ज़ाहिद खान

अभिनव क़दम: भारतीय किसान और उनकी समस्याओं पर दस्तावेज़ी अंक

जयप्रकाश ‘धूमकेतु’ के संपादन में बीते ढाई दशक से निरंतर निकल रही ‘अभिनव क़दम’, हिन्दी साहित्य की… Read More

स्मृति दिवस विशेष: फ़िक्र तौंसवी का लेखन, एक बेहतर समाज बनाने की फ़िक्र से निकला है

आम धारणा यह है कि उर्दू ज़बान मुसलमानों की भाषा है और यह ज़बान कहीं और से… Read More

जन्मदिवस विशेष: थोड़े में बहुत कुछ कहने वाला अफसानानिगार राजिंदर सिंह बेदी

उर्दू अफ़्सानवी अदब बात हो, और वह राजिंदर सिंह बेदी के नाम के ज़िक्र के बिना ख़त्म… Read More

पुस्तक समीक्षा: ‘अधूरे’ एक रूपक है, इंसानी ज़िंदगी के अधूरेपन का

‘अधूरे’ तेलुगु कहानी संग्रह है, जिसका हिंदी अनुवाद डॉ. एस.के. साबिरा ने किया है। संग्रह की सारी… Read More

स्वतंत्रता दिवस विशेष: जब लेखकों-कलाकारों ने अवाम में जगाया आज़ादी का अलख

देश की आज़ादी लाखों-लाख लोगों की क़ुर्बानियों का नतीजा है। जिसमें लेखक, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों ने भी… Read More

प्रेमचंद के साहित्य में प्रतिरोध के स्वर

हिन्दी-उर्दू साहित्य में कथाकार प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने साहित्य की पूरी… Read More