Wednesday, December 7, 2022

न जनता खुश, न कंपनियां फिर किस सनक की पूर्ति के लिये कोरोनाकाल में हो रहा टोकियो ओलंपिक?

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कोविड महामारी के बीच टोकियो ओलंपिक 2021 का शुभारम्भ हो गया है जो कि आठ अगस्त तक चलेगा। बावजूद इसके कि आयोजन शुरू होने से पहले ही टोकियो ओलंपिक से जुड़े 106 से अधिक खिलाड़ी और स्टाफ कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। इनमें से कई को संक्रमण टोकियो ओलंपिक के लिये बनाये गये खेल गांव में हुआ है। ऐसे में पूरी आशंका है कि टोकियो ओलंपिक कोरोना महामारी के लिये सुपर स्प्रेडर साबित हो सकता है। आधिकारिक शुरुआत के लिए शुक्रवार शाम को ओपनिंग सेरेमनी हुयी, जिसे कोरोना महामारी के चलते बेहद ही सामान्य रखा गया था। आज शाम 4.30 बजे हुये शुभारम्भ समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो आईओसी प्रमुख थॉमस बाक के साथ शामिल हुये। साथ ही इस मौके पर अमेरिका की पहली लेडी जिल बाइडेन भी मौजूद थीं।

बता दें कि टोकियो ओलंपिक गेम्स 2020 में होने थे, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इन्हें पूरे एक साल स्थगित करना पड़ा। ओपनिंग सेरेमनी में भारत के 20 एथलीट और 6 अधिकारी समेत कुल 26 लोग शामिल हुये।   

वहीं आज टोकियो में पिछले छह महीने से सबसे ज्यादा कोरोना वायरस संक्रमण के 2 हजार से अधिक मामले दर्ज़ किए गए, जबकि गुरुवार को 1979 और बुधवार को कोरोना वायरस के 1832 नए मामले दर्ज किए गए। टोकियो में कोरोना के बढ़ते मामलों से ओलंपिक खेलों के दौरान संक्रमण की स्थिति खराब होने की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को 1,979 नए मामले दर्ज किए गए, जो 15 जनवरी को सर्वाधिक 2,044 मामलों के बाद सबसे ज्यादा मामले हैं।

कई देशों के खिलाड़ी पाए जा चुके हैं पॉजिटिव

आज शुक्रवार को टोकयो ओलंपिक से जुड़े कोरोना वायरस के 19 नए मामले सामने आये। ओलंपिक आयोजकों ने रोज जारी होने वाले कोरोना अपडेट में बताया है कि तीन खिलाड़ी, खेलों से जुड़े दस कर्मचारी, तीन पत्रकार और तीन ठेकेदार कोविड पॉजिटिव पाये गए हैं। जिससे शुक्रवार को खेलों से जुड़े कोरोना के मामले बढ़कर 106 हो गए हैं जिनमें से 11 खिलाड़ी हैं। चेक गणराज्य की टीम का छठा मामला सामने आया है। देश की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कहा है कि चेक गणराज्य दल का छठा सदस्य और चौथा खिलाड़ी पॉजिटिव पाया गया है। रोड साइकिलिस्ट मिशेल श्लेजेल संक्रमित पाये गए हैं।

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इससे पहले चेक गणराज्य के दो बीच वॉलीबॉल खिलाड़ी और एक टेबल टेनिस खिलाड़ी भी पॉजिटिव आया था। चेक दल के डॉक्टर व्लास्तिमिल वोरासेक भी गुरूवार को पॉजिटिव पाये गये थे। इससे पहले एक वॉलीबॉल कोच भी संक्रमित हो गये थे।

जमैका का एक लंबी कूद का खिलाड़ी कारी मैकलियोड अपने देश में पॉजिटिव पाया गया जो अब खेलों में भाग नहीं ले सकेगा। अन्य देशों में से चिली का एक ताइक्वांडो खिलाड़ी, नीदरलैंड का स्केटबोर्ड खिलाड़ी और ताइक्वांडो खिलाड़ी भी पॉजिटिव पाये गये। दक्षिण अफ्रीका के दो फुटबॉल खिलाड़ी और अमेरिका का एक बीच वॉलीबॉल खिलाड़ी पॉजिटिव निकला था।

