आदमी की भौतिक दरिद्रता उसकी मानसिक दरिद्रता का भी कारण बनती है। वह अपने अस्तित्व के लिये… Read More
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तानाशाह किस हद तक बर्बर, अमानवीय और हिंसक हो सकते हैं इसके दो बड़े उदाहरण अतीत से… Read More
ख्वाजा अहमद अब्बास मुल्क के उन गिने चुने लेखकों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने लेखन से पूरी… Read More
थियेटर और फिल्मों के अभिनेता-लेखक-कवि दोस्त अमितोष नागपाल की फेसबुक वॉल पर कुछ रंगकर्मियों की तरफ़ से… Read More
’‘मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर/ लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया’’ उर्दू अदब… Read More
भारतीय रंगमंच को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाले विजय तेंदुलकर, देश के महान नाटककारों में… Read More
नौशाद, हिंदी सिनेमा के ऐसे जगमगाते सितारे हैं, जो अपने संगीत से आज भी दिलों को मुनव्वर… Read More
“ओह, वह चला गया? अलविदा कहे बिना, वह ऐसा कैसे कर सकता था? उसने इंतजार किया होगा… Read More
बलराज साहनी होना या बनना सबके बूते की बात नहीं और शायद इसीलिए उन सरीखी शख्सियत जिसे… Read More
इरफ़ान की विरासत इरफ़ान के जाने को अगर पूरी दुनिया अपने व्यक्तिगत नुकसान के तौर पर देख… Read More