Saturday, August 13, 2022

बाइडेन और जिनपिंग के बीच हुई 90 मिनट की फोनवार्ता

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मानवाधिकार, व्यापार, क्लाइमेट चेंज व कुछ अन्य मसलों को छोड़, जो बाइडेन ने शी जिनपिंग से डेढ़ घंटे फोन पर बात की है। संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति निर्वाचित होने के सात महीने बाद जो बाइडेन (Joe Biden) ने चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के साथ फोन पर बात की। राष्ट्रपति जो बाइडेन और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच आज सुबह क़रीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई है।

बाइडेन और जिनपिंग के बीच फोन कॉल की पुष्टि व्‍हाइट हाउस द्वारा जारी स्टेटमेंट में किया गया है। 

वहीं चीन के सरकारी मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की है। चीनी मीडिया के मुताबिक दोनों नेताओं ने दूसरी बार फोन पर बात की है। जो बाइडेन ने इससे पहले इस साल जब जनवरी में सत्‍ता संभाली थी तो जिनपिंग के साथ फोन पर बात की थी। चीनी मीडिया का कहना है कि दोनों पक्ष इस बात पर रजामंद हुए हैं कि वो आपसी संपर्क बरकरार रखेंगे। 

 गौरतलब है कि चीन ने अफ़ग़ानिस्‍तान में तालिबान की सरकार को समर्थन किया है और कल ही चीन की तरफ से अफ़ग़ानिस्‍तान के लिए 31 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान भी किया गया है। 

व्‍हाइट हाउस के मुताबिक़ इस फोनवार्ता के जरिये अमेरिका और चीन के संबंधों पर ध्‍यान देने की कोशिश की गई है। दोनों नेताओं के बीच फोन-वार्ता में आपसी हितों वाले क्षेत्रों के अलावा आदर्श और भावी रिश्‍तों को लेकर भी चर्चा हुई है। 

यह फोन कॉल ऐसे मौके पर हुई है जब दोनों देशों के बीच कोरोना वायरस महामारी को लेकर तनाव की स्थिति है। इसके साथ ही व्यापार, मानवाधिकार और कई मुद्दों पर अभी भी दोनों देशों के बीच तनातनी बनी हुई है। 

व्‍हाइट हाउस अधिकारी के मुताबिक बाइडेन ने जिनपिंग को स्‍पष्‍ट कर दिया है कि चीन पर मानवाधिकार के मुद्दों को लेकर दबाव डालने वाली नीति से पीछे हटने का उनके प्रशासन का कोई इरादा नहीं है। और संयुक्त राज्य अमेरिका मानता है कि कुछ और क्षेत्र हैं जहां पर चीन अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के दायरे से बाहर जाकर काम कर रहा है। इसी के साथ जिनपिंग ने भी कह दिया कि चीन और अमेरिका के बीच रिशों में चीन को लेकर अमेरिका की नीति सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।

वहीं पिछले सप्ताह ही चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के क्‍लाइमेट चेंज पर बने खास दूत जॉन कैरी को चेतावनी दी थी कि अमेरिका-चीन के रिश्‍ते क्‍लाइमेट चेंज पर कोशिशों को प्रभावित कर रहे हैं। 

अभी कल ही चीनी राष्ट्रपति ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुये थे। भारत की मेजबानी में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन,  दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने भाग लिया था। ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) समूह में दुनिया के पांच सबसे बड़े विकासशील देश शामिल हैं जो वैश्विक आबादी का 41 %, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 24 % और वैश्विक व्यापार का 16 % प्रतिनिधित्व करता है। 

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