उर्मिलेश

ये बेलगाम मौतें सिर्फ त्रासदी नहीं, एक स्वतंत्र-राष्ट्र की विफलता का खूनी स्मारक भी हैं

हमारे मुल्क में इतिहास से ज्यादा मिथकों की रचना होती रही है। लंबे समय तक हमारा इतिहास… Read More

बंगाल में हिन्दुत्वा-कारपोरेट वैचारिकी का सबाल्टर्न-मुखौटा कितना कारगर होगा?

बंगाल के चुनावी नतीजे चाहे जो हों लेकिन चुनाव प्रचार की रणनीति के स्तर पर भारतीय जनता… Read More

अमिताभ घोष का नया उपन्यासः जलवायु-परिवर्तन,शरणार्थी और संक्रमण जैसी जटिल चुनौतियों की दिलचस्प गाथा

यह एक ऐसा उपन्यास है, जिसका कथानक दुनिया के चार महाद्वीपों में फैला है! इसके चरित्र भी… Read More

राजनीति को नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन और हिंदी-भाषी क्षेत्र की खतरनाक जड़ता

एक बनता हुआ राष्ट्र अगर भारत जैसा विशाल, विविधता और इस कदर असमानता-ग्रस्त हो तो उसकी चुनौतियां… Read More

मौजूदा भारतीय संदर्भ के जटिल प्रश्न और पब्लिक इंटैलेक्चुअल की भूमिका!

पिछले दिनों अंग्रेजी में लिखने-पढ़ने और बोलने वाले बड़े लेखक का एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इंटरव्यू… Read More

अर्नब प्रकरण के बहाने भारतीय मीडिया पर एक टिप्पणीः मीडिया उद्योग का गहराता अंधेरा, सत्ता और पत्रकारिता की उम्मीदें

बीते कुछ घंटों से देश के मीडिया और राजनीति में मुंबई पुलिस द्वारा एक न्यूज चैनल के… Read More