राज वाल्मीकि

पुण्यतिथि विशेष: दलितों बहुजनों की राजनीति में कांशीराम जैसे जननायकों की जरूरत

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने दलित वंचित वर्ग के लिए समता, समानता, न्‍याय तथा सामाजिक परिवर्तन के… Read More

चाकू समय में हथेलियां: लोकतांत्रिक स्पेस तलाशती स्त्रियों की कहानियां

इन कहानियों में एक बेकरार दौर है। बेकरार दिल की बेकरार कहानियां हैं। लोकतांत्रिक स्‍पेस तलाशने की… Read More

पुस्‍तक समीक्षा: वर्तमान संदर्भ में क्‍या हैं धर्म, समाज और संस्‍कृति के निहितार्थ ?

किसी भी देश में जो मौजूदा समाज व्‍यवस्‍था होती है उसी जड़ें वहां के धर्म और संस्‍कृति… Read More

स्‍मृति विशेष : सामाजिक न्‍याय और संविधान को बचाने लिए आजीवन लड़ते रहे चौथीराम यादव

हिंदी साहित्‍य जगत के वरिष्‍ठ मार्क्‍सवादी विचारक, आलोचक और अंबेडकरी विचारधारा के समर्थक प्रोफेसर चौथीराम यादव का… Read More

दिल्‍ली में क्‍यों लगी है सैकड़ों सफाई कर्मचारियों की आजीविका दांव पर?

दिल्ली में सफाई कर्मचारी बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं क्योंकि सरकारी क्षेत्र उन्हें ठीक से एकीकृत… Read More

पुस्तक समीक्षा: निष्‍ठुर समय से टकराती औरतों की संघर्षगाथा दर्शाता कहानी संग्रह

शोभा सिंह का कहानी संग्रह, 'चाकू समय में हथेलियां', विविध समाजिक मुद्दों पर केंद्रित है, जैसे पितृसत्ता,… Read More