Monday, December 5, 2022

बीएचयू में बढ़ रहे आत्महत्या के मामले, अंबेडकर हॉस्टल में एलएलएम के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान

Follow us:
Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंबेडकर छात्रावास में एलएलएम के एक छात्र के आत्महत्या की खबर गुरुवार पता चली. छात्र अपने हॉस्टल में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बतौर बीएचयू प्रशासन, फांसी लगाने वाले छात्र का नाम प्रेम शंकर खरवार है, और  उसकी उम्र 25 साल थी। प्रेम शंकर कहिवि के कानून संकाय (फैकल्टी ऑफ लॉ) में एलएलएम प्रथम वर्ष का विद्यार्थी था। मूल निवास बिहार के आरा भोजपुर जनपद था। हाल के छह महीनों में बीएचयू कैम्पस से जुड़ी आत्महत्या की यह चौथी घटना है।

पुलिस के अनुसार मूल रूप से पिपरिहाया रोड, आनंद नगर आरा, भोजपुर बिहार के रहने वाले प्रेम शंकर खरवार काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एलएलएम प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। जो डॉक्टर भीमराव अंबेडकर छात्रावास के रूम नंबर 57 में कुछ माह से रह रहे थे। रात में किसी समय प्रेम शंकर ने कमरे में लगे पंखे पर फांसी का फदा लगाकर उस पर लटककर जान दे दी। साथियों की सूचना पर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने शव को नीचे उतारा। वहीं मृत छात्र के परिवार वालों को पुलिस ने सूचना दे दी गई है। फिलहाल मौत के कारणों की जांच लंका पुलिस और बीएचयू प्रशासन कर रही है।

6 अगस्त, 2022 को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बीएफए के छात्र ने फांसी लगा कर जान दे दी थी। वह छित्तूपुर क्षेत्र में स्थित एक लॉज में किराये पर रहता था। तब इंस्पेक्टर लंका बृजेश सिंह के अनुसार फांसी लगाने वाले छात्र के मित्र ने घटना की सूचना दी। बताया कि ‘खुदकुशी करने वाले छात्र के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया जांच में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या का मामला बन रहा है।’

1 अगस्त, 2022  को केंद्रीय विद्यालय बीएचयू के 9वीं के छात्र मयंक यादव (15) ने एक अगस्त को फांसी लगाकर जा दे दी। परिजनों ने बताया कि 10 दिन पूर्व मयंक गलती से मोबाइल लेकर स्कूल चला गया था।

26 जून, 2022 को बीएचयू आईआईटी के एमटेक छात्र भगवान सिंह (28) ने विश्वेश्वरैया हॉस्टल के कमरे में फंदे पर लटककर जान दे दी। लंका पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि, प्लेसमेंट नहीं होने से छात्र अवसाद में चला गया था।

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

‘हिस्टीरिया’: जीवन से बतियाती कहानियां!

बचपन में मैंने कुएं में गिरी बाल्टियों को 'झग्गड़' से निकालते देखा है। इसे कुछ कुशल लोग ही निकाल...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -