दिल्ली की गरीब महिलाओं के खाते में कब आएगा 2,500 रुपया?

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में ऐपवा द्वारा महिला हस्ताक्षर अभियान चल रहा है। जिसमें महिलाएं बढ़-चढ़ कर भागीदारी कर रही हैं। वजीरपुर, नरेला, मुकुंदपुर, संगमविहार, गोला कैंप, ओखला, कोंडली, खोड़ा समेत दिल्ली एनसीआर के अन्य क्षेत्रों मे 10,000 से भी ज्यादा महिलाओं ने इस हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया है। 

ऐपवा का कहना है कि भाजपा सरकार दिल्ली विधानसभा में आने के बाद वो तमाम वादे भूल चुकी है, जो कि उसने जनता से किए थे। जिसमें गरीब महिलाओं को प्रतिमाह 2500/- देने से लेकर गैस सिलिंडर पर 500 रुपए की छूट जैसी मांगे शामिल हैं। 

संगठन के नेताओं ने बताया कि हालत तो ये है कि दिल्ली सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा तो नहीं ही किया। लेकिन, वो दिल्ली की सभी महिलाओं से बेशर्त बस सेवा का अधिकार भी अब छीनने पर आमादा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि अब केवल उन्हीं महिलाओं को फ्री बस सेवा मिलेगी तो जो कि दिल्ली की स्थायी निवासी होंगी।

ऐपवा का मानना है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा सरकार का ये फैसला महिला विरोधी है। क्योंकि, दिल्ली के अंदर एक बड़ी आबादी महिला प्रवासी मजदूरों की है, जो कि देश के दूरदराज इलाकों से दिल्ली में रोजी रोटी की तलाश करने आती है। यह हिस्सा किराए के मकान में रहकर अपना गुजर बसर करता है और दिल्ली की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है।

संगठन का कहना है कि दिल्ली एनसीआर इलाके जैसे फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, खोड़ा, सोनीपत, पानीपत से बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली काम करने आती हैं। इनसे फ्री बस सेवा छीनना एक महिला विरोधी और जन विरोधी फैसला है।

आज दिल्ली की महिलाओं की बुनियादी जरूरत है, सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा। इसके लिए जरूरी है कि सरकारी बसों की संख्या बढ़ाई जाए। 

ऐपवा का कहना है कि भाजपा सरकार ने जिन चुनावी वादों के साथ अपनी सरकार बनाई थी, वो सभी वादे अब ठंडे बस्ते में जा चुके हैं। लेकिन, दिल्ली की महिलाओं ने ठान लिया है कि वो इसके खिलाफ एक जबरदस्त आंदोलन खड़ा करेंगी। इसी क्रम में ऐपवा द्वारा घर घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चल रहा है!

ऐपवा ने मांग की है कि दिल्ली के डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के लिए बेशर्त फ्री बस सेवा जारी रखी जाए। भाजपा सरकार दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए सभी वादे निभाए।

इसी क्रम में आने वाले 8 अक्टूबर को, सुबह 11 बजे से जंतर-मंतर पर महिला अधिकार पंचायत होने जा रही है। संगठन ने लोगों से उसमें भाग लेने की अपील की है।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

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