Saturday, October 1, 2022

environment

प्रोजेक्ट चीता: एक शानदार मीडिया इवेंट लेकिन…

यदि आप भारतीय मीडिया की इस बात पर भरोसा करते हैं कि 'प्रोजेक्ट चीता' चीतों के संरक्षण हेतु प्रारंभ किया गया विश्व में अपने ढंग का अनूठा कार्यक्रम है और इससे भारत के घास के मैदानों की स्थिति में...

स्पेशल रिपोर्ट: जलवायु परिवर्तन की चपेट में बिहार, लेकिन बचाव का कोई एक्शन प्लान नहीं

पटना। मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त 2022 तक राज्य में केवल 389.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जो कि सामान्य से बहुत कम है। कम से कम 657.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। वहीं पिछले साल मानसून के दौरान चार...

बिहार में सरकारी योजनाएं साबित हो रही हैं जंगलों की विनाशक

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 26 अक्टूबर 2019 को जल जीवन हरियाली योजना शुरू की गयी थी। इसके तहत उन्होंने लोगों से पर्यावरण की रक्षा की अपील की थी। इस योजना के उद्देश्य में नर्सरी का निर्माण और वृक्षारोपण भी...

उत्तराखंड में फिर तबाही; कहीं बादल फटा, कहीं अतिवृष्टि

देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून अब तक बेशक कमजोर रहा हो, लेकिन मॉनसून में आखिरी पड़ाव खतरनाक साबित हो रहा है। परसों यानी 19 अगस्त से राज्य के अनेक हिस्सों में शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इस...

एक दिन झाड़ियों में गुम हो जायेगी विश्व विख्यात फूलों की घाटी

पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी के नितांत अभाव, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के अव्यवहारिक सरकारी उपाय और विवेकहीन पर्यटन तथा विकास की नीतियों के चलते धरती पर स्वर्ग का जैसा नजारा देने वाली ”विश्व विख्यात फूलों की घाटी’’ का अस्तित्व...

खतरे में ‘छत्तीसगढ़ का फेफड़ा’: हसदेव को बचाने के लिए दिल्ली से हुआ आह्वान

नई दिल्ली। फ्रेंड्स ऑफ हसदेव अरण्य की ओर से 25 मई यानि कल दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में दोपहर 12:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जिसमें हसदेव को बचाने के मसले पर बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और तमाम...

आसमान से बरसती आग और बेहाल जिंदगी

समूचे देश में गरमी की लहर चल रही है। इस स्थिति से छुटकारा मिलने की अभी उम्मीद नहीं है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के पूर्वी, मध्य व पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगले पांच दिनों में लू चलने की चेतावनी...

खेती और बागवानी की उपेक्षा और अनियोजित और अमर्यादित पर्यटन का दंश झेल रहे हैं पहाड़ के किसान

सरकारों द्वारा किसानी, बागवानी और परम्परागत धंधों को मदद करने के बजाए पर्यटन के विस्तार पहाड़ में आर्थिक असंतुलन बढ़ रहा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।  जिससे पहाड़ के लोगों में भारी आक्रोश देखने को...

पांच सौ से ज्यादा लोग जुटे आशारोड़ी को बचाने के लिए

देहरादून। देहरादून के जंगलों को काटने का जो आंदोलन शुरू में बहुत कमजोर प्रतीत हो रहा था, वह अब मजबूत रूप ले रहा है। हालांकि अब तक शासन-प्रशासन की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है।...

जोर पकड़ने लगा देहरादून का वन बचाओ आंदोलन

देहरादून। देहरादून का आशारोड़ी के जंगल बचाने का काम अब जोर पकड़ने लगा है। सिटीजन फाॅर ग्रीन दून के आह्वान पर कुछ लोगों द्वारा शुरू किये गये इस आंदोलन में दर्जनों संस्थाएं और कई नामी पर्यावरणविद भी जुड़ गये...
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सोडोमी, जबरन समलैंगिकता जेलों में व्याप्त; कैदी और क्रूर होकर जेल से बाहर आते हैं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि भारत में जेलों में अत्यधिक भीड़भाड़ है, और सोडोमी और जबरन समलैंगिकता...
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