संस्कृति-समाज

मजाज़ः आंसू पोंछकर आंचल को परचम बनाने की बात करने वाला शायर

असरार उल हक ‘मजाज़’ उर्दू  साहित्य के उन महत्वपूर्ण शायरों में से एक हैं, जिनकी नज़्मों में… Read More

हीरा सिंहः गोंडवाना सांस्कृतिक, सामाजिक एवं राजनीतिक आंदोलन के युग का अंत

रायपुर। गोंडवाना सांस्कृतिक, सामाजिक  एवं राजनीतिक आंदोलन के एक महान युग का अंत हो गया है। गोंडवाना… Read More

पुण्यतिथिः साहित्य में दलित और स्त्री को विमर्श तक ले आने वाले राजेंद्र यादव विवादों से कभी हारे नहीं

हिंदी साहित्य को अनेक साहित्यकारों ने अपने लेखन से समृद्ध किया है, लेकिन उनमें से कुछ नाम… Read More

गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंतीः स्वराज के लिए जिये और सांप्रदायिकता से लड़ते दी जान

हिंदी पत्रकारिता में गणेश शंकर विद्यार्थी की हैसियत शिखर पुरुष के तौर पर है, तो वहीं देश… Read More

विद्यार्थी की जयंती पर विशेष: उनके लिए गांधी और भगत सिंह में भेद नहीं था

गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्म 26 अक्तूबर, 1890 को अपनी नानी गंगा देवी के घर अतरसुइया इलाहाबाद… Read More

पुण्यतिथि पर विशेषः साहिर का ‘वह सुबह कभी तो आएगी…’ बन गया था मेहनतकशों का तराना

साहिर लुधियानवी एक तरक्कीपसंद शायर थे। अपनी ग़ज़लों, नज़मों से पूरे मुल्क में उन्हें खूब शोहरत मिली।… Read More

पुण्यतिथि पर विशेषः इस्मत चुग़ताई को कुर्रतुल ऐन हैदर ने कहा था, ‘लेडी चंगेज़ खां’

उर्दू मॉडर्न कहानी के चार स्तंभ रहे हैं। कृश्न चन्दर, राजिंदर सिंह बेदी और सआदत हसन मंटो।… Read More