इससे पहले बृहस्पतिवार को ये बताया गया कि दो और एथलीट- नीदरलैंड्स की स्केटबॉर्डर कैंडी जैकब्स और चेक गणराज्य के टेबल टेनिस खिलाड़ी पावेल सिरुसेक और साथ में 10 सपोर्ट स्टाफ कोरोना से पीड़ित हैं। इनमें से कम से कम तीन मामले ओलंपिक विलेज के ही हैं।

कोरोना से संक्रमित होने के कारण अलग अलग देशों के चार खिलाड़ी बुधवार को टोकियो ओलंपिक से बाहर हो गए। इनमें तीन खिलाड़ी टोकियो के खेलगांव में जबकि एक अपने देश में ही संक्रमित पाये गये। ब्रिटेन की शीर्ष रैंकिंग की निशानेबाज अंबर हिल, चिली की ताइक्वांडो खिलाड़ी फर्नांडा एग्वायर, नीदरलैंड की स्केटबोर्ड खिलाड़ी केंडी जेकब्स और चेक गणराज्य के टेबल टेनिस खिलाड़ी पावेल सिरुसेक कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के कारण ओलंपिक से बाहर हो गये।

केंडी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर संदेश में घोषणा की कि उनका ओलंपिक अभियान अब खत्म हो चुका है। केंडी ने लिखा,- “मेरा दिल टूट गया है। दुर्भाग्य से मैं कोविड-19 पॉजिटिव पाई गई जिसका मतलब है कि मेरा ओलंपिक सफर यहीं खत्म हो गया। इन हालात से बचने के लिए जो संभव था वह किया और सभी एहतियात बरती थी।” 

12 जुलाई से 22 अगस्त तक टोकियो में आपातकाल

प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने 12 जुलाई को टोकियो में 22 अगस्त तक कोरोना आपात स्थिति लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद तब से रोज के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जापान में कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद क़रीब 8,53,000 मामले सामने आए हैं और 15,100 लोग जान गंवा चुके हैं।

चेक गणराज्य की वॉलीबॉल खिलाड़ी मार्केता नौशचु और नीदरलैंड्स की ताइक्वांडो खिलाड़ी रेशमी आगिंक को कोविड-19 जांच में पॉजिटिव आने के बाद ओलंपिक खेलों से हटना पड़ा है। इन दोनों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के संक्रमण के मामले 10 तक पहुंच गए हैं।

चेक गणराज्य राष्ट्रीय ओलंपिक समिति की ओर से आए बयान में कहा गया है, “मार्केता नौशचु कोविड-19 के नियमित जांच में लगातार निगेटिव आ रही थीं, लेकिन बुधवार के एक अस्पष्ट नतीजे के बाद गुरुवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।”

जो पिछले छह महीने (16 जनवरी के बाद) में सबसे ज्यादा हैं। बता दें कि टोकियो में फिलहाल आपातकाल लागू है जो 22 अगस्त तक जारी रहेगा। कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद यह इस शहर का चौथा आपातकाल है। टोकियो क्षेत्र के सभी खेल स्थलों पर प्रशंसकों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।


ओलंपिक आयोजन के ख़िलाफ़ जापान में हो रहे विरोध प्रदर्शन
जापान में जन भावना ओलंपिक आयोजन के ख़िलाफ़ है। कई जगहों पर तो लोगों ने सड़कों पर उतरकर आयोजन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किये हैं।

कोरोना संकट के बीच ओलंपिक खेल कराने के लिए जापान अपने ही लोगों के निशाने पर भी है। जापान में कई जगहों पर इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहा है। लेकिन वहां खेल कमेटी और सरकार संक्रमण को न फैलने देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) के अध्यक्ष थॉमस बैच ने कहा भी है कि ओलंपिक गेम सुपर स्प्रेडर इवेंट साबित नहीं होंगे। बावजूद इसके 1 जुलाई से अब तक ही ओलंपिक गेम्स से जुड़े 106 लोग कोविड संक्रमित पाये गये हैं।


