Friday, October 7, 2022

कस्टम के ताले से एक करोड़ का सोना गायब, 4 साल बाद दर्ज कराई गई एफ़आईआर

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तमिलनाडु में सीबीआई की कस्टडी से 45 करोड़ रुपये का सोना गायब होने की सुर्खियां अभी सूखी भी नहीं थीं कि अब गुजरात के जामनगर में कस्टम डिपार्टमेंट के कार्यालय से एक करोड़ 10 लाख रुपये का सोना गायब होने की शिकायत दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि अस्सी के दशक में तस्करों की गिरफ्तारी के दौरान जब्त किया गया 1.10 करोड़ रुपये का सोना, जामनगर कस्टम डिपार्टमेंट की कस्टडी से गायब हो गया है। इससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात है कि चार साल पहले कीमती सोने के गायब होने की पुष्टि हुई थी। अब चार साल बाद शुक्रवार को जामनगर पुलिस में इसकी एफआईआर दर्ज कराई गई है। आंतरिक जांच में दोषियों का पता नहीं चल सका है।

जामनगर कस्टम विभाग के एक निरीक्षक राम सिंह यादव की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 1971 से 1996 के दौरान भुज कस्टम विभाग ने विभिन्न छापों के दौरान सोना जब्त किया था। यह सोना और चांदी कार्यालय में रखे गए थे।

2001 में आए विनाशकारी भूकंप में कार्यालय की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई और लगभग 3149.398 ग्राम सोना-चांदी के साथ जामनगर कस्टम ऑफिस को ट्रांसफर किया गया। सोना रखने वाले सूटकेस को जामनगर और भुज डिवीजन के जिम्मेदार अधिकारियों ने सील कर दिया था। इस सूटकेस में वर्ष 2001 के कस्टम विभाग की मुहर थी और सोने के जमाकर्ता और रिसीवर के हस्ताक्षर थे। विभाग का कहना है कि कुछ सरकारी अधिकारी इस सोने के गायब होने के मामले में शामिल हैं।

एफआईआर में कहा गया है कि भुज कस्टम डिवीजन के अधिकारी 18 अक्तूबर, 2016 को सोने को लेने के लिए जामनगर आए थे। उन्हें ये सील किए गए सूटकेस सौंप दिए गए थे। इसके बाद, जामनगर और भुज के कस्टम डिवीजनों के अधिकारियों की मौजूदगी में सील को खोल दिया गया और जौहरी को पूछताछ पूरी करने के बाद गवाह के रूप में बुलाया गया। सूटकेस की चाबी गायब थी, इसलिए ताला टूटा हुआ था। तब पता चला कि 1982 से 1986 के बीच जब्त किए गए पांच सैंपलों में से 2,156.722 ग्राम सोना गायब था।

एफआईआर में दिखाए गए इस गायब सोने का वर्तमान बाजार मूल्य 1.10 करोड़ रुपये है। बी डिवीजन थाने के निरीक्षक, केएल गढे ने कहा कि अधिकारियों ने चोरी के चार साल बाद शिकायत दर्ज कराने के मामले में जवाब दिया कि इस अंतराल में विभागीय जांच चल रही थी।

गायब सोने के बारे में पता चलने के बाद, अधिकारियों ने इनटर्नल कम्युनिकेशन शुरू किया और गुजरात के मुख्य आयुक्त को सूचित किया। मुख्य आयुक्त ने 11 दिसंबर को जामनगर डिवीजन को एक औपचारिक पुलिस एफआईआर दर्ज कराने को कहा।

दरअसल साल 2001 में कच्छ के भुज कस्टम डिपार्टमेंट ने भूकंप में इमारत गिरने के बाद साल 2016 में जब भुज कार्यालय की मरम्मत हो गई तो भुज कस्टम डिपार्टमेंट ने जामनगर कार्यालय से सील किए गए सोने को अपनी कस्टडी में ले लिया। जिस सूटकेस में सोने को रखा गया था उसकी चाबी मांगी गई तो पता चला कि सूटकेस की चाबी कहीं खो गई है। इसके बाद सूटकेस का ताला तोड़ा गया। बाद में जब भुज कस्टम डिपार्टमेंट ने सोने की जांच की तो 3,149.398 ग्राम सोने में से 2,156.722 ग्राम सोना कम निकला। पुलिस ने कस्टम डिपार्टमेंट के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इसके पहले सीबीआई की टीम ने साल 2012 में चेन्नई के सुराना कॉर्पोरेशन लिमिटेड के दफ्तर में छापा मारा था। सीबीआई ने रेड के दौरान वहां से सोने की ईंटों और गहनों के रूप में 400.5 किलोग्राम सोना जब्त किया था। जब्त किए गए सोने को सीलकर सीबीआई की सेफ कस्टडी में रखा गया था, लेकिन अब जब्त किए गए सोने में से 103 किलोग्राम से अधिक का सोना गायब है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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