Monday, December 5, 2022

गुलामगीरी

अवसरवाद से पासवान नहीं बन सके, दलितों के पासबान

भारत में दलित राजनीति का एक विशेष अर्थ है और इसके विस्तार का इतिहास अतीत तक जाता है। इसमें संत और राजनीतिज्ञ दोनों सम्मिलित हैं। दलित आंदोलन और राजनीति भारत के महत्वपूर्ण विषयों में से एक अतिमहत्वपूर्ण विषय है।...
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पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षा बलों का नंगा नाच, हिंसा से लेकर महिलाओं के साथ की छेड़खानी

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय व सदर प्रखंड मुख्यालय से करीब दूर है अंजेड़बेड़ा राजस्व गांव, जिसका एक...
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