Wednesday, July 6, 2022

BJP

सत्ता के निशाने पर क्यों हैं दलित प्रोफेसर

इन दिनों दलित प्रोफेसर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य सरकारों के निशाने पर हैं। सरकार, सत्ताधारी पार्टी और संगठन तथा प्रशासन का संरक्षण प्राप्त भगवा जमात भी इन प्रोफेसरान पर जानलेवा हमला कर रही है। आखिर दिल्ली...

आखिर राहुल गांधी को कुल्हाड़ी पर पैर मारने की क्या जरूरत थी?

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के क्षेत्रीय दलों को 14.15 करोड़ वोट मिले थे, जो कांग्रेस को मिले 11.95 करोड़ वोटों से 2.2 करोड़ वोट ज्यादा हैं। इन क्षेत्रीय दलों के सांसद भी कांग्रेस से ज्यादा हैं-...

कमजोर कांग्रेस एक राजनीतिक सच्चाई है, ठीकरा नेतृत्व के सिर पर

2014 के लोकसभा चुनाव से कांग्रेस की चुनावी हार का रोलर-कोस्टर सिलसिला थमने का नाम नहीं लेता दिख रहा। पारिवारिक नेतृत्व की पंजीरी बांटने की क्षमता कमतर होते जाने से पार्टी पर भी उनकी पकड़ ढीली पड़नी स्वाभाविक था।...

हिंदू हार रहा है!

हिंदी के सुपरिचित लेखक राजकिशोर ने एक बार लिखा था- "मुस्लिम पक्ष अगर राज जन्म भूमि हिंदुओं को सौंप दे तो यह एक बेहतर निर्णय होगा। 1990 के बाद से राम जन्मभूमि का सवाल हिंदू मानस के भीतर एक...

क्षेत्रीय दलों पर हमला कर राहुल गांधी ने बीजेपी को मजबूत किया है!

राहुल गांधी लड़ना बीजेपी से चाहते हैं लेकिन लड़ते हुए दिख रहे हैं क्षेत्रीय दलों से। उदयपुर के नव चिन्तन शिविर के बाद राहुल गांधी ने राजनीतिक लड़ाई में कांग्रेस ही नहीं, संभावित सहयोगियों को भी उलझन में डाल...

स्कूली पाठ्यक्रम में सांप्रदायिक एजेंडा

युक्तियुक्तकरण के नाम पर सीबीएसई के पाठ्यक्रम से अप्रैल 2022 में कई हिस्से हटा दिए गए। जिन टॉपिक्स को दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम से हटाया गया है उनमें शामिल हैं प्रजातंत्र और बहुलता, अफ़्रीकी-एशियाई इस्लामिक राज्यों का उदय, मुग़ल...

प्रधानमंत्री की ऐसी और इतनी बेअदबी के लिए आखिर जिम्मेदार कौन?

भारतीय जनता पार्टी और शिव सेना के बीच जारी तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले सप्ताह सोमवार यानी 25 अप्रैल को जब लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार ग्रहण करने मुंबई पहुंचे तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे उनकी अगवानी...

बिहार में प्रशांत किशोरः चुनाव की ठेकेदारी से सीधे मैदाान में?

देश की सबसे पुरानी पार्टी को सुधारने का फार्मूला बेचने में विफल हुए प्रशांत किशोर अब बिहार आ गए हैं और जमीन की राजनीति का अपना नया फार्मूला घोषित करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं...

राज ठाकरे का वैसा ही इस्तेमाल हो रहा है जैसा कभी बाल ठाकरे का हुआ था!

भारत की राजनीति में यह महारत भारतीय जनता पार्टी को ही हासिल है कि वह जिस राज्य में जब चाहे, वहां की किसी भी स्थानीय पार्टी या नेता का राजनीतिक इस्तेमाल कर सकती है। जैसे बिहार विधानसभा के चुनाव...

गलत मंशा से प्रेरित है बीजेपी सरकारों का समान नागरिक संहिता कानून: आइपीएफ

नई दिल्ली। भाजपा की चार राज्य सरकारों ने समान नागरिक संहिता को लागू करने का फैसला किया है। उसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश आते हैं। हालांकि आदिवासी इलाके में विषय की जटिलता को देखते हुए...
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फ़ादर स्टैन स्वामी की पहली पुण्यतिथि पर ‘झारखंड की आवाज स्टैन स्वामी’ पुस्तक का लोकार्पण

रांची। आज 05 जुलाई 2022 को झारखंड की राजधानी रांची के मनरेसा हाउस में विस्थापन विरोधी जन विकास आन्दोलन, झारखंड इकाई द्वारा झारखण्डी जनता...
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