Tuesday, October 4, 2022

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कर्जा लो, घी पियो और वसूली की बारी आए तो बट्टे खाते में डाल दो!

चार्वाक दर्शन का मूल मंत्र है ‘कर्ज़ लो घी पियो’। नव उदारवाद या आर्थिक उदारीकरण का भी मूलमंत्र कमोवेश यही है। अब कर्ज़े पर आधारित विकासवाद में कर्ज़े पर कर्ज़ा, नए काम पर नए काम, देखने सुनने में बड़ा...

ग्राउंड जीरो से सकलडीहा: शौचालय बना बकरीशाला, लकड़ी के धुएं में महिलाएं पका रहीं खाना

सकलडीहा (चंदौली)। “लॉक-डॉउन के दौरान हम लोगों के बैंक खाते में कोई पैसा नहीं आया था। हमें आवास भी नहीं मिला है। शौचालय बनाने के लिए ग्राम प्रधान ने सामान दिया था। हमने खुद से यह शौचालय बनाया। फिर...

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन 200 करोड़ के लोन घोटाले में गिरफ्तार

क्या भारत में 200 करोड़ के भ्रष्टाचार से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता? क्या बड़े लोगों के लिए सौ दो सौ करोड़ का भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार बन गया है? यह सवाल आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ गिरीश मालवीय ने...

वित्तमंत्री जी! पर्यटन से जुड़े लोगों को लोन नहीं, आर्थिक मदद चाहिए

कोविड-19 और लंबी मियाद तक चले लॉकडाउन के चलते देश का टूरिज्म उद्योग बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज 28 जून सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोविड...

मोदी जी गरीबों का खून निकाल कर बनाएंगे 5 ट्रिलियन की इकॉनमी!

बुजुर्ग लोगों को ब्याज बहुत तंग कर रहा है। बैंक में अब ब्याज मिल नहीं रहा जिसके भरोसे कोई जीवन काट ले। एक व्यक्ति ने अपने जीवन का मोटा मोटी हिसाब बताया कि हमने रिटायर होने पर 50 लाख...

‘आधी जमीन’ ने दिखाई पटना की सड़कों पर पूरी ताकत

पटना। माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं की मनमानी पर रोक लगाने, महिलाओं का कर्ज माफ करने, ब्याज वसूली पर अविलंब रोक लगाने, कर्ज पर 0 से 4 प्रतिशत की दर से ब्याज लेने, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अनिवार्य रूप...

बैंक लोन खरीद कर किसानों की जमीन पर कब्जे का कारपोरेट का शातिराना खेल

तमिलनाडु के पीयूष मानुष किसान हैं। पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उन्होंने एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी हमारे सामने रखी है। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में ज़रूरी कागजात भी पेश किए हैं। पीयूष मानुष कहते हैं कि रिलायंस की कंपनी किसानों...

छोटे लोन की माफी और 10 हजार लॉकडाउन भत्ते की मांग को लेकर महिलाओं और गरीबों का प्रदर्शन

पटना/ लखनऊ। कोरोना महामारी और लम्बी अवधि वाले लॉकडाउन के कारण आज गांव के दलित, गरीब और मजदूरों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है। स्वयं सहायता समूह-जीविका समूह को राहत देने की बजाय उनसे कर्ज की किश्त...

गांवों से शुरू हो गयी मजदूरों की वापसी, लेकिन काम का टोटा

महामारी के दौरान 3 करोड़ मजदूर गांव की तरफ निकल गये थे। सवाल है कि क्या वे शहर में काम पर लौटेंगे? और उनकी मजदूरी में वृद्धि का क्या हुआ?  ग्रामीण भारत के 60 प्रतिशत प्रवास महत्वाकांक्षा से प्रेरित हैं।...

पीएम मुद्रा लोन के नाम पर चल रहा है देश में ठगी का धंधा

अरविंद कुमार पांडेय प्रयागराज जिले के फूलपुर तहसील के पाली गांव के निवासी हैं। कोरोनाकाल में आए दिन अख़बारों में नए रोजगार शुरु करने वालों का जिक्र पढ़ सुनकर और ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कुछ...
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कानून के शासन के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता ज़रूरी: जस्टिस बीवी नागरत्ना

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि कानून का शासन न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर बहुत...
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