खेलों को रद्द करना कभी विकल्प नहीं था- बाक

आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक को दो सप्ताह पहले टोकियो पहुंचने के बाद से विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेल शांति, एकजुटता और सद्भाव का संदेश देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि खेलों को रद्द करना कभी विकल्प नहीं था। आईओसी अध्यक्ष ने मेजबानों की प्रशंसा करते हुए कहा, दुनिया भर में अरबों लोग ओलंपिक खेलों का अनुसरण करेंगे और उनकी सराहना करेंगे। 

जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने मंगलवार को अधिकारियों से कहा था कि दुनिया को दिखाना है कि जापान ओलंपिक खेलों की सुरक्षित मेजबानी कर सकता है। कोरोना महामारी के बीच घोषित आपातकाल की स्थिति में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी, स्टाफ और मीडियाकर्मी टोकियो पहुंचे हैं। सुगा ने टोकियो ओलंपिक के तीन दिन पहले एक पांच सितारा होटल में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्यों के साथ बैठक में कहा था कि – “दुनिया बड़ी समस्याओं से घिरी है, ऐसे में हमें ओलंपिक की सफल मेजबानी करनी है। जापान को यह दुनिया को दिखाना है, हम जापान के लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखेंगे।”

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आयोजन की पूर्व संध्या पर हटाये गये उद्घाटन समारोह के डायरेक्टर

शुक्रवार की शाम के उद्घाटन समारोह के क्रिएटिव डायरेक्टरों में से एक, कॉम़ेडियन केन्टारो कोबायाशी को हटा दिया गया। दरअसल साल 1998 की अपनी एक हास्य प्रस्तुति में कोबायाशी ने यहूदियों का मजाक उड़ाते हुए एक शब्दावली इस्तेमाल की थी- “चलो होलोकॉस्ट होलोकोस्ट खेलें।” कोबायाशी पर अपनी किशोरावस्था में मानसिक रूप से विकलांग बच्चों को तंग करने के आरोप भी हैं।

गौरतलब है कि ओलंपिक और उसके बाद होने वाले पैरालम्पिक्स के उद्घाटन समारोह में कोबायाशी संगीत के क्रिएटिव डायरेक्टर बनाए गए थे। लेकिन सोमवार को उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अपने माफीनामे के बावजूद वो तीखी सार्वजनिक आलोचना से नहीं बच पाये। अपने ताजा माफीनामे में कोबायाशी ने कहा, – “मैं जानता हूं कि उस समय गलत शब्दों का बेवकूफी भरा चयन मेरी गलती थी और मुझे उसका अफ़सोस है। मेरी वजह से जिन्हें असुविधा हुई, मैं उनसे माफ़ी मांगता हूं।”

इसके बाद ओपनिंग सेरेमनी में जब दूसरा कॉमेडियन बुलाया गया तो उसे भी बाहर का रास्ता देखना पड़ा। उसका विवादित बयान यूँ था कि प्लस साइज वाली मॉडल को किसी कार्यक्रम में सुअर जैसी पोशाक पहनानी चाहिए जिसे दुनिया भर में अरबों लोग देख रहे होंगे। स्थानीय आयोजन समिति के प्रमुख रह चुके पूर्व जापानी प्रधानमंत्री योशिरो मोरी को भी इस्तीफा देना पड़ा था। उनका कहना ये था कि जिन कमेटी बैठकों में महिलाएं होती हैं वे हमेशा बहुत लंबी चलती हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री तारो आसो ने पिछले साल एक बात कहा थी कि 2020 के ओलंपिक खेलों पर ‘शाप’ लगा है।

हालात होंगे बदतर

विशेषज्ञों के एक पैनल ने टोकियो महानगर प्रशासन को भेजे अपने अनुमान में कहा है कि अगले सप्ताह के अंत तक “स्थिति तीसरी लहर की अपेक्षा और गंभीर हो जाएगी।” नये मामले हर रोज 2600 का आंकड़ा छू सकते हैं जिस समय खेल चल रहे होंगे और देश की चिकित्सा सुविधाओं पर बहुत भारी दबाव आ जाएगा।  

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कोरोनाकाल में खेल गांव में बांटे गये 1,60,000 कंडोम, और एंटी सेक्स बेड

