राज वाल्मीकि

पुण्यतिथि विशेष: मौजूदा दौर में और भी प्रासंगिक हुए डॉ. अंबेडकर

आज के दौर में जब सामाजिक-आर्थिक असमानता बढ़ रही है। लोकतंत्र और संविधान संकट में हैं। समाजवाद… Read More

होती नहीं महंगाई, बेरोज़गारी और शिक्षा पर बात तो कैसे बदलेंगे हालात?

महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दाें पर राजनीतिक दल जनता का साथ क्‍यों नहीं देते? इन मुद्दों… Read More

पुस्तक समीक्षा : जातियों का इतिहास बताती ‘जातियों की आत्मकथा’

भारतीय समाज में खासकर हिंदू संप्रदाय में जाति की जकड़न बहुत जटिल है। प्राचीन समय में ब्राह्मण वर्ग… Read More

दुनिया देश और समाज : रिश्‍तों में मिठास नहीं क्‍यों आज?

आजकल हमारे रिश्‍तों-नातों में मिठास की कमी महसूस हो रही है। दिवाली जैसे त्‍योहार में औपचारिकतावश मिठाई… Read More