संस्कृति-समाज

जन्मदिन पर विशेष: हिन्दी साहित्य के ठहरे जल में तूफ़ान लाने वाले ओमप्रकाश वाल्मीकि

(जानी-मानी लेखिका और सोशल एक्टिविस्ट अनिता भारती ने यह लेख मशहूर हिन्दी लेखक-विचारक और हिन्दी में दलित… Read More

संथाल हूल के नायक-नायिकाओं के वंशज क्यों नहीं मना रहे हैं ‘हूल दिवस’?

30 जून, 2020 को संथाल हूल (विद्रोह) की 165 वीं वर्षगांठ है, लेकिन ‘हूल’ के नायक-नायिकाओं सिदो-कान्हू,… Read More

आखिरी वक्त में भी हाथ उठाकर बंधी रही चितरंजन भाई की मुट्ठी!

चितरंजन भाई अपने गांव लौट गए थे। कुछ महीने पहले। ग्राम सुल्तानपुर, तहसील बांसडीह, जिला बलिया, घाघरा… Read More

स्मृति शेष: ‘जुल्म और दमन के खिलाफ इंसाफ और लोकतंत्र की निर्भीक आवाज थे भाई चितरंजन सिंह’

आदरणीय चितरंजन भाई से अभी 10 अक्टूबर को टॉउनहाल बलिया में बहुत दिनों बाद मुलाकात हुई थी।… Read More

शाहूजी महाराज; एक राजा, जिसने रखी देश में लोकतंत्र और सामाजिक बराबरी की नींव

छत्रपति शाहूजी महाराज का जन्म 26 जुलाई, 1874 ई. को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था। उनके… Read More

जन्मदिवस पर विशेष: विष्णु प्रभाकर, कालजयी ‘आवारा मसीहा’ के मसीहा

भारतीय और हिंदी साहित्य में ‘आवारा मसीहा’ को विलक्षण एवं ऐतिहासिक मुकाम हासिल है। यह सर्वप्रिय महान… Read More

महात्मा अय्यनकली : ब्राह्मणवादी वर्चस्व को चुनौती देने वाला दक्षिण का पहला बाग़ी

( 28 अगस्त 1863 – 18 जून 1941 : केरल के दलितों शोषितों को नयी राह दिखाने वाले,… Read More