संस्कृति-समाज

शहादत दिवस पर विशेष: हिंदी में सबसे ज्यादा मकबूल क्रांतिकारी पंजाबी कवि पाश

पंजाबी का कोई अन्य लेखक/साहित्यकार हिंदी पट्टी में इतना मक़बूल नहीं है जितना पाश। बल्कि यह कहना… Read More

अलविदा आग़ा साहब ! फासीवादी ताकतों की आहट बारीकी से सुनने वाली एक क़लम ख़ामोश

मुख्यधारा के वरिष्ठ पत्रकार ज़फ़र आग़ा नहीं रहे। फासीवादी ताकतों की आहट बारीकी से सुनने वाली एक… Read More

‘दक्षिण पंथ से भारत में अगर कोई मुकाबला कर सकता है तो वो वामपंथ ही है’ कहने वाले प्रो. धनंजय वर्मा को किया गया याद

इंदौर। प्रलेस इंदौर और स्टेट प्रेस क्लब इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में बीते रविवार की शाम अभिनव… Read More

सीएए, मुस्लिम मन और किताब ‘शाहीनबाग़: लोकतंत्र की नई करवट’

आसन्न लोकसभा चुनाव की घोषणा से ऐन पहले सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) लागू कर दिया गया। तार्किक… Read More

किताब पर चर्चा; अब ज्यूडिशियरी की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए: वृंद्रा ग्रोवर

नई दिल्ली। ‘ये किताबें हमारे सामने क़ानून को कठघरे में रखती हैं ’, यह कहना है सुप्रीम कोर्ट… Read More

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: 34 साल बाद भी नहीं मिला रुचिका गिरहोत्रा को न्याय

महिला दिवस की पूर्व संध्या से दो दिन पहले आए एक फ़ैसले ने रुचिका गिरहोत्रा की हौलनाक… Read More