Friday, August 12, 2022

श्री करतारपुर साहिब गलियारा फिर खुला, सियासी दलों में श्रेय लेने की होड़!

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20 महीने से बंद श्री करतारपुर साहिब गलियारा बुधवार को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खुल गया। मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा की। श्री करतारपुर साहिब गलियारे का उद्घघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले 9 नवंबर को किया था। कोरोना महामारी के चलते इस कॉरिडोर को मार्च 2020 में बंद कर दिया गया था। महामारी की रफ्तार ढीली पड़ने तथा हालात कुछ सामान्य होने के बाद विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठन और देश- विदेश के लाखों श्रद्धालु इसे खोले जाने की पुरजोर मांग कर रहे थे। पाकिस्तान भी बदस्तूर कह रहा था कि भारत अपनी ओर के प्रवेश द्वार खोले और श्रद्धालुओं को आने दे।                                     

गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव के ठीक पहले केंद्र सरकार ने यह घोषणा की है। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की मुखिया बीबी जागीर कौर, आम आदमी पार्टी (आप) के सह राज्य प्रभारी राघव चड्ढा, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने श्री करतारपुर साहिब गलियारा फिर से खोले जाने का स्वागत किया है। श्रद्धालुओं में तो खुशी की जबरदस्त लहर है ही।                                                 

सूबे के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि उनका पूरा मंत्रिमंडल 18 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब रवाना होने वाले जत्थे में शामिल होगा। वह बोले, हमारी प्रार्थना रंग लाई। मैंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से कई बार गलियारा खोलने की मांग की थी और आखिर इसे खोलने का फैसला लिया गया है।            

एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर के नेतृत्व में कमेटी का एक विशेष जत्था 19 नवंबर को श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाएगा।                                              

गौरतलब है कि गलियारा खुलने का समय प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक का है। उसी दिन सुबह जाना होगा और शाम को वापस लौटना होगा। औपचारिकताओं के लिए एक घंटा पहले पहुंचना होगा। श्रद्धालुओं के पास रजिस्ट्रेशन की कॉपी, 24 घंटे पहले की कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट, पासपोर्ट की स्कैन कॉपी–जिसमें फोटो, पता और पासपोर्ट के अंतिम पेज की स्कैन कॉपी परिवारिक जानकारी सहित होनी चाहिए। आधार कार्ड भी जरूरी है। पासपोर्ट पर न तो कोई मोहर लगेगी और न ही साइन आदि होंगे। श्रद्धालु अपने साथ कोई नुकीली चीज, सब्जी काटने वाला चाकू और लाइटर वगैरह नहीं ले जा सकेंगे।              

हासिल जानकारी के मुताबिक श्री करतारपुर साहिब गलियारा खुलने की सूचना मिलते ही पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। विशेष लंगर तैयार हो रहे हैं और 200 से ज्यादा सेवादार गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब में सेवा में जुट गए हैं। आने वाली संगत के लिए मेडिकल सुविधाओं सहित तमाम जरूरी बंदोबस्त किए जा रहे हैं। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अमीर सिंह ने श्री करतारपुर साहिब गलियारा खोले जाने पर खुशी जाहिर की है।                                      

इधर, गलियारा खुलने की खबर मिलते ही भारत-पाक सीमा पर स्थित डेरा बाबा नानक में बने इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को चाक-चौबंद किया जा रहा है। यहां काम करने वाले मुलाजिमों को फिर से बुला लिया गया है। बीएसएफ की बटालियन- 185 तैनात हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि वेरिफिकेशन और दस्तावेजों की जांच का काम शुरू हो गया है। बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण होगा।                        

भारत और पाकिस्तान की सरकारों को श्रद्धालुओं की इस मांग पर विचार करना चाहिए कि श्री करतारपुर साहिब जाने के लिए पासपोर्ट और 20 डॉलर की शर्त को हटाया जाए।          

जिक्रेखास है कि केंद्र द्वारा श्री करतारपुर साहिब गलियारा खोले जाने के पीछे कहीं न कहीं राजनीतिक निहितार्थ भी हैं। पंजाब में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। सीधे तौर पर भाजपा गलियारा खुलने का पूरा श्रेय लेना चाहती है। जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि इसके लिए पहल-कदमी उन्होंने की और केंद्र पर दबाव बनाया। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी इसका श्रेय लेना चाहते हैं।                                    

एक साल से किसान आंदोलन जारी है और इसमें सबसे ज्यादा शमहूलियत पंजाब के लोगों तथा सिखों की है। आंदोलनरत किसान, जिनमें बड़ी तादाद सिखों की है–वे जगह-जगह भाजपा तथा केंद्र सरकार का कड़ा विरोध कर रहे हैं। गलियारा खोलने के फैसले की विधिवत घोषणा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, मोदी सरकार ने श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को 17 नवंबर से दोबारा खोलने का बड़ा फैसला किया है। इससे बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालुओं को लाभ होगा। यह फैसला श्री गुरु नानक देव जी और सिख समुदाय को लेकर मोदी सरकार की अपार श्रद्धा को दर्शाता है। शाह ने कहा कि, देश 19 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाशोत्सव मनाने के लिए तैयार है।                              

यह आकस्मिक नहीं है कि भाजपा की पंजाब इकाई के नेताओं ने तीन दिन पहले इस विशेष मांग के साथ दिल्ली में डेरा डाला हुआ था कि श्री करतारपुर साहिब फिर से खोला जाए। बताया जाता है कि उन्हें खास रणनीति के तहत दिल्ली बुलाया गया था। इस बाबत पंजाब भाजपा के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर मांग की। तभी से चर्चा थी कि केंद्र सरकार पार्टी को श्रेय देते हुए कॉरिडोर 19 नवंबर से पहले खोल देगी। ऐसा ही हुआ। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के इस बयान पर गौर कीजिए, “करतारपुर कॉरिडोर खुलवाना पंजाब के लिए भाजपा का फर्ज था।” यानि कॉरिडोर भाजपा ने खुलवाया है! 

दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इशारे और शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद से भाजपा पंजाब में सिखों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। राज्य में जगह-जगह छोटे-बड़े भाजपा नेता खुलकर कह रहे हैं कि श्री करतारपुर साहिब गलियारा उनके प्रयासों से फिर से खुला है। हालांकि इस बात के लिए उनका विरोध भी हो रहा है। गलियारा खुलने के बाद कई जगह भाजपा नेता लड्डू बांट रहे थे तो किसानों ने उनका विरोध किया।

(पंजाब से वरिष्ठ पत्रकार अमरीक सिंह की रिपोर्ट।)

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