Sunday, September 25, 2022

Tribes

हम लड़ेंगे, क्योंकि हम इस देश के असली मालिक हैं…

भारतीय संविधान में उल्लेखित 5वीं अनुसूची के तहत अनुच्छेद 244 (1) और (2) में आदिवासियों को पूर्ण स्वशासन व नियंत्रण की शक्ति दी गयी है। झारखण्ड के 13 अनुसूचित जिलों में राज्यपाल को शासन करना है। लेकिन आजादी के...

लॉकडाउन के बाद ज्यादातर बच्चे हुए पढ़ाई लिखाई से दूर: सर्वे

लॉकडाउन के क्रम में आदिम जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा पर क्या और कैसा प्रभाव रहा ? जानने के लिए प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं रांची विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर “ज्यां द्रेज” के नेतृत्व में उनके एक सहयोगी लिबटेक इंडिया संस्था...

नॉर्थ ईस्ट डायरी: असम के दिमा हसाओ पहाड़ी जिले में उग्रवादी हिंसा का इतिहास रहा है

असम के दिमा हसाओ पहाड़ी जिले में पिछले हफ्ते एक संदिग्ध आतंकवादी हमले में पांच ट्रक ड्राइवरों की मौत हो गई। रिपोर्टों के अनुसार एक कारखाने से क्लिंकर और कोयला ले जा रहे लगभग सात ट्रकों के काफिले पर...

आदिवासी कोल के साथ हो रहा है अन्याय: अखिलेन्द्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोल जाति की बहुत बड़ी आबादी है जिसके साथ अन्याय हो रहा है अनुसूचित जनजाति का दर्जा न मिलने से वे वनाधिकार कानून में भूमि के अधिकार से वंचित हैं और सरकारी सेवाओं में यथोचित...

जीवन का अंत हो चुका होगा, तब शुरू होगा बचे रहने का युद्ध!

आज के समय में इससे जरूरी शायद दूसरा दस्तावेज नहीं हो सकता। इसे अपनी डायरियों में उतार लें, पोस्टर बना कर अपने आसपास की दीवारों को पाट दें, संभव हो तो इसे अपने खून या सोने की स्याही से...

ब्राह्मणवादी व्यवस्थापिका, न्यायपालिका, कार्पोरेट और भांड मीडिया के गठजोड़ के खिलाफ उतरेंगे अधिवक्ता

वाराणसी। बुधवार को यहां कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क में अनुसूचित जाति-जनजाति/पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के मौलिक अधिकारों पर हमला और अधिवक्ताओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक और मुख्य वक्ता एडवोकेट प्रेम प्रकाश...

मनरेगा में कम हुई है अनुसूचित जाति-जनजातियों की भागीदारी

रांची। मनरेगा कानून को देश में लागू हुए 14 वर्ष पूरे होने पर रांची एचआरडीसी में झाररखण्ड नरेगा वाच का राज्य सम्मेलन दो फ़रवरी को हुआ। इसमें प्रख्यात अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता ज्यां द्रेज ने सम्मेलन में कहा कि मनरेगा...
- Advertisement -spot_img

Latest News

मनरेगा मजदूरों ने समय पर भुगतान न होने पर मुआवजा और काम न होने पर बेरोजगारी भत्ते की मांग की

झारखंड। कहना ना होगा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी कानून (मनरेगा) देश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों...
- Advertisement -spot_img