संस्कृति-समाज

जन्मदिन पर विशेष: जनवादी रंगमंच के पितामह गुरशरण सिंह का अधूरा सपना

नाटककार गुरशरण सिंह जनवादी रंगमंच के पितामह थे। उन्हें सब प्यार से ‘भा जी’ (भाई साहब) कहते… Read More

तरक्की पसंद तहरीक का ब्लू प्रिंट है सज्जाद जहीर का उपन्यास ‘लंदन की एक रात’

‘‘इंसानी ज़िंदगी का दायरा सिर्फ इश्क और मुहब्बत तक महदूद नहीं। क्या इसके अलावा और बहुत से… Read More

शहादत दिवस पर विशेष: शहादत देकर जगदेव प्रसाद ने रखी थी बिहार में सामाजिक न्याय की नींव

अपने देश में जितने दार्शनिक हुए, राजनीति विज्ञान के विद्वान हुए। अभी बहुत गहराई में यह बात… Read More