Friday, August 12, 2022

जूलियन असांजे को अक्टूबर में आया था मिनी हर्ट स्ट्रोक: मंगेतर स्टेला मोरिस

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जेल में बंद विकीलीक्स के संस्थापक और प्रकाशक जूलियन असांजे को ब्रिटेन से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पण से बचने के लिए अपनी लड़ाई के दौरान अक्टूबर माह में एक माइनर हर्ट स्ट्रोक आया था, उनकी मंगेतर स्टेला मोरिस ने रविवार को ब्रिटिश अखबार डेली मेल के साथ एक साक्षात्कार में, कहा है कि विकीलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे संघर्ष कर रहे थे और उन्हें डर था कि मिनी स्ट्रोक “एक और बड़े स्ट्रोक का अग्रदूत हो सकता है”। यह लंबी क़ानूनी लड़ाई जितनी लंबी चलती है, यह उनके जीवित रहने की क्षमता के बारे में हमारे डर को बढ़ाता है। 

स्टेला मोरिस ने आगे कहा कि इसका तत्काल समाधान किए जाने की ज़रूरत है। एक चिड़ियाघर में पिंजरों में फंसे जानवरों को देखो। क़ैद उनके जीवन को छोटा कर देता है। जूलियन के साथ भी यही हो रहा है। कभी न खत्म होने वाले अदालती मामले मानसिक रूप से बेहद तनावपूर्ण होते हैं।”

डेली मेल की रिपोर्ट में कहा गया है कि, ” उनकी दाहिनी पलक झुकी हुई थी, जो कि याददाश्त संबंधी समस्याओं और न्यूरोलॉजिकल क्षति के संकेत थे। उनका मानना ​​है कि मिनी स्ट्रोक उनके ख़िलाफ़ चल रही अमेरिकी अदालत की कार्रवाई के तनाव से शुरू हुआ था, और उनके स्वास्थ्य में काफी भयंकर गिरावट के कारण ऐसा हुआ है और अब वे सलाखों के पीछे अपनी तीसरी क्रिसमस बिताने जा रहे हैं।”

“असांजे की एक डॉक्टर द्वारा जांच की गई थी, जिन्होंने उनकी एक आंख में जब प्रकाश डालकर देखा तो उनकी पुतली ने देर से प्रतिक्रिया दी – लेख के मुताबिक वह संभावित तंत्रिका क्षति का संकेत है।” 

वहीं संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टॉर्चर निल्स मेल्ज़र  ने ट्वीट करके कहा है – “जैसा कि हमने उनकी जांच करने के बाद चेतावनी दी थी, जब तक कि उसे अलगाव, मनमाना दंड और उत्पीड़न के निरंतर दबाव से मुक्त नहीं किया जाता है, तब तक उसका स्वास्थ्य गिरता रहेगा और वह उसके जीवन को ख़तरे में डाल देगा।”

गौरतलब है कि टॉर्चर निल्स मेल्ज़र ने साल 2019 में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ जूलियन असांजे की जांच की थी और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय के साथ मिलकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें कहा गया था कि “असांजे के भीतर लंबे समय से अत्यधिक तनाव, बेहद चिंता और मनोवैज्ञानिक यातना के चलते सदमे के सभी लक्षण पाए गए हैं।”

इस साल के अक्टूबर में टॉर्चर निल्स मेल्ज़र ने यह कहते हुए और भी स्पष्ट किया कि, “अगर वह जेल में मरता है तो मान लीजिए कि उसे प्रभावी रूप से मौत के घाट उतार दिया गया है। यही इसकी वास्तविकता है। और मैं अतिशयोक्ति नहीं कर रहा हूँ। मैं युद्धग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहा हूँ।  मेरा कैदियों से मिलने का एक लंबा इतिहास रहा है। मैं जूलियन असांजे से मिला, और मेरे साथ दो विशेष फोरेंसिक डॉक्टर भी थे और एक मनोचिकित्सक चार घंटे तक उनका मूल्यांकन कर रहा था, और हम सभी एक दूसरे से स्वतंत्र रूप से उन निष्कर्षों पर पहुंचे थे। उस समय उनका जीवन खतरे में था। और निश्चित रूप से, हमारे जेल से आने के बाद कुछ ही दिनों में उनका स्वास्थ्य गिर गया।”

