Tuesday, October 4, 2022

सड़क पर उतरीं तीन मांएं, अपने बेटों के लिए मांगा इंसाफ

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जनचौक ब्यूरो

नई दिल्ली। जेएनयू के छात्र नजीब की गुमशुदगी के खिलाफ सोमवार को दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर नजीब की मां ने कहा कि वो अपनी लड़ाई जारी रखेंगी और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगी। प्रदर्शन में तमाम वामपंथी दलों और संगठनों के नेता शामिल थे। इसके साथ ही रोहित वेमुला की मां और जुनैद के परिजन भी शामिल हुए। कार्यक्रम यूनाइटेड अगेंस्ट हेट के बैनर तले आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में नजीब की मां फातिमा नफीस, रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला और जुनैद की मां सायरा बेगम मौजूद थीं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने नजीब के केस को बंद कर दिया है। उनकी मां फातिमा नफीस एजेंसी के इस रुख से बेहद खफा हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने अपनी जिम्मेदारी नहीं नभाई। पीटीआई के हवाले से आयी सूचना के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि नजीब अहमद को खोजने की तमाम कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद सीबीआई ने केस को बंद करने का फैसला लिया। इस मामले में सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट से इजाजत लेने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल की है। अदालत इस मामले पर अगली सुनवाई 29 नवंबर को करेगी।

नजीब 14 अक्तूबर, 2016 से लापता हैं। 14 अक्तूबर की रात को जेएनयू के माही मांडवी हास्टल में कुछ छात्रों के बीच झड़प हुई थी। उसके बाद से नजीब का कोई पता नहीं चल रहा है।

नजीब की मां फातिमा ने कहा कि ‘सीबीआई ने कोर्ट को गुमराह किया है। वॉर्डन और सिक्योरिटी के बयान कोर्ट को नहीं बताए गए हैं। तमाम एजेंसियों ने कोर्ट का समय ख़राब किया है। जांच एजेंसी ने किसी दबाव में अपना काम सही तरीके से नहीं किया है।”

उन्होंने कहा कि ”मेरे पास 20-21 प्रत्यक्षदर्शी हैं जिन्होंने नजीब को एबीवीपी के गुंडों से बचाया था। वॉर्डन इस घटना के गवाह हैं जिन्होंने लिखित में बयान दिया है कि मुझे भी चोट लगी है नजीब को बचाने में।”

सरकार और एजेंसी के लापरवाही भरे रवैये से लोगों में बहुत नाराजगी है। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की राष्ट्रीव सचिव कविता कृष्णन ने जमकर सरकार की घेरेबंदी की। उन्होंने कहा कि सब कुछ सरकार के इशारे पर हो रहा है। और अगर सरकार चाहती तो नजीब हम लोगों के सामने होते।

प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में लोग शामिल थे। मंडी हाउस से निकला ये मार्च संसद मार्ग तक गया और फिर वहीं सभा में तब्दील हो गया। मार्च में ज्यादातर लोगों ने अपने हाथों में प्लेकार्ड ले रखे थे। उन सब पर नजीब की गुमशुदगी से जुड़े नारे लिखे हुए थे। इस पूरे मामले में सीबीआई के रवैये को लेकर हर कोई चकित है। सभा में सीपीआई की एनी राजा, जुनैद की मां और ढेर सारे लोगों ने अपनी बातें रखीं। 

(वीडियो साभार-नेशलन दस्तक)

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