Saturday, August 13, 2022

यूपी में युवाओं का सत्ता विरोधी आगाज़! रोजगार और लंबित भर्तियों पर जगह-जगह आंदोलन

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लखनऊ/प्रयागराज। लखनऊ का इको गार्डन इन दिनों उत्तर प्रदेश का जंतर-मंतर बना हुआ है। आज इको गॉर्डन में बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों का हल्लाबोल कार्यक्रम हुआ। जिसमें भाग लेने बड़ी संख्या में संविदा कर्मी इको गार्डन पहुंचे। 

यूपी पावर कार्पोरेशन के संविदा कर्मियों का बड़ा जमावड़ा हुआ। इसके लिये पूर्व नोटिस के तहत 75 जिलों में संविदा कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। मेहनत के मुक़ाबले कम वेतन मिलने का विरोध करते हुये बिजली विभाग के संविदा कर्मियों ने मांग की कि संविदा कर्मियों की बीच के ठेकेदारों को हटाया जाये। और ठेका प्रथा हटाकर सीधा नियुक्ति की जाये। मांगें पूरी ना होने पर संविदा बिजली कर्मी विधानसभा कूच करेंगे ।

वहीं साल 2011 की 72825 शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले को लेकर पीड़ित अभ्यर्थियों ने इको गॉर्डन पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव न्याय डॉ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित थी।

इंकलाबी नौजवान सभा उत्तर प्रदेश का 7वां राज्य सम्मलेन कल 9 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में होगा। 

आंकड़ों में मत उलझाओ, रोज़गार कहां है ये बतलाओ, सम्मान जनक नहीं तो प्रतिमाह 10000 रुपये बेरोजगारी भत्ता का क़ानून बनाओ, उत्तर प्रदेश में रिक्त पड़े 25 लाख पदों पर भर्ती करो, सरकारी संस्थानों को बेचने का फैसला वापस लो’ जैसे नारे के साथ सम्मानजनक रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, लोकतंत्र व सामाजिक न्याय के लिए युवाओं ने आंदोलन तेज कर दिया है।

इससे पहले सोमवार को इंकलाबी नौजवान सभा के बैनर तले 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाले के ख़िलाफ़ इको गार्डन में छात्रों युवाओं का प्रदर्शन हुआ था। 

बता दें कि उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में सितंबर महीने में रोज़गार के मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन और जागरुकता कार्यक्रम किया जा रहा है। 16 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को बेरोज़गार युवा पिछले साल की ही तरह ‘जुमला दिवस’ के तौर पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

इसी क्रम में 1 सितंबर को उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद में छात्र युवा रोज़गार अधिकार सम्मेलन संपन्न हुआ। जिसमें उत्तर प्रदेश में सभी खाली पड़े पदों को भरने एव हर जिले में कारखाना चालू कर रोजगार देने की मांग के साथ-साथ 69000 हजार शिक्षक भर्ती में समुचित आरक्षण लागू करने की मांग की गई।

4 सितंबर को चंदौली में योगी सरकार की पुलिस रोज़गार अधिकार सम्मेलन को नहीं होने देना चाहता थी, वह नहीं चाहती छात्र युवा रोज़गार गारंटी की बात करें। 

चंदौली प्रसाशन ने पहले से तय सम्मलेन की जगह पर सम्मलेन करने से रोक दिया। चंदौली के युवाओं ने प्रशासन से लड़ कर हाल के बाहर ही मंच लगा कर अपना सफल सम्मलेन किया। सम्मलेन में युवाओं के साथ स्थानीय लोगों ने भी भागीदारी की। सम्मेलन को जेएनयू की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुचेता डे, इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सम्बोधित किया। 

वहीं 5 सितम्बर को रायबरेली में छात्र युवा रोजगार अधिकार मोर्चा के बैनर पर रोजगार अधिकार सम्मेलन रायबरेली के विवेकानंद कोचिंग में ‘आंकड़ों में मत उलझाओ, रोजगार कहां है ये बतलाओ नारे के साथ शुरू हुआ। सम्मेलन प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश में खाली पड़े 25 लाख पदों को भरने एव हर जिले में कारखाना चालू कर रोज़गार देने की मांग के साथ-साथ 69000 शिक्षक भर्ती में समुचित आरक्षण लागू करने की मांग की।

सम्मलेन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एक्टू के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने कहा की उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार प्रदेश में रोजगार मांगने पर युवाओं को पुलिस की लाठी मिल रही है। आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया, शिक्षा मित्रों और स्कीम वर्करों की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। नफ़रत की राजनीति, दबंगई को सत्ता संरक्षण, पुलिस को ठांय-ठांय करने की छूट और जन आंदोलनों पर दमन ने लोकतंत्र को तहस-नहस कर दिया है। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और गरीबों का जीना दूभर है। योगी की सरपरस्ती में पुलिस-गुंडा राज चल रहा है। ऐसे में कानून और संविधान का राज व रोज़गार का अधिकार तभी होगा जब भाजपा और योगी सत्ता से बेदखल होंगे।

सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए, उत्तर प्रदेश छात्र युवा रोजगार अधिकार मोर्चा के प्रदेश संयोजक  व इंकलाबी नौजवान सभा  के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि देश एव प्रदेश  में एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। 04 साल में फार्म निकालकर चार लाख रोजगार भी न दे पाने वाली योगी सरकार प्रचार इतना जोर शोर से कर रही है मानो सभी नौजवानों को रोजगार मिल गया हो। रोज़गार तो मिला नहीं, दलित पिछड़ों को मिल रहा आरक्षण भी समुचित तरीके से लागू न करके खत्म करने की साजिश ही दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश नंबर 01 का विज्ञापन देश भर में चलाया जा रहा है जबकि बेरोजगारी व स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं  है। 

जिला संयोजक उदय भान चौधरी ने  कहा की उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, महंगाई, अशिक्षा, बदहाल स्वास्थ्य, कृषि संकट व दमन झेल रही जनता के संकट को हल करने के बजाय सरकार और बढ़ाने का ही काम कर रही है, सरकार के इस जन विरोधी, युवा विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ युवा आंदोलन को तेज करने के लिए इंकलाबी नौजवान सभा का जिला कमेटी का गठन किया गया जो रोजगार के सवाल पर आंदोलन को तेज करेगा।

हनुमान अंबेडकर ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा की नौजवानों की यह पहल उत्तर प्रदेश में नए आंदोलन और नयी सम्भावना को जन्म देगा। इंजीनियर दिनेश रतन ने कहा कि सरकार चौतरफा किसानों नौजवानों महिलाओं दलितों का हक़ छीन रही है। 

इंकलाबी नौजवान सभा नई कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें हनुमान अंबेडकर को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पद पर अहमद सिद्दीकी, जितेंद्र कुमार और इंजीनियर दिनेश रतन जिला सचिव के पद पर उदय भान चौधरी को और सह सचिव के पद पर रामबाबू कुशवाहा, सुरजीत व कंचन मौर्य और सदस्य के रूप में विजयपाल, गया प्रसाद, दिनेश गौतम,जितेंद्र कुमार को रखा गया। कार्यक्रम में अखिलेश यादव, राम सिंह, सुनील,रवि, मोहम्मद जाहिद, आशीष कुमार  टीपू सुल्तान इत्यादि लोग उपस्थित रहे। 

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