लंदन हाईकोर्ट ने खोला असांजे के प्रत्यर्पण का रास्ता 

गौरतलब है कि शुक्रवार 10 दिसंबर को ब्रिटेन के लंदन हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता खोल दिया है। मुख्य न्यायाधीश लॉर्ड बर्नेट और न्यायाधीश लॉर्ड होलोयडे ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। लंदन हाई कोर्ट के शुक्रवार को आए फैसले का मतलब है कि अमेरिकी अधिकारियों ने अपील संबंधी मुक़दमे की लड़ाई जीत ली है। इन अधिकारियों ने अदालत को पुन: आश्वस्त किया कि वे असांजे से संबंधित आत्महत्या के जोखिम को कम करने के लिए उचित कदम उठाएंगे।

निचली अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक के मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रत्यर्पण के अमेरिकी अनुरोध को ख़ारिज़ कर दिया था। पचास वर्षीय जूलियन असांजे साल 2010 – 2011 में हजारों गोपनीय सैन्य और राजनयिक दस्तावेज़ों के प्रकाशन के मामले में अमेरिका में वांछित हैं। 

इस साल की शुरुआत में निचली अदालत के एक न्यायाधीश ने विकीलीक्स द्वारा एक दशक पहले गुप्त सैन्य दस्तावेज़ों के प्रकाशन किए जाने के मामले में जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित करने के अमेरिकी अनुरोध को ख़ारिज़ कर दिया था। जनवरी में जिला न्यायाधीश वैनेसा बारैत्सेर ने फ़ैसले में कहा था कि जूलियन असांजे का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है और इसलिए उन्हें प्रत्यर्पित किया जाना उचित नहीं होगा, क्योंकि ऐसा करने से उनके आत्महत्या करने की आशंका है। 

असांजे की मंगेतर स्टेला मोरिस ने कहा कि उनका इरादा हाई कोर्ट के फैसले के ख़िलाफ़ अपील दायर करने का है। 

असांजे पर अमेरिका में जासूसी के आरोप 

जूलियन असांजे पर अमेरिका में जासूसी के 17 आरोप और कंप्यूटर के दुरुपयोग संबंधी एक आरोप लगाया गया है। इन आरोपों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 175 साल तक की कैद हो सकती है। 

पुलिस द्वारा इक्वाडोर के दूतावास से बाहर लाए जाने के बाद साल 2019 से विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे बेलमार्श जेल में हैं। इसके बाद उन्हें ज़मानत शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। वह यौन अपराध के आरोपों का सामना करने के लिए स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए 2012 से दूतावास में रह रहे थे। हालांकि जूलियन असांजे ने अपने ऊपर लगे यौन अपराध के आरोपों का हमेशा खंडन किया और अंततः इन्हें वापस ले लिया गया था।

व्हिसिल ब्लोअर जूलियन असांजे बनाम डेमोक्रेसी का नाटक करने वाला अमेरिका

एक तरफ संयुक्त राज्य अमेरिका लोकतंत्र के लिए आवाज़ उठाने वाले जूलियन असांजे और एडवर्ड स्नोडेन जैसे व्हिसिल ब्लोअर को दूसरे देशों में क़ैदी बनाकर रखता है उनके सारे मानवाधिकार का हनन करता है दूसरी ओर ‘लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन’ का नाटक रचता है। 

गौरतलब है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने 9-10 दिसंबर को दो दिवसीय लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 100 से अधिक नेताओं ने भाग लिया। यह सम्मेलन निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने, मानवाधिकारों की रक्षा और भ्रष्टाचार से लड़ने में प्रगति का मूल्यांकन करने के आह्वान के नौटंकी के साथ शुक्रवार को संपन्न हुआ।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।) 

  

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