जंतर मंतर : ‘संसद चलो’ मार्च रोकने में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत, दागी आँसू गैस, भांजी लाठी

नीट पेपर लीक के खिलाफ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर जंतर मंतर से संसद भवन तक मार्च के लिए दिल्ली और देश भर के कोने-कोने से आए युवाओं की भीड़ को रोकने के लिए दिन भर काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी और आँसू गैस दागने से लेकर लाठियाँ चलनी पड़ीं। कइयों को हिरासत में भी लिया गया।

एक महीने से जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन और तीन हफ़्ते से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत अन्य की चल रही भूख हड़ताल के दौरान कोई प्रतिक्रिया न देने वाली केंद्र सरकार को थोड़ा पीछे हटना पड़ा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मिलने के लिए बुलाया जिन्होंने तीन मांगों का पत्र उन्हें सौंपा। इन मांगों में सोनम वांगचुक की रिहाई (उन्हें दो दिन पहले पुलिस ने उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया था), प्रधान को हटाने/इस्तीफ़ा लेने और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक एक करोड़ रुपए का मुआवज़ा देने की माँग शामिल है।

इससे पूर्व आइसा की नेहा, अमीन और मनीष कुमार ने अभिनेत्री, पूर्व सांसद शबाना आज़मी की उपस्थिति में भूख हड़ताल समाप्त की और अभिजीत दीपके जिन्होंने वांगचुक को जंतर मंतर से पुलिस द्वारा उठाये जाने के बाद भूख हड़ताल शुरू की थी, ने भी वांगचुक के कहने पर हड़ताल समाप्त की।

मार्च जंतर मंतर से संसद भवन तक होना था और रात से ही दिल्ली में युवाओं – छात्रों का आना जारी रहा। सुबह के समय पाँच मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़ गए लेकिन तब तक मध्य दिल्ली में हज़ारों युवा सड़कों पर पहुँच चुके थे। एक अनुमान के अनुसार करीब 50 हज़ार लोग पहुँचे थे हालाँकि सरकारी और पुलिस सूत्रों के अनुसार आठ हज़ार लोग सड़कों पर थे। संसद का सत्र आज से शुरू हुआ है इसके मद्देनजर पुलिस के कड़े बंदोबस्त थे और जगह जगह बैरिकेड लगाए गए थे।

पुलिस के बलप्रयोग में कइयों के घायल होने की सूचना है। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वांगचुक ने लिखित में अस्पताल से मार्च में हिस्सा लेने के लिए छोड़े जाने की अपील की थी।

(जनचौक ब्यूरो)

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