Tuesday, December 6, 2022

राहुल गांधी को अडानी-अंबानी से एतराज नहीं, क्रोनी पूंजीवाद पर है आपत्ति

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मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में गौतम अडानी ने राजस्‍थान में 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। एक ओर राहुल गाँधी द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी सरकार पर सूटबूट की सरकार, ‘हम दो, हमारे दो की सरकार’ और दो कार्पोरेट्स की सरकार कह कर लगातार घेरने की रणनीति रही है दूसरी ओर कांग्रेस शासित राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों द्वारा अडानी ग्रुप को अत्यधिक महत्व देना आम जन को समझ में नहीं आ रहा है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर निकले राहुल गांधी ने कहा है कि गहलोत ने अडानी को ‘आउट ऑफ द वे’ जाकर फायदा नहीं पहुंचाया।

राहुल ने कहा कि उनकी पोजीशन ‘मोनोपॉली’ के खिलाफ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मेरा विरोध इस बात का है कि बीजेपी की सरकार दो-तीन लोगों को हिंदुस्‍तान के सब कारोबार में एकाधिकार स्‍थापित करने दे रही है। मैं इसके खिलाफ हूं।’मैं न बिजनस के खिलाफ हूं, न कॉर्पोरेट्स के खिलाफ हूं। मैं कॉन्‍सनट्रेशन ऑफ कैपिटल (पूंजी के केंद्रीकरण) के खिलाफ हूं ।लेकिन उनकी बात आम जन के मध्य और निचले तबके तक पहुँच पाएगी यह लाख टके का सवाल है।

दरअसल अडानी ग्रुप ने कांग्रेस शासित राजस्‍थान में निवेश का ऐलान किया है। जयपुर में राजस्थान निवेश सम्मेलन में मंच पर सीएम अशोक गहलोत और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी साथ-साथ नजर आए। कांग्रेस लगातार भाजपा नीत केंद्र सरकार पर अडानी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाती रही है। ऐसे में गहलोत संग अडानी की तस्‍वीरों पर पलटवार करने से बीजेपी भी नहीं चूकी।

शनिवार को कर्नाटक में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर निकले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से इस बारे में सवाल हुआ। पहले तो कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सवाल टालने की कोशिश की, पर राहुल ने जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि मिस्‍टर अडानी ने राजस्‍थान के सामने 60,000 करोड़ रुपये का प्रस्‍ताव दिया, कोई मुख्‍यमंत्री ऐसे प्रस्‍ताव से इनकार नहीं करेगा। राजस्‍थान सीएम ने अडानी को कोई तरजीह नहीं दी, न ही उनके (गौतम अडानी) कारोबार में मदद के लिए अपनी राजनीतिक ताकत का इस्‍तेमाल किया।

राहुल ने कहा कि अगर पूरी की पूरी राजनीतिक ताकत गलत तरीके से दो-तीन लोगों की मदद करने में लग जाए तो इससे हिंदुस्‍तान का नुकसान है। अगर राजस्‍थान की सरकार ने अडानी जी को गलत तरीके से बिजनस दिया तो मैं उसके बिल्‍कुल खिलाफ हूं। मैं खड़ा हो जाऊंगा, मगर अगर निष्‍पक्षता से दिया है तो मुझे कोई प्रॉब्‍लम नहीं है।

अडानी समूह राजस्थान में अगले 5-7 साल में रीन्यूएबल एनर्जी समेत विभिन्न सेक्टरों में 65,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने शुक्रवार को राजस्थान निवेश सम्मेलन में यह घोषणा की। इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 40,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश 10,000 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्रोजेक्ट, सीमेंट प्लांट का विस्तार करने और जयपुर एयरपोर्ट को अपग्रेड करने पर होगा। इसमें 50,000 करोड़ रुपये निवेश किए जा रहे हैं।

राज्य में हाइब्रिड परियोजना (पवन और सौर) का कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके अलावा, सीमेंट विनिर्माण क्षमता को दोगुना करने के लिए 7,000 करोड़ रुपये निवेश की योजना है। उल्लेखनीय है कि अडानी समूह ने हाल में अंबुजा सीमेंट और एसीसी का अधिग्रहण भी किया है।

‘इनवेस्ट राजस्थान समिट’ में गौतम अडानी के आने को लेकर भाजपा नेताओं के सवाल उठाने पर सयासी वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी नेताओं पर पलटवार किया, इसके बाद राहुल गांधी भी गहलोत का समर्थन करते दिखे।

गौतम अडानी को लेकर भाजपा की बयानबाजी पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि गौतम अडानी हों या कोई भी अडानी हों, अंबानी हों। अमित शाह के लड़के जय शाह हों या कोई और, जो भी इंडस्ट्री के लोग हैं, हम यहां पर सबका स्वागत करेंगे। हमें तो रोजगार चाहिए, इंवेस्टमेंट चाहिए।

गहलोत ने कहा कि मुझे ये समझ नहीं आया कि भाजपा ने इस कार्यक्रम का विरोध क्यों किया? आप अशोक गहलोत का विरोध करिए, कांग्रेस का विरोध करिए पर राजस्थान के युवाओं के भविष्य के मौकों का विरोध क्यों कर रहे हैं? क्या राजस्थान भाजपा हमारे इतने विरोध में आ गई है कि वह प्रदेश के सुनहरे भविष्य के लिए हो रहे कामों का भी विरोध करेगी?

क्या भाजपा अब गहलोत का विरोध करते-करते राजस्थान का ही विरोध करने पर उतारू हो गई है? राजीव गांधी के समय इन्होंने कंप्यूटर का विरोध बैलगाड़ी से चलकर किया था। आज पूरा प्रदेश देख रहा है कि निवेश और नौकरियों का विरोध कर भाजपा राजस्थान का अहित करने का प्रयास कर रही है।

राजस्थान में करीब 11 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव आए हैं। इससे साफ है कि प्रदेश की छवि बदली है। अब इंवेस्टमेंट फ्रेंडली डेस्टिनेशन की छवि बनी है। इसके साथ ही अलग-अलग बिजनेसमैन ने इन प्रस्तावों के इतर सोशल कमिटमेंट भी किए हैं। इनवेस्टमेंट राजस्थान से करीब 10 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। इस कार्यक्रम में सिर्फ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग और लेटर ऑफ इंटरेस्ट साइन ही नहीं हुए बल्कि करीब 40% प्रोजेक्ट अगले स्टेज में पहुंच गए हैं। देश-दुनिया के बिजनेसमैन यहां आए और यहां मिले सम्मान से अभिभूत दिखे। इन्वेस्ट राजस्थान समिट के माध्यम से इंडस्ट्रियलिस्ट को राजस्थान आने का न्योता दिया गया है।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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