Monday, August 8, 2022

राष्ट्रीय संपत्ति की लूट की परियोजना है केंद्र की एनएमपी परियोजना: मोहम्मद सलीम

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29 अक्टूबर को दुमका के सिद्धु-कान्हू इंडोर स्टेडियम में माकपा के 7वें राज्य सम्मेलन के खुले अधिवेशन को संबोधित करते हुए माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात और मो. सलीम ने कहा कि भाजपा सरकार के नीति आयोग और वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित आत्मघाती एनएमपी परियोजना और कुछ नहीं बल्कि राष्ट्रीय संपत्ति की लूट की परियोजना है। दोनों नेताओं ने कहा कि इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना हमारी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को तबाह करने के साथ – साथ मजदूर वर्ग और देश के मेहनतकशों को दरिद्रता के दलदल में धकेल देगा।

इस परियोजना के अंतर्गत देश का 26 हजार 700 किलोमीटर राजमार्ग, 400 रेलवे स्टेशन, 150 ट्रेन, 42 हजार 300 सर्किट किलोमीटर ऊर्जा संचरण लाइन, 5000 मेगावाट के जल, पवन और सौर उर्जा संयंत्रों की परिसंपत्ति, 8000 किलोमीटर नेशनल गैस पाइप लाइन, इंडियन आयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 4000 किलोमीटर पाइपलाइन, बीएसएनल और एमटीएनएल के हजारों टावर, 21 हवाई अड्डे और 31 बंदरगाह, 160 कोयला खनन की परियोजनाएं एवं 2 बड़े खेल स्टेडियमों को औने-पौने कीमत पर कार्पोरेट घरानों के हवाले किया जाएगा। केंद्र सरकार के अधिकृत वक्तव्य में इस परिसंपत्ति से 6 लाख करोड़ रुपये की राशि आने की बात कही जा रही है, जबकि इन परिसंपत्तियों का मूल्य इससे कई गुना ज्यादा है। केंद्र सरकार का यह कदम राष्ट्रीय संपत्ति की लूट है।

वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइप लाइन परियोजना (एनएमपी) भाजपा सरकार द्वारा देश की संपत्ति के लूट का राष्ट्र विरोधी कारनामा है। कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पूंजी के फरमान पर देशी – विदेशी पूंजीपतियों के हाथों हमारे महत्वपूर्ण उत्पादक परिसंपत्तियों को सौंपने के विनाशकारी फैसले का हमे डटकर विरोध करना होगा।

वक्ताओं ने कहा कि पूंजीवादी शोषण, उदारीकरण और संविधान पर हमले के खिलाफ लाल झंडे की पार्टियों की एकता ही प्रतिरोध की मजबूत दीवार खड़ी करेगी।

सम्मेलन में कहा गया कि सोशल डिसटेंसिंग नहीं सोशल एकजुटता से कोरोना महामारी का मुकाबला किया गया है। बताया गया कि झारखंड में बड़ी संख्या में निर्दोष आदिवासी झूठे मुकदमे के कारण जेलों मे बंद हैं। अत: हेमंत सरकार को इन निर्दोष आदिवासियों की रिहाई के लिए ठोस प्रयास करना चाहिए।

इस खुले अधिवेशन को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के विधायक विनोद सिंह ने कहा कि झारखंड में वाम एकता के आधार पर जनता के मुद्दों पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भाकपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र यादव और मासस के राज्य सचिव हलधर महतो ने भी सम्मेलन के खुले अधिवेशन को संबोधित किया।

सम्मेलन की शुरुआत पार्टी के पूर्व विधायक ज्योतिन सोरेन द्वारा पार्टी का लाल झंडा फहराए जाने से हुयी। शहीद वेदी पर राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व द्वारा पुष्पांजलि अर्पित किए जाने के बाद एक रंगारंग जुलूस निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए सम्मेलन स्थल तक पहुंचा, जहां सम्मेलन का खुला अधिवेशन आयोजित किया गया था। सम्मेलन की अध्यक्षता सुभाष हेम्ब्रम ने की और संचालन एहतेशाम अहमद ने किया।

सम्मेलन का प्रतिनिधि सत्र अपराह्न 4 बजे से शुरू हुआ जिसमें राज्य सचिव द्वारा राजनीतिक – सांगठनिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन अगले दो दिन तक जारी रहेगा।
(झारखंड से वरिष्ठ पत्रकार विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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