संस्कृति-समाज

सालारजंग संग्रहालय: आंखों के सामने जिंदा हो जाता है इतिहास-ए-निज़ाम

इनको देखा तो ये ख्याल आया कि हम इन म्यूजियमों को क्यों देखें? म्यूजियम बीते समय यानी… Read More

स्मृति दिवस पर विशेष: एक संस्कृतिकर्मी के बतौर गोरख की रचनाओं से साक्षात्कार

गोरख से व्यक्तिगत रूप से अंतरंग होने का मुझे मौका नहीं मिला। लेकिन उनके गीत और कविताएं… Read More

सोफिया दिलीप सिंह: एक क्रांतिकारी सिख ‘राजकुमारी’                               

राजकुमारी सोफिया दिलीप सिंह को कौन नहीं जानता? बतौर ‘राजकुमारी’ नहीं बल्कि भारतीय स्वतंत्रता के लिए अपने… Read More

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस समाजवादी थे, दक्षिणपंथी नहीं

बात 1984 के सितंबर की है। इंडियन पीपुल्स फ्रंट का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन कोलकाता में होना तय… Read More

अमेरिका की सड़कों पर गर्भपात अधिकारों के लिए हजारों महिलाओं का मार्च

रविवार को अमेरिका की सड़कों पर एक बार फिर हजारों महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। हाथ में… Read More

लेनिन स्मृति: औद्योगिक क्रांति और विश्व युद्ध के बाद बीसवीं सदी की नस्लें चारों ओर से पुकारती रहीं ‘क्या करें’?

मुक्तिबोध पूछते हैं- ‘क्या करूँ/ कहाँ जाऊं/ दिल्ली या उज्जैन-इस बेचैनी में गति है, तनाव है लेकिन… Read More

कबीर और कबीरपंथः ब्रिटिश शोधकर्ता एफ ई केइ की मशहूर किताब का पहला हिंदी अनुवाद

कबीर और कबीरपंथ ब्रिटिश शोधकर्ता और लेखक एफ ई केइ (फ्रैंक अर्नेस्ट केइ) की मशहूर और ऐतिहासिक… Read More