Sunday, August 14, 2022

प्रयागराज: पैसे और कंबल का लालच देकर मोदी की रैली में लाई गईं महिलाएं, विपक्षी नेताओं को पुलिस ने किया डिटेन

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प्रयागराज। चुनावी मौसम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जगह-जगह सभायें करते फिर रहे हैं। इसी कड़ी में आज वो इलाहाबाद (प्रयागराज) पहुंचे। जहां उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संबोधित किया।

कल तक लाल रंग की टोपी से ख़ौफ़ खाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज के आज के कार्यक्रम में काले कपड़े पहनकर आने वालों को रोक दिया गया। काले वस्त्र धारण करने वालों को सभा में जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें वापस लौटा दिया गया। ठंड के महीने में जो औरतें काला जैकेट या काला स्वेटर पहनकर आई थीं उन्हें अपना जैकेट और स्वेटर जमा करवाकर जाना पड़ा। इसके चलते कई नाकों पर पुलिस से लोगों की कहा सुनी भी हुई। 

महिलाओं को कंबल और पैसे का लालच देकर बुलाया गया

प्रयागराज की मातृ शक्ति कर्याक्रम में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी क़रीब ढाई लाख महिलाओं को शामिल करने का टारगेट रखा गया था। इस टारगेट को पूरा करने के लिये हर जिले के तमाम गांवों में पिछले एक सप्ताह से ये बातें सर्कुलेट की जा रही थीं कि मोदी की रैली में शामिल होने पर हर महिला को एक ऊनी कंबल और 500 रुपये दिये जायेंगे। 

पिछले कई दिनों से लगातार अख़बारों और अन्य माध्यमों से प्रचार किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के खाते में पैसा भेजेंगे। इस तरह विज्ञापन देकर प्रयागराज की रैली के लिये प्रदेश के सभी 75 जिलों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लुभाया गया फिर इसके अलावा गांव-गांव में बस और पिकअप वैन भेजकर महिलाओं को प्रयागराज के परेड ग्राउंड तक ले जाया गया।

पूजा शुक्ला जिला जौनपुर बताती हैं कि ब्लॉक में फोटो देकर पास बनवाया। फिर बस लेने आई। उन्हें समूह की अन्य महिलाओं के द्वारा मालूम हुआ कि समूह की महिलाओं को एक कंबल और 500 रुपये रैली में आने पर मिलेगा।   

इलाहाबाद जिला के फूलपुर तहसील की उर्मिला पटेल बताती हैं कि वो पिछले कई सालों से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। आज की रैली से एक सप्ताह पहले तमाम गांवों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की एक जगह मीटिंग हुई थी। उस मीटिंग में स्वयं सहायता समूह के ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों ने हमें बताया गया था कि 21 दिसंबर को मोदी की रैली में चलना है।

उर्मिला बताती हैं कि मोदी की रैली के पहले कुछ लोग गांव में ही आये थे। उन्हीं लोगों ने रैली में जाने वाली महिलाओं को ब्लॉक जाकर पास बनवाने के लिये कहा था। सखी ने हम सबका पास बनवाया। हमें बताया गया था रैली वाले दिन अलसुबह ही बस लेने आयेगी। उर्मिला बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह में सबको यह बात मालूम थी कि एक कंबल और 500 रुपये रैली में मिलेंगे। लेकिन रैली में जाकर पता चला कि पैसे खाते में आयेंगे और कंबल एक जुमला था।   

 रैली के लिये 2 लाख 53 हजार महिलाओं को जुटाने का था टारगेट 

 प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से दो लाख 53 हजार से अधिक महिलायें शामिल कराने का टारगेट रखा गया था। दूर दराज के जिलों के गांवों से आने वाली महिलाओं को लिये 92 स्कूल चिह्नित किये गये थे। ये सभी स्कूल 20 से 22 दिसंबर के बीच प्रशासन के क़ब्जे में रहे। संबंधित स्कूल प्रबंधन को इस बाबत पत्र लिखा गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिसंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्कूलों तथा ब्लॉक मुख्यालयों में ठहराया गया। इसके लिए जिले के 92 स्कूल चिह्नित किए गए थे। बीजेपी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश की। गांवों से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लाने की जिम्मेदारी तक निभाई। मुख्यमंत्री योगी ने खुद तैयारियों का जायजा लिया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तो 18 दिसंबर से ही प्रयागराज में कैंप किए रहे। 75 जनपदों से महिलाओं को बसों में कार्यक्रम स्थल पर लाया गया । पूरे राज्य में आठ हजार सरकारी गैर सरकारी बसों को ढाई लाख महिलाओं को प्रयागराज लाने के लिये लगाया गया। साठ हजार महिलाओं को तो एक दिन पहले ही प्रयागराज लाकर ठहरा दिया गया था। 

