तृप्ति मित्रा, भारतीय जन नाट्य संघ यानी इप्टा से इब्तिदाई दौर में जुड़ने वाली अदाकारा में से… Read More
संस्कृति-समाज
गौतम बुद्ध ने कहा था कि “किसी वस्तु या विचार को इसलिए सही न मानो कि वे… Read More
रूहानी आवाज़ से दिलों पर हुकूमत करने वाले पाकिस्तानी क़व्वाल नुसरत फतेह अली ख़ान अपने फ़न से… Read More
‘उद्भावना’, हिन्दी-उर्दू साहित्य पर केन्द्रित एक वैचारिक पत्रिका है। मैंने इसमें ‘उर्दू साहित्य’ का समावेश इसलिए किया… Read More
“मैंने उसको जब-जब देखा, लोहा देखा, लोहे जैसा- तपते देखा- गलते देखा- ढलते देखा, मैंने उसको गोली… Read More
भारतीय सिनेमा में मृणाल सेन एक ऐसे निर्देशक हुए हैं, जिन्होंने अपनी प्रयोगशील और समाजी-सियासी तौर पर… Read More
बीती 12 मई की शाम प्रो. चौथीराम यादव का अकस्मात निधन हिंदी के बौद्धिक व परिवर्तनकामी समाज… Read More
हिंदी साहित्य जगत के वरिष्ठ मार्क्सवादी विचारक, आलोचक और अंबेडकरी विचारधारा के समर्थक प्रोफेसर चौथीराम यादव का… Read More
बनारस। बात-बात पर छोटी-बड़ी लड़ाइयों में, असहमित के पक्ष में, किसी भी सत्ता के खिलाफ, नफा-नुकसान की… Read More
इतिहास कोई सीधी रेखा नहीं होती और इसीलिए वह कालक्रमों में लिखे होने के बावजूद अपने भीतर… Read More