संस्कृति-समाज

मशहूर दास्तानगो महमूद फारूक़ी और पूनम गिरधानी ने सुनाई ‘दास्तान-ए-रेत-समाधि’

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार से सम्मानित इकलौते हिन्दी उपन्यास ‘रेत-समाधि’ के साथ एक और उपलब्धि जुड़ गई है। मशहूर… Read More

स्मृति शेष: लेखक, कहानीकार सलाम बिन रज़्जाक़ की याद में श्रद्धांजलि सभा 

मुंबई। दिनांक 31 मई को विरूंगला केन्द्र, मीरा रोड, मुंबई में प्रसिद्ध लेखक सलाम बिन रज़्जाक़ की… Read More

अपनी मौत के पहले नवलनी ने संघर्ष की गाथा से भरपूर अपनी जीवनी लिखी थी

रूस के बहादुर नेता एलेक्सी नवलनी (Aleksei Navalny) ने जेल में अपनी हत्या के पहले अपनी जीवनी… Read More

पुस्तक समीक्षा : भारत का स्वाधीनता संग्राम और क्रांतिकारी

विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर अपनी तीखी टिप्पणियों के संग-संग सारगर्भित, तीक्ष्ण एवं चोट करती हुई कविताओं हेतु… Read More

उद्भावना नेहरू विशेषांक: गालियां खा के बेमज़ा न हुआ

‘उद्भावना’, हिन्दी-उर्दू साहित्य पर केन्द्रित एक वैचारिक पत्रिका है। मैंने इसमें ‘उर्दू साहित्य’ का समावेश इसलिए किया… Read More