Saturday, October 8, 2022

बिल्किस बानो के गांव से अहमदाबाद तक मैगसेसे विजेता संदीप पांडेय और एमएलए जिग्नेश मेवानी निकालेंगे पदयात्रा

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अहमदाबाद। दलित नेता और विधायक जिग्नेश मेवानी ने शुक्रवार को 2002 गुजरात दंगे की गैंग रेप पीड़िता के साथ हुए अन्याय के खिलाफ 26 सितंबर से होने जा रही पदयात्रा को समर्थन दिया तो इसी दिन अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट ने 2016 के एक मामले में उनके समेत 19 लोगों को 6 महीने की सजा सुनाई है।

मेवानी ने मैगसेसे अवार्ड से सम्मानित प्रोफ़ेसर संदीप पाण्डेय, सामाजिक कार्यकर्ता अमिता बुच के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि ” बिल्किस बानो भारत माता की बेटी है। बिल्किस हो या बबीता किसी के साथ ऐसे जघन्य अपराध को सभ्य समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैंने राहुल गांधी की उपस्थिति में 50000 लोगों के बीच बिल्किस के मुद्दे पर उठाया। कांग्रेस ने बिल्किस बानो पर खुलकर स्टैंड लिया है। जो मेरा स्टैंड है वही कांग्रेस का है। मैं तो बीजेपी महिला विंग को भी इस यात्रा में जुड़ने का निमंत्रण देता हूं।”

संदीप पाण्डेय ने कहा कि “हमने यात्रा मार्ग से जुड़े सभी चार जिलों के एसपी को यात्रा की सूचना दी है। हमने अनुमति नहीं सहयोग मांगा है। यदि पुलिस हमें गिरफ्तार करती है। तो हम गिरफ्तारी देंगे और छूटने के बाद यात्रा जारी कर देंगे। यात्रा का उद्देश्य है कि समाज बिल्किस से माफी मांगे। इसी लिए हमने पोस्टर और पत्रिका में लिखा है। बिल्किस हमें माफ करो।”

सामाजिक संगठनों कार्यकर्ताओं ने बिल्किस बानो मामले में 11 दोषियों की रिहाई के विरोध में गुजरात के दाहोद जिले के रंधिकपुर से अहमदाबाद के साबरमती आश्रम तक पदयात्रा निकालने का फैसला किया है। 11 दोषियों को गुजरात सरकार द्वारा छूट दिए जाने के बाद 15 अगस्त को गोधरा की  जेल से रिहा किया गया था। कार्यकर्ता ‘हिंदू-मुस्लिम एकता समिति’ के बैनर तले मार्च करेंगे और 26 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच 180 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे और विधायक जिग्नेश मेवानी तथा 25 अन्य लोगों के साथ भाग लेने के लिए तैयार हैं, जिसमें आयोजन समिति के सदस्य कलीम सिद्दीकी भी शामिल हैं। समूह ने एक विज्ञप्ति में कहा कि दोषियों की रिहाई एक ऐसे देश में शर्म की बात है जो अपनी आध्यात्मिकता और महात्मा गांधी के मूल्यों और गुणों के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है। इसमें कहा गया है कि यह शर्म की बात है कि महात्मा गांधी जैसे वैश्विक नेता को जन्म देने वाला गुजरात आज उन लोगों पर खामोश है जिन्होंने जघन्य अपराध किए हैं।

विज्ञापन समूह ने कहा, “ताकि मानवता जीवित रहे, ताकि नैतिक मूल्यों और नैतिक मानकों का सम्मान किया जा सके, ताकि निर्दोष लोग सुरक्षित महसूस करें और अपराधियों को हतोत्साहित किया जाए”। इसमें कहा गया है कि मार्च बिल्किस बानो को यह बताने के लिए था कि “हमें खेद है” और यह आशा करने के लिए कि ऐसा किसी और के साथ न हो। 2002 में राज्य में हुए गोधरा दंगों में बिल्किस बानो के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और उनके कई रिश्तेदार मारे गए थे। बिल्किस बानो की 3 वर्षीय बच्ची को दंगाइयों ने पत्थर पर पटक कर मार दिया था।

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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