आयोजन समिति ने इस बार खेल में खिलाड़ियों के बीच 1 लाख 60 हजार कंडोम बांटने का लक्ष्य रखा। जैसे ही ये ख़बर बाहर आई हंगामा मच गया। कोरोना में सोशल डिस्टेंसिंग पर फोकस करना है, तो कंडोम का वितरण क्यों? बता दें कि जिस देश में भी ओलंपिक का आयोजन होता है, वहां कंडोम बांटे जाते हैं। इसके पीछे वजह है उस देश में HIV के खतरे को घटाना।

कंडोम की खबर के बीच खिलाड़ियों के लिये लगाये गये बेड की भी चर्चा ख़ूब हुयी। इन्हें ‘एंटी सेक्स बेड’  कहा गया। एंटी सेक्स यानी उस पर खिलाड़ी चाह कर भी रोमांस नहीं कर पाएंगे। बता दें कि इस साल आयोजक कोरोना को फैलने से बचाने के लिए कई तरकीब निकाल रहे हैं। उसमें ये बेड भी शामिल हैं। पहले तो इस बार दर्शकों को कम संख्या में एंट्री दी जाएगी, दूसरी इस बार खिलाड़ियों के रहने वाले स्पेस को लोगों से दूर रखा जाएगा। ऐसे में बाहर से कोई अंदर एंट्री नहीं ले पाएगा।

दरअसल खिलाड़ियों के लिए जो बेड बनाया गया है वो कार्डबोर्ड से बनाया गया है। इसे ऐसे डिजाइन किया गया है कि ये सिर्फ़ एक शख्स का भार उठा पाएगा। अगर दो लोग इस पर चढ़े तो ये टूट जाएगा। साथ ही ये किसी तरह के झटके को बर्दाश्त नहीं कर पाएगा। थोड़ा सा भी प्रेशर इसे तोड़ देगा और खिलाड़ी पकड़ा जाएगा। बेड की तस्वीरें तब जारी की गईं जब अचानक ओलंपिक परंपरा के तहत खिलाड़ियों में कंडोम वितरण की न्यूज आई थी। आयोजकों का कहना है कि ऐसे बेड की वजह से सेक्स पॉसिबल ही नहीं है।

खिलाड़ियों ने जताया गुस्सा

अपने बेड की तस्वीरें देख टोकियो ओलंपिक में भाग ले रहे कई खिलाड़ियों में गुस्सा है। खिलाड़ियों का कहना है कि ये बेड उनका खुद का भार नहीं सह पाएगा। बेड का साइज भी काफी छोटा है। अगर रात को नींद नहीं आएगी तो वो अच्छे से परफॉर्म नहीं कर पाएंगे। वहीं कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि अगर ऐसे बिस्तर पर सुलाना है तो कंडोम क्यों बाट रहे हो?

कोरोना के कारण ओलंपिक आयोजकों को भारी नुकसान

अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति ने टोकियो ओलिंपिक और पैरा ओलिंपिक खेलों के लिए 6.7 अरब डॉलर का बजट रखा है। इसमें से आधी रकम प्रायोजकों से हासिल होगी। इन खेलों के लिए बुनियादी सुविधाएं तैयार करने का खर्च टोकियो मेट्रोपॉलिटिन शासन ने वहन किया है। उन सबको मिला कर इन खेलों के आयोजन पर 15.4 अरब डॉलर खर्च होने का अनुमान है। दरअसल प्रायोजित कंपनियां आईओसी की आमदनी का बड़ा स्रोत हैं, लेकिन 1993 के बाद से आईओसी की कुल आय में उनका हिस्सा सिर्फ 21 फीसदी रह गया है। बाकी 79 प्रतिशत हिस्सा प्रसारक कंपनियों से आता है।

वहीं आलोचकों का दावा है कि इसीलिए प्रायोजक कंपनियों की चिंताओं पर ज्यादा ध्यान ना देते हुए आईओसी ने खेलों के आयोजन का फैसला किया, ताकि टीवी प्रसारकों को नुकसान ना हो। दरअसल टोकियो ओलिंपिक के प्रायोजकों में जापानी कंपनियां असाही और निप्पन भी शामिल हैं। लेकिन इस बार चूंकि दर्शकों के आने पर रोक लगा दी गई है, इसलिए स्टेडियमों के अंदर उन्हें अपने बीयर या नई एआर टेक्नोलॉजी का विज्ञापन करने का मौका नहीं मिलेगा। कंपनियां लोगों में मौजूद इस आम भय के कारण भी चिंतित हैं कि ये खेल कोरोना संक्रमण का सुपर स्प्रेडर साबित होंगे।

