Wednesday, August 10, 2022

ramparts

लाल किले के प्राचीर से अधूरे सच, सफेद झूठ और आत्म प्रशंसा से भरा भाषण

अधूरा सच, सफेद झूठ, परनिंदा, नए-नए शिगूफे, धार्मिक और सांप्रदायिक प्रतीकों का इस्तेमाल और आत्म प्रशंसा! यही पांच प्रमुख तत्व होते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में। मौका चाहे देश में हो या विदेश में, संसद में हो...

लाल किले से फिर हुईं बड़ी-बड़ी घोषणाएं, लेकिन नदारद रहा रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए, हमेशा की तरह जनता का उत्साहवर्धन करने वाला भाषण दिया, कि जैसे स्थिति नियंत्रण में है सब व्यस्थित है, जबकि स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत...
- Advertisement -spot_img

Latest News

शिशुओं का ख़ून चूसती सरकार!  देश में शिशुओं में एनीमिया का मामला 67.1%

‘मोदी सरकार शिशुओं का ख़ून चूस रही है‘ यह पंक्ति अतिशयोक्तिपूर्ण लग सकती है पर मेरे पास इस बात...
- Advertisement -spot_img