Tuesday, October 4, 2022

देश कोरा संबोधन नहीं, ठोस समाधान चाहता है: कांग्रेस

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि कोरा संबोधन नहीं, देश ठोस समाधान चाहता है। और पीएम मोदी हैं कि 210 दिन बाद टेलीविज़न पर कोरे संबोधन से काम चला रहे हैं।

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला और पवन खेड़ा ने संयुक्त बयान में कहा कि 24 मार्च, 2020 को पीएम मोदी ने कहा था, ‘‘महाभारत का युद्ध 18 दिन चला था। कोरोना से युद्ध जीतने में 21 दिन लगेंगे।’’ 210 दिन बाद भी समूचे देश में ‘कोरोना महामारी की महाभारत’ छिड़ी है, लोग मर रहे हैं, पर मोदी जी ‘समाधान की बजाय’ टेलीविज़न पर कोरे संबोधन से काम चला रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना से युद्ध तो जारी है, पर सेनापति नदारद हैं। कभी मोर को दाना खिलाते हुए और कभी टेलीविज़न पर उपदेश देते हुए नजर आते हैं। कोरोना से लड़ाई में मोदी सरकार पूरी तरह निकम्मी व नाकारा साबित हुई है। महामारी की विभीषिका में भाजपा ने देश के लोगों को अपने हाल पर बेहाल छोड़ दिया है।

नेता द्वय ने कहा कि भारत आज दुनिया की ‘कोरोना कैपिटल’ बन गया है। कल यानि 19 अक्तूबर, 2020 को प्रतिदिन जारी डेटा के मुताबिक कोरोना महामारी के संक्रमण में भारत अब दुनिया में पहले स्थान पर है। कल यानि 19 अक्तूबर को जारी डेटा के मुताबिक भारत में कोरोना संक्रमण के 55,722 केस आए हैं। 

कोरोना के पूरे गणित को विस्तार से बताते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि कोरोना से जुड़े पाँच महत्वपूर्ण तथ्य देश के लिए जानना जरूरी है।

1.प्रतिदिन कुल कोरोना संक्रमण में- दुनिया में भारत पहले नंबर पर (55,722 संक्रमण)।

2.प्रतिदिन कोरोना मृत्यु दर में- दुनिया में भारत पहले नंबर पर (579 मृत्यु प्रतिदिन)।

3.कुल कोरोना संक्रमित मामलों में- दुनिया में भारत दूसरे नंबर पर (75,50,273 संक्रमण)।

4.सक्रिय कोरोना संक्रमण मामलों में – दुनिया में भारत दूसरे नंबर पर (7,72,055 संक्रमण)।

5.कोरोना से हुई कुल मौतों में- दुनिया में भारत तीसरे नंबर पर (1,14,610 मृत्यु)

इसके साथ ही उन्होंने देश में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण का आंकड़ा भी पेश किया:

1. 0 से 1 लाख तक कोरोना संक्रमण पहुँचा = 110 दिन में।

2.     1 लाख से 10 लाख तक कोरोना संक्रमण पहुँचा = 59 दिन में।

3. 10 लाख से 20 लाख तक कोरोना संक्रमण पहुँचा = 21 दिन में।

4. 20 लाख से 30 लाख तक कोरोना संक्रमण पहुँचा = 16 दिन में।

5. 30 लाख से 40 लाख तक कोरोना संक्रमण पहुँचा = 13 दिन में।

6. 40 लाख से 75 लाख तक कोरोना संक्रमण पहुँचा = 43 दिन में।

इस तरह से मात्र 100 दिन में भारत में कोरोना संक्रमण 1 लाख से बढ़कर 75 लाख हो गया।

‘घोर नाकामी व निकम्मेपन’ को बयाँ करती ‘कोरोना क्रोनोलॉजी’ 