कोरोना महामारी के बावजूद ओलिंपिक आयोजन पर अड़े रहने के अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) के फैसले से प्रायोजित कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कंपनियों की राय में अब ये आयोजन उस तरह के निवेश का अवसर नहीं रह गया है, जैसा आम तौर पर ओलिंपिक खेल होते हैं। इन खेलों के दौरान अपने टीवी विज्ञापन वापस नहीं चलाने के टोयोटा कंपनी के फैसले से यही बात जाहिर हुई है। 
बता दें कि टोयोटा जापान की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है।

वह टोकियो ओलिंपिक्स के सबसे बड़े प्रायोजकों में है, लेकिन उसने एलान किया है कि शुक्रवार को ओलिंपिक के उद्घाटन समारोह में कंपनी के अधिकारी भाग नहीं लेंगे। विश्लेषकों का कहना है कि ओलिंपिक्स दुनिया भर के करोड़ों लोगों के सामने अपने प्रोडक्ट की पहचान पेश करने का एक अनूठा मौका होते हैं। इसलिए कंपनियां उस आयोजन के महीनों पहले से अपने विज्ञापन अभियान में जुट जाती हैं। लेकिन इस बार महामारी और इसके बीच इन खेलों का आयोजन करने को लेकर उठे विवाद से कंपनियां उस स्थिति में नहीं हैं। 

पाइन स्पॉर्ट्स मीडिया स्ट्रेटेजीज के सीईओ और आईओसी के पूर्व मार्केटिंग और प्रसारण निदेशक माइकल पाइन ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम को बताया है कि कोविड के कारण सभी विज्ञापन अभियानों को नुकसान हुआ है।
वहीं आईओसी का कहना है कि उसके सभी पार्टनर्स ने बहुत सहयोगी रुख अपनाया है। उन सबका ध्यान एथलीट, अधिकारियों और जापान के लोगों की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। गौरतलब है कि आईओसी अपने 15 सबसे बड़े स्पॉन्सर्स को ओलिंपिक पार्टनर कहती है। इन कंपनियों में कोका कोला, ब्रिजस्टोन, ओमेगा, टोयोटा, वीजा, पैनासोनिक, डॉव, एयरएनबी, अलीबाबा, जनरल इलेक्ट्रिक, प्रोक्टर एंड गैंबल, एटॉस, इंटेल, एलायंज और सैमसंग शामिल हैं। इन कंपनियों को आईओसी से लंबी अवधि के मार्केटिंग अधिकार मिले हुए हैं।

11 हजार एथलीट, 33 खेल, 84 मेडल इवेंट्स में हिस्सा लेंगे भारत के खिलाड़ी

टोकियो ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए 205 देशों से 11 हजार एथलीट टोकिये पहुंचे हैं। 17 दिनों तक यहां 33 अलग-अलग खेलों के 339 इवेंट्स होंगे। इस बार ओलंपिक में मैडिसन साइकलिंग, बेसबॉल और सॉफ्टबॉल की वापसी हुई है। वहीं 3X3 बॉस्केटबॉल और फ्रीस्टाइल BMX को इसमें शामिल किया गया है।

कोविड महामारी के चलते एक साल की देरी से हो रहे टोकियो ओलंपिक्स में भारत के 119 एथलीट अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। यह ओलंपिक में भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल है। इसमें 67 पुरुष और 52 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय दल में 228 सदस्य हैं जिनमें अधिकारी, कोच, सहयोगी स्टाफ और वैकल्पिक खिलाड़ी शामिल हैं। भारत कुल 85 मेडल इवेंट्स में हिस्सा लेगा। ओलंपिक में कुल 5600 एथलीट भाग लेंगे। जिनमें अमेरिका के 600, जापान के 500 और चीन के 431 एथलीट शामिल हैं।

(जनचौक के विशेष संवादादाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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