Monday, August 8, 2022

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का कमाल, बिना परीक्षा दिये ही 5000 अभ्यर्थी हुये प्रतिस्पर्धा से बाहर

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उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों (एडेड डिग्री कॉलेज) में 2003 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती के लिये आज 30 अक्तूबर को हो रहे पहले चरण की परीक्षा से क़रीब पांच हजार अभ्यर्थी सिर्फ़ इसलिये बाहर कर दिये गये क्योंकि उन्हें परीक्षा में बैठने के लिये एडमिट कार्ड नहीं जारी किया गया है। जबकि उन्होंने अपना फ़ॉर्म सफलतापूर्वक भरा था।

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड नहीं जारी किये जाने के चलते क़रीब 5 हजार छात्र परीक्षा देने से वंचित हो गये। बता दें कि असिस्टेंट प्रोफेसर के 48 विषयों के 2003 पदों पर भर्ती के लिये तीन चरणों में परीक्षा होनी है। आज 30 अक्तूबर को पहले चरण के तहत 16 विषयों की परीक्षा हो रही है। जिसमें हजारों अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी नहीं किया गया है।

इस संदर्भ में जब छात्रों द्वारा विरोध किया गया तब आयोग द्वारा 28 अक्तूबर को प्रेस विज्ञप्ति देकर कुछ छात्रों का एडमिट कार्ड जारी किया गया। लेकिन अभी भी हजारों छात्र ऐसे हैं जिन्होंने सफलतापूर्वक फॉर्म भरा है जिनका आयोग की वेबसाइट पर डाउनलोड एडमिट कार्ड शो कर रहा है लेकिन उनका एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो पा रहा है एरर दे रहा है। जिसके कारण अभ्यर्थियों को न सिर्फ़ परीक्षा से वंचित होना पड़ रहा है। बल्कि उन्हें मानसिक तौर पर आयोग द्वारा दिये जा रहे उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है। जिन छात्रों ने सफलता पूर्वक फॉर्म भरा है आयोग द्वारा उन्हें मनमाने तौर पर परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। ये सरासर गलत है और अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) तथा उत्तर प्रदेश छात्र युवा रोज़गार अधिकार मोर्चा ने लोक सेवा आयोग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड न जारी कर उन्हें परीक्षा से वंचित किये जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये निम्न मांगें रखी हैं-

1- आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जाये।

2- उन समस्त अभ्यर्थियों को जिन्होंने सफलता पूर्वक फॉर्म भरा है उन्हें परीक्षा में शामिल होने का मौका देने का आदेश दिया जाये।

3- अगर किसी कारण वश एक भी अभ्यर्थी का एडमिट कार्ड जारी नहीं हो पा रहा है तब भी उसे या तो परीक्षा में शामिल होने का पुनः मौका देने का लिखित आश्वासन दिया जाये।

4- यदि सभी अभ्यर्थियों को किसी कारणवश एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जा सकता है तो तत्काल इस परीक्षा तिथि को टालने का आदेश जारी किया जाये।

बता दें कि एडेड कॉलेजों के 2003 पदों के लिये 96330 अभ्यर्थियों ने आवेदन किये हैं। जबकि अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में भर्ती के मामले में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज में परीक्षा का आयोजन कर रहा है।

प्राचीन इतिहास के 24 पदों के लिये 3630 आवेदन, गृह विज्ञान के 12 पदों के लिये 1519 आवेदन, शिक्षाशास्त्र के 40 पदों के लिये 4903 आवेदन, हिन्दी के 162 पदों के लिये 14166 आवेदन, इतिहास के 41 पदों के लिये 2447 आवेदन, राजनीतिशास्त्र के 109 पदों के लिये 5269 आवेदन संस्कृत के 74 पदों के लिये 4045 आवेदन, बीएड के 113 पदों के लिये 7068 आवेदन, विधि के 41 पदों के लिये 2563 आवेदन, और वाणिज्य के 79 पदों के लिये 5687 आवेदन अभ्यर्थियों ने किये हैं।

इससे पहले कल विभिन्न जिलों से आयोग आये अभ्यर्थियों ने उच्चतर शिक्षा आयोग कार्यालय अशोक नगर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आयोग कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दिया गया। कल दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक आयोग के अधिकारी और कर्मचारी, पुलिसकर्मी बंधक बने रहे। आज होने वाली परीक्षा स्थगित करने की याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा खारिज़ होने के बाद आक्रोशित और व्यवस्था के आगे लाचार अभ्यर्थी अपने घरों को लौट गये।
(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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