संस्कृति-समाज

पुण्यतिथि पर विशेषः साहिर का ‘वह सुबह कभी तो आएगी…’ बन गया था मेहनतकशों का तराना

साहिर लुधियानवी एक तरक्कीपसंद शायर थे। अपनी ग़ज़लों, नज़मों से पूरे मुल्क में उन्हें खूब शोहरत मिली।… Read More

पुण्यतिथि पर विशेषः इस्मत चुग़ताई को कुर्रतुल ऐन हैदर ने कहा था, ‘लेडी चंगेज़ खां’

उर्दू मॉडर्न कहानी के चार स्तंभ रहे हैं। कृश्न चन्दर, राजिंदर सिंह बेदी और सआदत हसन मंटो।… Read More

बेमिसाल थी अशफाकुल्ला और बिस्मिल की दोस्ती, खेल के मैदान से लेकर फांसी के फंदे तक रहा साथ

“कभी तो कामयाबी पर मेरा हिन्दोस्तां होगा। रिहा सैय्याद के हाथों से अपना आशियाँ होगा।।” अंग्रेजी शासन… Read More

दुर्गा पूजा का सांस्कृतिक और धार्मिक पहलू

पहले यह पंक्तियां पढ़िए,कहती थीं माता मुझको सदा राजीव नयनदो नील कमल हैं शेष अभी,यह पुरश्चरणपूरा करता… Read More

जन्मदिन पर विशेषः कैफी से शौकत का प्रेमिका, पत्नी, कला और सड़क पर साझे संघर्ष का था रिश्ता

तरक्कीपसंद तहरीक की हमसफर, मशहूर शायर-नगमानिगार कैफी आजमी की शरीके हयात, शानदार अदाकारा शौकत कैफी, जिन्हें उनके… Read More

जन्मदिन पर विशेषः मजाज़ की शायरी में रबाब भी है और इंक़लाब भी

एक कैफ़ियत होती है प्यार। आगे बढ़कर मुहब्बत बनती है। ला-हद होकर इश्क़ हो जाती है। फिर… Read More

पश्चिम बंगाल: सरकार व्यस्त है गोबर जमा करने में, कला के चितेरे भूखों मर रहे

इस बार सोशल मीडिया पर कोलकाता के शोभा बाजार स्थित कुमारटुली (कुमोरटुली) के मूर्तिकारों के लिए लोगों… Read More

जयंती पर विशेष: हसरत मोहानी, वह शख्स जिसने दिया ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा और मांगी मुकम्मल आजादी

जंग-ए-आजादी में सबसे अव्वल ‘इंक़लाब ज़िंदाबाद’ का जोशीला नारा बुलंद करना और हिंदुस्तान की मुकम्मल आज़ादी की… Read More

जयंती पर विशेष: निदा ने मुल्क के लिए छोड़ दिया था मां-बाप को

दोहा जो किसी समय सूरदास, तुलसीदास, मीरा के होंठों से गुनगुना कर लोक जीवन का हिस्सा बना,… Read More