कांग्रेस के दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी व राहुल गांधी ने 12 फरवरी, 2020 से लगातार (12 फरवरी, 3 मार्च, 5 मार्च, 26 अप्रैल इत्यादि) कोरोना महामारी के संकट के बारे में बताया तथा सरकार को चेताया, पर मोदी सरकार ने हर बार उनकी चेतावनी का मजाक उड़ाया। 

इसके साथ ही इन नेताओं ने आठ बिंदुओं की एक क्रोनोलॉजी पेश की-

1. 12 फरवरी, 2020 = मोदी सरकार ने कहा कि ‘कोरोना चिंता का विषय नहीं’। राहुल गांधी की 12 फरवरी की चेतावनी को सिरे से नकारा।

2. 24 फरवरी, 2020 = 1 लाख लोगों की भीड़ जमा कर अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप का आयोजन।

3. 2-5 मार्च, 2020 = कोरोना बारे 5 मार्च को राहुल गांधी द्वारा दी गई चेतावनी को फिर खारिज करते हुए स्वास्थ्य मंत्री, डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि ‘चिंता की कोई जरूरत नहीं’।

4. 24 मार्च, 2020 = सुबह खरीद फरोख्त से कांग्रेस की मध्यप्रदेश की सरकार गिराई। रात 12 बजे से एकदम देश में लंबा लॉकडाऊन लगाया। 

5. 25 अप्रैल, 2020 = नीति आयोग के सदस्य व कोरोना मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष, श्री वीके पॉल ने रिपोर्ट देकर कहा कि 15 मई, 2020 के बाद नए कोरोना संक्रमण केस नहीं आएंगे।

6. 4 मई, 2020 = स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता व संयुक्त सचिव, लव अग्रवाल ने ऑफिशियल प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कोरोना की कर्व अब फ्लैट यानि शिथिल हो गई है। अब बढ़ोत्तरी नहीं।

7. 27 जून, 2020 = पीएम मोदी ने राष्ट्र को संदेश में कहा कि भारत में बढ़ते कोरोना संकट की जो आशंका जताई थी, वह सही नहीं। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति दूसरे देशों से कहीं बेहतर है। 

8. 6 सितंबर, 2020 = भारत कुल कोरोना संक्रमण में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुँचा। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण व कोरोना से होने वाली मौतों में दुनिया में भारत पहले नंबर पर पहुंचा।

9. 19 अक्तूबर,  2020 = भारत सरकार के एक्सपर्ट पैनल ने दावा किया कि फरवरी, 2020 तक कोरोना खत्म हो जाएगा। 

10. 20 अक्तूबर, 2020 = मोदी ने राष्ट्र को संबोधन में कहा कि वैक्सीन आने तक कोरोना खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं। 

नेताओं मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि सत्ता से जुड़े लोग कितनी बार एक दूसरे के विरोधाभासी झूठ बोलकर देश को बरगलाएंगे।

पीएम मोदी के फेल नेतृत्व, विफल लॉकडाऊन (देशबंदी) तथा बदइंतजामी की ‘तुगलकी’ दास्तान

कांग्रेस के दोनों नेताओं ने कहा कि बगैर सोचे, बगैर समझे, बगैर विचार-विमर्श के मात्र तीन घंटे के नोटिस पर किए गए पीएम मोदी के 24 मार्च, 2020 के लॉकडाऊन से न तो कोरोना महामारी रुकी, बल्कि उसने देश की अर्थव्यवस्था व लोगों की रोजगार-रोटी की कमर पूरी तरह से तोड़ दी। देश के इतिहास में नेतृत्व की विफलता का यह सबसे बड़ा तुगलकी उदाहरण गिना जाएगा। 

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कमरतोड़ लॉकडाऊन तथा दर्जनों तुगलकी आदेशों के दस नतीजे देखे जा सकते हैं:

1. भूखे-प्यासे करोड़ों मजदूर सैकड़ों-हजारों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी को मजबूर हो गए। 150 से अधिक की मृत्यु हो गई। 

