Thursday, August 18, 2022

civil

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सुपर पावर बनी ईडी अब विधायिका पर भी भारी

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) में संशोधन को उच्चतम न्यायालय ने संवैधानिक घोषित कर दिया है ! संशोधन के पहले तक धन शोधन एक स्वतंत्र अपराध की श्रेणी में नहीं आता था अपितु यह किसी अन्य अपराध पर निर्भर करता है...

लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अपनी संकीर्ण सोच के लिए याद किए जाएंगे जस्टिस खानविलकर

जस्टिस एएम खानविलकर रिटायर हो गए हैं। पर रिटायर होने के पहले उन्होंने जिन कुछ मुकदमों का निस्तारण किया है, उनके फैसलों में आए कुछ निष्कर्ष ऐसे हैं, जिन्होंने, कानूनी जानकारों को न केवल हैरान किया है, बल्कि न्याय...

समान नागरिक संहिता के नाम पर ढकोसला कर रही है धामी सरकार

यह जानते हुये भी कि समान नागरिक संहिता राज्य सरकार या विधानसभा का विषय नहीं है, फिर भी उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत उपचुनाव से ठीक 4 दिन पहले नागरिक संहिता का मजमून तैयार करने के...

गलत मंशा से प्रेरित है बीजेपी सरकारों का समान नागरिक संहिता कानून: आइपीएफ

नई दिल्ली। भाजपा की चार राज्य सरकारों ने समान नागरिक संहिता को लागू करने का फैसला किया है। उसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश आते हैं। हालांकि आदिवासी इलाके में विषय की जटिलता को देखते हुए...

उत्तराखण्ड में नागरिक संहिता, महज धामी का खयाली पुलाव

उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने अपनी पहली ही बैठक में पहला प्रस्ताव पारित कर राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐलान कर दिया। यह वायदा मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता...

इलाहाबाद से प्रयागराज: नाम ही नहीं, पूरा शहर बदल गया है!

1977 में हम इलाहाबाद आए। तब से लेकर आज तक इलाहाबाद में बहुत बदलाव देखे। तब यह शहर फल, फूल और बगीचों का शहर था। अमूमन एक मंजिले, दो मंजिले मकानों का शहर। तिमंजिले मकान थे लेकिन बहुत कम।...

सरकार की शह पर जारी है देश में गृहयुद्ध के हालात पैदा करने के प्रयास

उत्तराखंड के हरिद्वार और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हिंदुत्ववादी संगठनों की हाल ही में हुई तथाकथित धर्म संसद में जिस तरह की बातें कही गईं, वैसी बातें अगर मुसलमानों, ईसाइयों या सिखों की किसी मजलिस या जलसे में...

सिविल सोसाइटी सदस्यों ने कहा- हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव का सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान

सिविल सोसायटी और वरिष्ठ एक्टिविस्ट और वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह हरिद्वार के हेट कॉन्क्लेव का संज्ञान लेकर यूएपीए के तहत भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव के वीडियो...

सिविल नेचर के विवाद को आपराधिक केस का रंग दिया जाना अस्वीकार्य: सुप्रीमकोर्ट

उच्चतम न्यायालय की जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने कहा है कि हाईकोर्ट को इस बात की जांच करनी चाहिए कि जिस अपराध के बारे में शिकायत की गई है उसमें आपराधिक तत्व मौजूद हैं...

सर्विलांस तकनीक के इस्तेमाल पर रोक के लिए सिविल सोसाइटी संगठनों और विशेषज्ञों ने लिखा खुला खत

सर्विलांस तकनीक की बिक्री, लेनदेन और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने के लिए सरकारों का आह्वान करता हुआ सिविल सोसाइटी संगठनों और विशेषज्ञों का साझा खुला खत- हम सब अधोहस्ताक्षरी नागरिक समाज संगठन और स्वतंत्र विशेषज्ञ NSO ग्रुप के स्पाइवेयर...
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शीर्ष पदों पर बढ़ता असंतुलन यानी संघवाद को निगलता सर्वसत्तावाद 

देश में बढ़ता सर्वसत्तावाद किस तरह संघवाद को क्रमशः क्षतिग्रस्त कर रहा है, इसके उदाहरण विगत आठ वर्षों में...
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