वरिष्ठ आलोचक शंभुनाथ की आलोचना का सैद्धांतिक विवेचन करते समय सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि… Read More
संस्कृति-समाज
साहित्यिक दुनिया का एक असुविधाजनक लेकिन अनदेखा न किया जा सकने वाला सच यह है कि स्वप्रचार… Read More
धर्मान्ध लोग – जो हंसना भूल गए हैं, रोना भूल गए हैं, और करूणा भूल गए हैं… Read More
सआदत हसन मंटो। एक ऐसा नाम जो जीते जी विवाद में रहे। उनके मरने के बाद उन्हें… Read More
डॉ. राजेश्वर सक्सेना का नब्बे वर्ष पार करना मात्र दीर्घायु का सूचक नहीं है, बल्कि यह हिन्दी… Read More
”फ़िल्म बनाने का प्राथमिक उद्देश्य मानवजाति के लिए भलाई करना है। यदि आप मानवता के लिए भलाई… Read More
मशहूर पत्रकार मार्क टली का कुछ देर पहले आज दिल्ली में निधन हो गया। लंबे समय तक… Read More
लघु पत्रिका आन्दोलन साहित्य के इतिहास में केवल एक प्रकाशन-परिघटना नहीं है, बल्कि वह एक वैचारिक प्रतिरोध,… Read More
दिल्ली में 10 जनवरी से लेकर 18 जनवरी तक विश्व पुस्तक मेला सम्पन्न हो गया, इसके बारे… Read More
माधव गाडगिल, जो भारत के अग्रणी दूरदर्शी पारिस्थितिकीविद् और प्रकृति संरक्षणवादियों में से एक थे, ने 7… Read More