Wednesday, August 10, 2022

उर्मिलेश

सर्व-शक्तिमान भाजपा को बिहार क्यों बन गया है मुश्किल?

सभी राजनीतिक दलों और सूबाई क्षत्रपों के लिए तरह-तरह की मुश्किलें पैदा करने में उस्ताद देश की सर्व-शक्तिमान सत्ताधारी पार्टी-भाजपा बिहार में स्वयं ही मुश्किलों का सामना कर रही है। पिछले तीन-चार महीने से उसे समझ में नहीं आ...

राष्ट्रपति चुनावः विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा क्या उपयुक्त उम्मीदवार हैं?

21 जून को विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के चुनाव के लिए अपने साझा उम्मीदवार की घोषणा की। अपने उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को ‘अच्छा उम्मीदवार’ बताया। स्वयं यशवंत जी भी पिछले कुछ समय से लगातार ‘अच्छी-अच्छी बातें’ करते नजर आ...

देवगौड़ा की जीवनी के जरिये समाज और राजनीति का इतिहास

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा को मैंने संसद भवन, राष्ट्रीय राजधानी या देश के किसी अन्य हिस्से में आयोजित समारोहों या कार्यक्रमों में देखा और सुना है। किसी संकोच के बगैर कह सकता हूं कि ज्यादातर उत्तर-भारतीय लोगों की...

युद्ध में झुलसती मनुष्यता और मनुष्य की क्रूरता का आख्यान  

दुनिया में नर्क और दर्द का दायरा बहुत बड़ा है। अपेक्षाकृत विकसित समझे जाने वाले ऐसे यूरोपीय देश, जहां एक समय समाजवाद की जमीन तैयार की जा रही थी, वे  भी इससे अछूते नहीं हैं। अलग-अलग जातीय-समूहों और देशों...

संघ-भाजपा के सर्वसत्तावाद के विरूद्ध वैकल्पिक-राजनीति किधर है?

भारतीय़ जनता पार्टी और आरएसएस का सर्वसत्तावाद सन् 2022 में अपने विराट रूप में सामने आया है। यूपी सहित चार राज्यों के चुनाव में कामयाबी हासिल करने के बाद केंद्रीय सत्ता पहले से भी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही...

टीआरपी और टीवीपुरम् का राजनीतिक-अर्थशास्त्र

पिछली सदी का आखिरी दशक भारतीय समाज, राजनीति और मीडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस दशक में  तीनों की दशा और दिशा को एक खास ढंग से बदलने की शुरुआत हुई। सरकार ने देशी-विदेशी निजी पूंजी को...

यूपी के चुनावी-नतीजे का राजनीतिक मतलब

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बारे में तरह-तरह की व्याख्याएं की जा रही हैं। यह महत्वपूर्ण चुनाव था, जिसमें कोई सत्ताधारी पार्टी वर्षों के अंतराल के बाद दोबारा सत्ता में आई है। इसका...

नतीजे से पहले ही विवादास्पद हुआ यूपी का चुनाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों पर चुनावी परिदृश्य में सत्ताधारी दल के लिए कुछ भी सहज नहीं दिख रहा था। लेकिन टीवीपुरम के ‘एक्जिट पोल’ 7 मार्च से ही भारतीय जनता पार्टी की जीत...

जीरो माइल पटनाः बदलते शहर में समाज और विकास

शहरों पर किताबें पहले भी लिखी गयी हैं, आज भी लिखी जा रही हैं और आगे भी लिखी जायेंगी। कुछ किताबें शहरों का इतिहास बताती हैं, कुछ समाजशास्त्र और कुछ खास घटनाओं के उल्लेख के जरिये शहर की कहानी...

भंवर मेघवंशी की यात्राएं: सच की तलाश और प्रकृति से साक्षात्कार

‘मैं कारसेवक था’ जैसी कृति से खासतौर पर चर्चित हुए पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी का नया यात्रा-वृत्तांत हैः यात्राएं!  इसमें उनके चौदह यात्रा-वृत्त हैं। दो लंबे हैं और शेष अपेक्षाकृत संक्षिप्त। ‘य़ात्राएं’ (संभावना प्रकाशन, रेवतीकुंज, हापुड़-245101) उनका पहला...

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