विपक्षी दलों के स्थानीय नेताओं को किया गया नज़रबंद

मोदी की रैली से एक दिन पहले ही शहर में जाने वाली तमाम गाड़ियों और सार्वजनिक साधनों को रोक दिया गया या फिर उनका रूट डायवर्ट कर दिया गया। इससे आम जनों को होने वाली दिक्कत की भी परवाह नहीं की गई। वहीं किसी संभावित विरोध या काला झंडा, या नारेबाजी से बचने के लिये इलाहाबाद शहर के सभी स्थानीय सपा, माले और कांग्रेस के छात्र नेताओं को उनके घरों में नज़रबंद कर दिया गया।

इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्या ने आज दोपहर में अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट करके जानकारी दी कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। 

समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष सौरभ यादव ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखकर जानकारी साझा किया कि पुलिस उनके राजापुर स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर न निकलने को कहा। सौरभ यादव ने आगे बताया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री को समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपने की बात कही थी इसीलिये उन्हें नज़रबंद किया गया।

वहीं कांग्रेस नेता हसीब अहमद ने भी फेसबुक पर पोस्ट लिखकर बताया कि वह पार्टी की बैठक के संबंध में लखनऊ में हैं लेकिन पुलिस दो बार उनके इलाहाबाद स्थित घर पर जाकर उनके बारे में पूछताछ कर चुकी है।

 जोंटी यादव बताते हैं कि पुलिस ने उन्हें उनके धूमनगंज स्थित घर से न निकलने का आदेश दिया है।

ये तो कुछ लोगों के नाम हैं। ऐसे सैंकड़ों युवा छात्र नेता हैं जो मोदी की रैली के एक दिन पहले से ही अपने घरों में नज़रबंद कर दिये गये। इनमें से कई के घर पर भी पुलिस पहुंची और उनके बारे में जानकारी हासिल की।

कांग्रेस के महिला विमर्श को किया मजबूर

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी प्रियंका गांधी की अगुआई में प्रदेश की महिला मतदाताओं को साधन के लिये शुरु की गई राजनीतिक महिला विमर्श और महिला घोषणा पत्र ने भाजपा को मजबूर कर दिया कि वो मातृ शक्ति कार्यक्रम का आयोजन करे।    

सत्ता में आने के बाद ये दूसरा मौका है जब भाजपा ने कांग्रेस के राजनीतिक वार से खुद को बैकफुट पर पाया है। और कांग्रेस के नक्शे कदम पर चलने को मजबूर हुई है।

इससे पहले राहुल गांधी के ‘चौकीदार चोर है’ के नारे के बाद भाजपा को ‘मैं भी चौकीदार’ मुहिम चलाने के लिये विवश होना पड़ा था।

चुनाव से पहले महिला वोटरों को ख़रीदने के लिये खाते में भेजे जा रहे पैसे

यूपी विधानसभा चुनाव से चंद महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रयागराज में मातृ शक्ति कर्याक्रम में स्वयं सहायता समूह के 1 लाख 60 हजार खातों में 1 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट फंड ट्रांसफर किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के 1 लाख 1 हजार लाभार्थियों के खाते में 20 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की।

पीएमओ के मुताबिक इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सखी योजना को बढ़ावा देने के लिए 20 हजार सखियों के खातों में पहले वेतन (स्टाइपेंड) के तौर पर चार-चार हजार रुपये भी डाले जायेंगे। ये सखी घर-घर जाकर ज़मीनी स्तर पर वित्तीय सेवायें देती हैं। 

प्रधानमंत्री ने एक लाख एक हजार लाभार्थियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 20.20 करोड़ रुपये की धनराशि भी उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया। वहीं प्रधानमंत्री के हाथों 80 हजार स्वयं सहायता समूहों को प्रति समूह 1.10 लाख रुपये की दर से 880 करोड़ रुपये का कम्यूनिटी इनवेस्टमेंट फंड (सीआईएफ) भी मिला। इसके अलावा 60 हजार स्वयं सहायता समूहों को प्रति समूह 15 हजार रुपये की दर से कुल 120 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। 

पीएम मोदी ने प्रदेश की 20 हजार बीसी सखी को चार-चार हजार रुपये मानदेय की चुनावी सौगात दिया। यह धनराशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य के 58189 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति की है। अब तक 56875 बीसी सखियों का चयन किया जा चुका है। इनमें से 38341 के प्रशिक्षण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। बीसी सखियों के होने से गांव के बुजुर्गों व महिलाओं को बैंकों तक भागदौड़ व अन्य असुविधाओं से मुक्ति मिलेगी। बीसी सखियों को उनके कार्य के एवज में प्रतिमाह चार हजार रुपये मानदेय छह माह तक दिया जाएगा।

ये प्रदेश में अचार संहिता लागू होने से ठीक पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के खाते में पैसे भेजकर केंद्र सरकार ने लोकतंत्र का मजाक़ उड़ाते हुये निर्वाचन आयोग की आँखों के सामने महिला मतदाताओं को ख़रीद लिया है।

 (इलाहाबाद से जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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