोदी राज की उमर बढ़ी है, बढ़कर दूसरे कार्यकाल का भी आधा पूरा कर चुकी है। दो ; रचनात्मकता को कुचल देने और सर्जनात्मकता को...

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बिहार में सियासत करवट लेने को बेताब

बिहार में बीजेपी-जेडीयू की सरकार का दम उखड़ने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस दमघोंटू वातावरण से निकलने को...