संस्कृति-समाज

पुण्यतिथि पर विशेषः अंदरूनी अत्याचारियों से विद्रोह चाहते थे लोहिया

अगर माखनलाल चतुर्वेदी एक भारतीय आत्मा थे तो डॉ. राममनोहर लोहिया एक बेचैन भारतीय आत्मा थे। वे… Read More

जन्म शताब्दी विशेषः अपेक्षित सम्मान से वंचित रह गए ‘महाराष्ट्र के गोर्की’ अन्नाभाऊ साठे

एक जुट का नेता हुआ मजदूर तय्यार!बदलने दुनिया सारी गरज रही ललकार!सदा लड़े, मरने से उसे ना… Read More

जयंती पर विशेष: जेपी का इस्तेमाल छोड़ें, उन्हें समझने की कोशिश करें

आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है और जाहिर है उन्हें पूरे देश में अलग-अलग तरीके से… Read More

जयंती पर विशेष: जनेऊ तोड़ने के बाद जब जेपी ने लिया सप्तक्रांति का संकल्प

संपूर्ण क्रांति आंदोलन के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आज जयंती है। हम एक दिन पूर्व उनके… Read More

पुण्यतिथिः मुंशी प्रेमचंद मानते थे- किसानों को स्वराज की सबसे ज्यादा जरूरत

हिंदी-उर्दू साहित्य में कथाकार मुंशी प्रेमचंद का शुमार, एक ऐसे रचनाकार के तौर पर होता है, जिन्होंने… Read More

पूंजी की सभ्यता-समीक्षा के कवि मुक्तिबोध

मुक्तिबोध गहन संवेदनात्मक वैचारिकी के कवि हैं। उनके सृजन-कर्म का केंद्रीय कथ्य है-सभ्यता-समीक्षा। न केवल कवितायें बल्कि… Read More

गांधी जयंती पर विशेष: बतख मियां न होते तो गांधी युग भी न होता

भारत की आज़ादी के आंदोलन की वैश्विक पहचान के पीछे महात्मा गांधी का महत्वपूर्ण व्यक्तित्व है और… Read More

जयंतीः तरक्कीपसंद शायरी में गजल को मुक़ाम दिलाने वाले शायर मजरूह सुलतानपुरी

मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगरलोग साथ आते गए और कारवां बनता गया उर्दू अदब… Read More