2. संघीय ढांचे को तार-तार करते हुए देशबंदी यानि लॉकडाऊन से पहले मोदी ने किसी प्रांत व मुख्यमंत्री की राय नहीं ली। देश के इतिहास में एक व्यक्ति की मनमानी वाला यह सबसे बड़ा निर्णय है। 

3. विशेषज्ञों व कांग्रेस के बार-बार अनुरोध के बावजूद ‘टेस्ट-ट्रेस-आईसोलेट’ नीति से कोरोना संक्रमण नहीं रोका गया। जब टेस्ट बढ़ाने की आवश्यकता थी, तो ऐसा नहीं किया गया। लॉकडाऊन के दौरान भी ‘कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग’ से संक्रमण रोकने के कदम नहीं उठाए।

4. दुनिया में भारत अकेला ऐसा देश है, जहां चार बार लॉकडाऊन का भी इस्तेमाल सरकार कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए नहीं कर पाई। उल्टा लॉकडाऊन खुलते ही संक्रमण और मृत्यु बेतहाशा बढ़ी हैं। 

5. ताली और थाली बजवा तथा दिये जलवा टेलीविज़न पर मशहूरी तो कमाई, परंतु महामारी रोकने, संक्रमण पर नियंत्रण करने, संक्रमण के फैलाव पर अंकुश लगाने तथा डूबी अर्थव्यवस्था बारे कुछ नहीं किया। 

6. कोरोना से जमीन पर लड़ाई प्रांतीय सरकारें लड़ रही हैं। उनकी मदद तो दूर, भारत सरकार ने प्रांतों का जीएसटी का हिस्सा तक देने से इंकार कर दिया। 

7. मोदी सरकार ने पहले तो प्रांतों की राय बगैर देशबंदी यानि लॉकडाऊन किया, फिर उसे तीन बार बढ़ाया तथा अब चार बार अनलॉक के आदेश निकाल दिए। परंतु संक्रमण रोकने, मृत्यु दर रोकने, खोते रोजगार तथा डूबती अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण पाने बारे कोई नीति नहीं बताई।

8. आर्थिक पीड़ा, डूबे व्यवसाय, टूटी ईएमआई व बर्खास्त नौकरियों से जूझ रहे लोगों का आज भी मोदी सरकार अपना पल्ला झाड़ तथा भगवान पर इल्जाम लगा मजाक उड़ा रही है।

9. कोरोना संक्रमण अब छोटे शहरों, कस्बों व गांवों तक पहुंच गया है, पर मोदी सरकार बेखबर है। यह इसलिए खतरनाक है क्योंकि देश की 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण अंचल में रहती है, पर देश के केवल 35 प्रतिशत अस्पताल बेड व 20 प्रतिशत डॉक्टर ही ग्रामीण अंचल में हैं।   

10. अधिकतर विशेषज्ञों के मुताबिक देश में कोरोना संक्रमण की ‘दूसरी लहर’ (सेकंड वेव) चल रही है। कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना का ‘कम्युनिटी ट्रांसमिशन’ यानि ‘सामुदायिक प्रसार’ शुरू हो चुका है। परंतु सरकार को इस बारे या तो जानकारी नहीं या समझ नहीं।

विज्ञप्ति के तौर पर सामने आये इस बयान के आखिर में प्रधानमंत्री से जवाब मांगा गया है:

नेताओं ने कहा कि नेतृत्व की इस विफलता का पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए। उन्हें देश को बताना चाहिए कि कोरोना पर नियंत्रण कैसे पाया जाएगा? कोरोना संक्रमण की विस्फोटक स्थिति पर कैसे काबू पाएंगे? कोरोना संक्रमण को करोड़ों में जाने से कैसे रोकेंगे? कोरोना से हो रही बेतहाशा मौतों पर कैसे नियंत्रण होगा? डूबती अर्थव्यवस्था को कैसे उबारेंगे? क्या कोई हल है या फिर भगवान पर इल्जाम लगा देंगे?

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